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कहीं आपका पति कट्रोलिंग नेचर का तो नहीं, पहचानिए
शादी के बाद किसी भी व्यक्ति का जीवन पूरी तरह से बदल जाता है। नए जीवन में प्रवेश होते ही व्यक्ति को कई सारी एडजस्टमेंट करनी पड़ती हैं और अक्सर कपल्स इसके लिए तैयार भी होते हैं। लेकिन एक कपल के रूप में नए जीवन में एडजस्ट करना और आंख मूंदकर अपने पति की हर बात को मानने में अंतर होता है। कई बार पति बहुत अधिक कण्ट्रोलिंग होते हैं और पत्नी उनकी हर बात मानने लग जाती हैं। उन्हें इस बात का अहसास तक नहीं होता है कि उनके पति बहुत अधिक कण्ट्रोलिंग हैं।

अमूमन एक पत्नी अपने पति की खुशी के लिए उसकी हर बात मानने के लिए तैयार हो जाती है। उसे लगता है कि यही उसका धर्म है। लेकिन बतौर पत्नी अपने फर्ज निभाने और पति की हर जायज-नाजायज बात को मानने में अंतर होता है। इसके लिए जरूरी है कि आप पहले यह समझें कि आपके पति स्वभाव से कण्ट्रोलिंग हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही संकेतों के बारे में बता रहे हैं, जो आपके पति के कण्ट्रोलिंग नेचर की ओर इशारा करते हैं-
वह आपको अपनों से अलग करता है
जो पति कण्ट्रोलिंग होता है, वह हमेशा अपनी पत्नी पर एकाधिकार चाहता है। उसकी यही इच्छा होती है कि उसकी पत्नी हर रूप में सिर्फ और सिर्फ उस पर ही निर्भर हो। इसलिए वह उसके सपोर्ट सिस्टम जैसे परिवार, दोस्तों या अन्य करीबियों से उसे दूर करने की कोशिश करता है। वह आपको यह समझाने की कोशिश करेगा कि सिर्फ वही उसे समझता है और प्यार करता है। एक बार जब पत्नी का सबसे अलगाव हो जाता है, तब वह अपनी हर मर्जी उस पर थोपना शुरू कर देता है।
आलोचना को स्वीकार नहीं कर सकता
दुनिया में कोई भी व्यक्ति पूरी तरह से परफेक्ट नहीं है और इसलिए हम सभी को कभी ना कभी क्रिटिसिज्म का सामना करना पड़ा है। अधिकतर स्थितियों में लोग इसे पॉजिटिव तरीके से लेते हैं। लेकिन अगर एक व्यक्ति स्वभाव से कण्ट्रोलिंग होता है तो वह कभी भी अपनी आलोचना को बर्दाश्त नहीं कर सकता। दरअसल, उसे हमेशा पावर में रहने और दूसरों पर अपनी हुकूमत चलाने की आदत होती है। ऐसे में अगर कोई उसकी कमी बताता है तो वह जल्द ही हिंसक हो जाता है।
फीलिंग्स के साथ प्ले करना
कण्ट्रोलिंग पार्टनर की यह खासियत होती है कि वह अपनी पत्नी के दिलों-दिमाग को अपने कण्ट्रोल में रख सकता है। हो सकता है कि वह आपसे बिना किसी वजह के झगड़ा करे और आपको यह अहसास कराने की कोशिश करे कि हमेशा आप ही गलत है। ऐसे पति की पत्नी के भीतर आत्मसम्मान धीरे-धीरे कम होने लगता है। उसे अपने पति की डांट भी सही लगने लगती है और वह हर गलत चीज के लिए खुद को ही दोष देती है।
क्लोज-माइंडेड होना
एक ओपन माइंडेड इंसान कभी भी रिलेशनशिप में अपने पार्टनर को कण्ट्रोल करने की कोशिश नहीं करता है। वह पति और पत्नी दोनों को समान समझता है और दोनों की इच्छाओं व राय का सम्मान करता है। लेकिन अगर पति कण्ट्रोलिंग होता है तो वह अमूमन क्लोज माइंडेड ही होता है। उसे कभी भी दूसरे व्यक्ति के प्वाइंट ऑफ व्यू को समझने यहां तक कि उसे सुनने में भी कोई दिलचस्पी नहीं होती है।
रिश्ते में प्यार नहीं डर होना
यह भी कण्ट्रोलिंग पति का एक संकेत है। जब पति कण्ट्रोलिंग होता है तो अपनी पत्नी के जीवन के हर छोटे-बड़े फैसलों पर उसका ही नियंत्रण होता है। यहां तक कि कण्ट्रोलिंग पति स्वभाव से बहुत अधिक गुस्सैल व आक्रामक हो सकते हैं। इस स्थिति में पत्नी हमेशा ही एक डर के साए में जीती है। जब वह अपने पति के साथ होती है तो उसके मन में खुशी नहीं, बल्कि एक डर होता है। उसे हमेशा यही लगता है कि कहीं उसके किसी काम या बात से उसके पति को गुस्सा ना आ जाए।



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