क्या आप हैं ऐसे मर्द जिन्हें अपनी बीवी से लगता है डर?

ये मज़ाक की बात नहीं है। ज़हरीला और दम घोंटने वाला रिश्ता खतरनाक होता है। जब आप एक ऐसे रिश्ते में होते हैं जहां लड़ाई झगड़ा और हिंसा हो तो वहां अपने पार्टनर से घबराना नेचुरल बात है। ये सिर्फ पुरुषों पर ही नहीं महिलाओं पर भी लागू है। जब पति गाली गलौज करने वाला शख्स हो तो पत्नी भुगतती है और वहीं अगर पत्नी ज़्यादा आक्रामक हो तो मर्दों को झेलना पड़ता है।

कुछ समय पहले हुए सर्वे में ये दावा किया गया है कि पुरुष भी इस तरह की परेशानियों से जूझ रहे हैं। मगर दोस्त और रिश्तेदारों द्वारा मज़ाक उड़ाए जाने के डर से वो इस बात को दुनिया के सामने स्वीकार नहीं करते हैं। इस स्थिति के बारे में और जानकारी हासिल करने के लिए पढ़े ये आर्टिकल।

डर या कुछ और?

डर या कुछ और?

हाल ही में एक सर्वे कराया गया जिसमें 1000 पुरुष शामिल थे और ये वो लोग थे जिनकी शादी कामयाब नहीं हो सकी। गुप्त तौर पर पुरुषों ने बताया कि उन्हें काम के बाद ऑफिस से घर जाने में भी डर लगता था। इन सबके डरने की वजह अलग अलग हो सकती है जैसे बहस, नखरे, ड्रामा या फिर ब्लैकमेल जो इनके पूरे दिन को खराब करने के लिए काफी है।

नार्सिसिस्ट पर्सनालिटी?

नार्सिसिस्ट पर्सनालिटी?

ज़्यादातर केस में, जब पति अपनी पत्नी के अंदर नार्सिसिस्ट पर्सनालिटी डिसऑर्डर के लक्षण अनुभव करने लगता है तब उसे उस रिश्ते से भय हो जाता है। ये बात पत्नियों पर भी लागू होती है। इस डिसऑर्डर से ग्रसित पुरुष अपनी पत्नी के लिए मुसीबत बन जाते हैं।

नार्सिसिस्ट पर्सनालिटी डिसऑर्डर में व्यक्ति सिर्फ अपने बारे में सोचता है। वो अपने आप को सबसे ऊपर समझता है और दूसरों की परवाह नहीं करता।

अन्य परेशानी

अन्य परेशानी

पुरुषों द्वारा जो दूसरी परेशानी बताई गयी वो है इस सारी समस्या को खुद के अंदर दबा कर रखना। उन्हें इस परिस्थिति से बाहर निकलने का कोई रास्ता नज़र नहीं आता है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि समाज में पुरुषों को मज़बूत माना जाता है और वो रो नहीं सकते और नहीं खुद को कमज़ोर दिखा सकते हैं। इस वजह से वो अपने दोस्तों से इस तरह के मुद्दों पर बात करने के बजाय उसे खुद तक ही सीमित रखते हैं।

गुस्सा

गुस्सा

जब पत्नी या फिर पति गुस्सैल होता है तो उसके पार्टनर को बहुत ज़्यादा तनाव और एंग्जायटी का अनुभव होता है और ऐसा कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन के स्राव से होता है। शरीर में कई तरह के केमिकल बदलाव आने लगते हैं जो व्यक्ति को इस तरह की परिस्थिति को झेलने या फिर अटैक करने के लिए तैयार करने का प्रयास करते हैं।

स्थिति के बीच में फंसे होना

स्थिति के बीच में फंसे होना

इस तरह के घुटन वाले रिश्ते में ज़्यादा समय तक फंसे रहने से सेहत पर बहुत ज़्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है। उनमें स्ट्रेस, एंग्जायटी और डिप्रेशन की प्रॉब्लम आ जाती है।

कारण का पता लगाएं

कारण का पता लगाएं

अगर आप अपने पति या पत्नी के ख्याल से ही घबरा जाते हैं तो उसके पीछे छिपे कारण का पता लगाना बहुत ज़रूरी है। आप अपने पार्टनर के गुस्से, हिंसा, बहस या फिर उनकी किसी ब्लैकमेलिंग से डरते हैं, ये जानना आपके लिए आवश्यक है।

मदद लें

मदद लें

एक बार जब आप ये जान लेंगे की इस भय की वजह क्या है तो फिर उस मुद्दे को लेकर अपने पार्टनर से बात करें और कोई हल निकालें। अगर आपका पार्टनर इसे लेकर हिंसक हो जाता है तो आपको किसी दूसरे व्यक्ति से मदद लेनी चाहिए। अपने परिवार के सदस्यों को इसके बारे में बताएं और साथ ही काउंसलिंग एक्सपर्ट से सलाह लें। अगर आप इस डर को अपने दिलो-दिमाग में घर करने देंगे तो आपकी ज़िंदगी नरक बन जाएगी।

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