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women's day : पति और ससुराल वाले करते हैं ज़ुल्म तो आप इस तरह करें डोमेस्टिक वायलेंस की शिकायत

भारत में घरेलू हिंसा को लेकर रोज हजारों केस सामने आते हैं, इसमें सबसे जरूरी बात ये है कि काफी सारी महिलाएं आज भी पति के द्वारा मार-पीट करने पर अपनी आवाज नहीं उठाती हैं, ऐसा पढ़ी-लिखी महिलाओं के साथ भी होता है, लेकिन समाज, परिवार, शर्म के कारण उनकी आवाज दबी रह जाती है। लेकिन आपको ये अहम बात बता दें कि घरेलू हिंसा सिर्फ पति द्वारा नहीं बल्कि माता-पिता, ससुराल और परिवार के दूसरे सदस्यों के द्वारा भी होती है। महिलाएं इसको अपनी मजबूरी समझ कर अपनी कमजोरी बना लेती हैं। पति के द्वारा मारपीट होने पर कई बार महिला का खुद का परिवार भी उसकी हेल्प करने सामने नहीं आता है। तो ऐसे में आपको अपनी आवाज खुद ही बुलंद करनी होगी। इसके लिए आपको कहीं बाहर निकल कर नहीं जाना है, आप कॉल या इंटरनेट के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करवा सकती है। क्योंकि जब तक आप आवाज नहीं उठाएंगी तब तक आपके साथ ऐसा होता रहेगा और आगे भी आने वाली पीढ़ी भी यही करेगी।

Domestic violence : डोमेस्टिक वायलेंस भी कई तरह के होते हैं-
घरेलू हिंसा में सिर्फ तीखी बहस, शारीरिक या भावनात्मक उत्पीड़न नहीं बल्कि इसमें आर्थिक शोषण भी आता है। जिसमें महिलाओं से जबरदस्ती काम करवाया जाता है। उनसे मजदूरी करवाई जाती है। अगर पढ़ी-लिखी महिला है तो उसके साथ भी इसी तरह से व्यवहार होता है, उसकी आय पति या ससुराल के द्वारा रख ली जाती है। समाज में इसे सामान्य माना जाता है लेकिन ये एक गंभीर उत्पीड़न की श्रेणी में आता है।
देश में डोमेस्टिक वायलेंस और महिला उत्पीड़न सिर्फ निचले तबके या मध्यम वर्ग तक सीमित नहीं है बल्कि ये उच्च और हाई क्लास लोगों के द्वारा भी किया जाता है। भारत में महिलाओं के लिए डोमेस्टिक वायलेंस और उत्पीड़न के खिलाफ सख्त कानून तो हैं लेकिन महिलाएं अपनी चुप्पी के कारण इन कानूनों का इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं।

Domestic violence : डोमेस्टिक वायलेंस पर राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण भारत सरकार के आंकड़ें चौंकाने वाले हैं, जिसमें ये बताया गया है कि देश में अशिक्षित महिलाओं की तुलना में पढ़ी-लिखी महिलाएं ज्यादा घरेलू हिंसा की शिकार होती हैं। पढ़ी-लिखी महिला को पति के द्वारा मारपीट का अधिक खतरा होता है। सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि 31% विवाहित महिलाओं ने अपने जीवनसाथी द्वारा शारीरिक, यौन या भावनात्मक हिंसा का अनुभव किया है।

Domestic violence : घरेलू हिंसा की शिकायत आप कैसे कर सकती हैं-
1.राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) को शिकायत करे।
2. NCW की वेबसाइट- ncwapps.nic.in पर ‘रजिस्टर ऑनलाइन कम्प्लेंट्स' पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकती हैं।
3. 1091 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकती है।
4. [email protected] पर मेल के द्वारा भी शिकायत दर्ज करवा सकती हैं।

Domestic violence : घरेलू हिंसा की शिकायत आप कैसे कर सकती हैं-
5.घरेलू हिंसा की शिकार महिला संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 18 के तहत कोर्ट से मदद मांग सकती है।
6.पीड़ित महिला पति/ रिश्तेदारों के खिलाफ धारा 498A के अंतर्गत एफआईआर भी दर्ज करवा सकती है।



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