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Sex Problems In Relationship: रिलेशनशिप में इमोशनल इश्यू जो पुरुषों की सेक्स ड्राइव को करते हैं प्रभावित
सेक्स और इंटीमेसी हर पुरुष की सबसे बड़ी चाहत होती है। चाहे उनकी उम्र कितनी ही बढ़ गई हो या फिर रिश्ते में सेक्सुअल ओरिएंटेशन कुछ भी हो। दरअसल, सेक्स और मेंटल हेल्थ आंतरिक रूप से एक साथ जुड़े हुए हैं। अगर आप मेंटल स्ट्रेस में हैं तो आप सेक्स के लाभों सही से नहीं पा सकते हैं। ये एक कॉमन फैक्ट है कि बिल्ट-इन मेडिकल प्रॉबलम्स मर्दों के सेक्स ड्राइव को प्रभावित करती है। इसमें मेंटल और इमोशनल इश्यू भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से, वे सेक्स की इच्छा को कम कर देते हैं। जिससे डिले इजेकुलेशन, एनोर्गास्मिया और कम एक्साइटमेंट के साथ समस्याओं पैदा हो सकती हैं।

मेंटल और इमोशनल वेलनेस के बिना सेक्सुअल लाइफ असंभव है। आत्म-सम्मान के मुद्दे, स्ट्रोक,टेंशन, मेंटल डिसऑर्डर बन जाते हैं। जिससे पुरूष अपनी सेक्सुअल डिजायर्स का पूरी तरह से मजा नहीं ले पाते हैं।
तो आइए जानते हैं कि मेंटल हेल्थ और सेक्सुअल प्रॉबलम्स (Sex Problems) के बीच की क्या तार जुड़े हुए हैं और कैसे इसमें हेल्प मिल सकती है। केट स्कुराट जो लाइसेंस प्राप्त मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता हैं, इस बारें में विस्तार से बताती हैं-

पुरुषों की सेक्स लाइफ पर तनाव का असर
फाइनेंस, जॉब, एजिकेशन, सामाजिक दबाव, लाइफ-स्टाइल, रिलेशनशिप से रिलेटेड प्रॉबलम्स (Sex Problems) स्ट्रेस को बढ़ाते हैं, जो पुरूषों की सेक्सुअल हेल्थ को प्रभावित करते हैं।
सेक्स ड्राइव में कमी का अनुभव करना और सेक्स को प्रायोरिटी ना देना, कॉमन बात है। तनाव के फिजिकल और मेंटल इलनेस, थकावट, नींद ना आना, हाई ब्लड प्रेशर, एनर्जी की कमी, चिंता और चिड़चिड़ापन पुरूषों की सेक्स लाइफ पर गहरा असर डालती है।

एंन्जाइटी और पुरूषों की सेक्स प्रॉबलम्स
एंन्जाइटी के कारण पुरूषों में कई तरह की यौन समस्याएं जैसे शीघ्रपतन, ईडी और सेक्स से परहेज बहुत ही आम होता जा रहा है। ED से लगभग 37 फीसदी पुरुष पीड़ित है। वहीं 20 से 35 वर्ष की आयु के युवा पुरुषों में सेक्स का डर भी एक समस्या बनता जा रहा है।

इसके कुछ कारण हैं-
1. निगेटिव सेक्सुअल एक्सपिरियंस के कारण खुद का कम आत्मसम्मान, बेकार की भावना, चिंता को बढ़ावा, सेक्सुअल प्लेजर कम होता जाता है।
2. खुद के बारें में निगेटिव सोंच रखा- जैसे- मैं सेक्स में बहुत अच्छा नहीं हूं।
3.मैं अपने पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाता हूं।
4.मुझे अच्छा सेक्स करना है।

डिप्रेशन के कारण सेक्स में कमी
आज की भागदौड़ भरी में जिंदगी में पुरुषों में डिप्रेशन कॉमन होता जा रहा है। इसके साथ ही पुरूष अपने मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में बात नहीं करते हैं। जिसके कारण पुरुष थोड़ा अलग तरीके से अनुभव करते हैं। गुस्सा, चिड़चिड़ापन बढ़ता जाता है। वहीं थकान, सुस्ती , चिंता, शर्म, निराशा भी बढ़ने लगती है।

इसके कारण हैं-
-पार्टनर के साथ भावनाओं में कमी
-सोचने, बात करने या सेक्स शुरू करने के बारे में संदेह
-कम सेक्स ड्राइव
-नपुंसकता
-यौन आत्मसम्मान
-ऑर्गेज्म होने में परेशानी

आत्मसम्मान के मुद्दे
आपके खुद के साथ संबंध आपकी सेक्लुअलिटी के सबसे प्रभावशाली रीजन में से एक हैं । जबकि किसी भी व्यक्ति के लिए इनसिक्योरिटी और कमजोरियों का होना कॉमन है। अपने खुद के लिए खराब छवि बना लेना पुरूषों की यौन आत्म-सम्मान को कम करता जाता है।

अपनी सेक्सुअलिटी को लेकर चिंता
पुरूषों को अक्सर अपनी सेक्सुअलिटी को लेकर काफी चिंता रहती है। अपनी कामुकता पर सवाल उठाना, या अपने पार्टनर के बारें में विचार करना कि वो आपके सेक्स से खुश नहीं रहती है। जिसमें ये कारण प्रभावित करते हैं-
-धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएं
-सेक्स को लेकर चर्चा ना होना, खुलेपन नहीं होना
-मौजूदा पार्टनर से ब्रेकअप या तलाक का डर
-अतीत का दर्दनाक अनुभव
-यौन जागरूकता या शिक्षा का अभाव
-सेक्स को लेकर शर्म की भावना
सबसे अहम बात ये है कि हर किसी की सेक्स ड्राइव अलग होती है, एक दूसरे की सेक्सुअल डिजाइर भी अलग होती है। वहीं पुरुष सेक्सुअल प्रेक्टिस में परेशानी होना भी कॉमन है। लेकिन अगर वे कुछ महीनों से ज्यादा वक्त तक रहते हैं तो चिकित्सीय सलाह और उपचार लेने पर विचार करें।



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