Latest Updates
-
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म -
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर
Pocketing Relationship: क्या है ये पॉकेटिंग रिलेशनशिप? कहीं आप भी तो अनजाने में नहीं निभा रहे हैं ऐसा रिश्ता
Pocketing Relationship: रिलेशनशिप में "पॉकेटिंग" एक ऐसा व्यवहार है जिसमें कोई व्यक्ति अपने साथी को अपने सामाजिक जीवन से छिपाने या अलग रखने का प्रयास करता है। इसका मतलब यह है कि व्यक्ति अपने परिवार, दोस्तों या सामाजिक दायरे में अपने रिश्ते का खुलासा नहीं करता या अपने साथी को इनमें शामिल नहीं करता।
यह व्यवहार उस समय स्पष्ट रूप से देखा जाता है जब एक व्यक्ति अपने सोशल मीडिया, पारिवारिक समारोहों या दोस्तों की मुलाकातों में अपने पार्टनर का उल्लेख करने या उन्हें शामिल करने से बचता है। रिलेशनशिप में पॉकेटिंग के बारे में विस्तार से जानते हैं।

पॉकेटिंग के संकेत (Signs of Pocketing Relationship)
1. सोशल मीडिया पर कोई निशान नहीं: अगर आपका साथी सोशल मीडिया पर अपने रिश्ते को जाहिर करने से बचता है और आपको उनके पोस्ट या स्टोरी में शामिल नहीं करता, तो यह पॉकेटिंग का एक संकेत हो सकता है।
2. दोस्तों और परिवार से दूरी: पॉकेटिंग करने वाले लोग अपने पार्टनर को अपने दोस्तों और परिवार से मिलवाने में असहज महसूस करते हैं या इसे टालते रहते हैं। वे अपने करीबी लोगों के सामने आपके बारे में बात करने से बचते हैं।
3. सार्वजनिक रूप से साथ नहीं दिखना: पॉकेटिंग में व्यक्ति सार्वजनिक रूप से अपने पार्टनर के साथ समय बिताने से बचता है, जैसे रेस्तरां, शॉपिंग या सामाजिक समारोहों में उन्हें साथ नहीं ले जाता।
पॉकेटिंग के कारण:
1. रिश्ते में अनिश्चितता: कुछ लोग अपने रिश्ते को लेकर निश्चित नहीं होते और इसलिए वे इसे दूसरों से छिपाते हैं। वे शायद यह देखना चाहते हैं कि यह रिश्ता लंबे समय तक चलेगा या नहीं।
2. सामाजिक दबाव: परिवार या दोस्तों की अपेक्षाओं के कारण भी पॉकेटिंग हो सकती है। उदाहरण के लिए, यदि साथी का परिवार या मित्र किसी खास जाति, धर्म या सामाजिक वर्ग के व्यक्ति से रिश्ते को स्वीकार नहीं करेगा, तो व्यक्ति अपने रिश्ते को छिपाने का प्रयास कर सकता है।
3. संगठनात्मक कारण: कुछ लोग अपने पेशेवर या सामाजिक छवि को लेकर चिंतित होते हैं और अपने निजी जीवन को पेशेवर जीवन से अलग रखना चाहते हैं, जिससे वे रिश्ते को छिपाते हैं।
पॉकेटिंग का प्रभाव:
रिश्ते में पॉकेटिंग का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यह व्यवहार उस व्यक्ति को भावनात्मक रूप से कमजोर और अस्वीकार्य महसूस करा सकता है जिसे छिपाया जा रहा है। लंबे समय तक इस प्रकार का व्यवहार रिश्ते में विश्वास की कमी और भावनात्मक दूरी पैदा कर सकता है। व्यक्ति यह महसूस कर सकता है कि उसका साथी उसे पूरी तरह स्वीकार नहीं कर रहा है, जिससे तनाव और असुरक्षा का जन्म होता है।
पॉकेटिंग से कैसे निपटें:
अगर आपको लगता है कि आपके रिश्ते में पॉकेटिंग हो रही है, तो सबसे पहले इस मुद्दे पर अपने साथी से खुलकर बात करें। रिश्ते में स्पष्टता और पारदर्शिता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
