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Mother-Daughter Relationship: इन इशारों का मतलब है आपकी मां के साथ टॉक्सिक रिलेशन है
हर बच्चे के लिए उसकी मां दुनिया की सबसे अच्छी इंसान होती है, सबसे बेस्ट मॉम होती है, जिसके अंदर किसी तरह की कोई खामी नहीं होती है। हर बच्चे के लिए उसकी मां आइडियल मॉम होती है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि बच्चे अपनी मां के बारें में जो विचार करते हैं मां उसकी बनाई योग्यताओं से अलग होती जाती है। वो आदर्श वास्तविकता से मेल नहीं खाती है। क्योंकि किसी भी उम्र के बच्चे अपने पेरेंट्स को रोल मॉडल के रूप में देखते हैं। और उनके गलत कदमों को माफ करने की कोशिश करेंगे, चाहे वे कितनी भी बार-बार क्यों न हों। एक बेटी के तौर पर उसकी मां उसकी दोस्त भी होती है, जिससे वो अपनी सारी बातें शेयर करती हैं, दुख, परेशानी भी मां अपनी बेटी के साथ मां शेयर करती है। लेकिन जब आप अपनी मां को नहीं समझ पा रही होती या फिर मां अपनी बेटी को नही समझती तो रिश्ता टॉक्सिक होने लग जाता है।

टॉक्सिक मां काफी क्रिटिकल होती है
जब एक मां अपनी बेटी के हर काम को जज करना शुरू कर देती है, उसके दोस्तों से लेकर उसकी नौकरी, उसकी डेट, सब कुछ बेटी की मां जज करती है। तो ये मां-बेटी के रिश्ते के लिए बेहतर नहीं माना जा सकता है। अगर बेटी का वेट ज्यादा हो रहा है, या फिर फैमली और दोस्तों के साथ उसकी बातचीत भी मां को पसंद ना आए और हर बात पर बेटी को गलत ठहराए। डॉ एलिसा रॉबिन, पीएचडी, एक लाइसेंस प्राप्त मनोवैज्ञानिक कहती हैं कि आपकी मां आपकी लाइफ की आलोचक तो इस बारें में आप उनसे बैठकर बात जरूर करें। वो ऐसा क्यों करती हैं, इसके बारें में आपको अपनी मां से जरूर बात करनी चाहिए।
टॉक्सिक मॉम जो आपकी हर बात को खारिज़ करती हैं
कई बार ऐसा होता है कि आप किसी परेशानी में हैं और उसका हल ढूढ़ रहे हैं, लेकिन आपकी मां मदद करने की कोशिश करने के बजाय वो आपकी भावनाओं को अनदेखा करती है। आपको पता है कि आपकी मां उस परेशानी को सॉल्व कर सकती हैं , लेकिन वो ऐसा नहीं करना चाहती हैं, उनको अपनी बेटी की समस्या को सॉल्व करने में कोई इंट्रस्ट नहीं है। तो ऐसी स्थिति में बेटी के दिल में अपनी मां के लिए इज्जत कम होने लग जाती है, वो दोबारा अपनी समस्या को लेकर मां के पास आना बंद कर देती है।
टॉक्सिक मां बेटी से झगड़ती है
आपकी मां आपसे किसी ना किसी बात को लेकर आपस से झगड़ती रहती हैं, उनको आपका कोई भी काम पसंद नहीं आता है, हर काम में कमी निकालकर उनको लड़ना होता है। डॉ रॉबिन बताते हैं, "किसी भी रिश्ते में कुछ तर्कों की अपेक्षा की जाती है तो रिश्ते के लिए निगेटिव तत्व आने लगते हैं। इससे मां/बेटी का रिश्ता खराब हो सकता है।
टॉक्सिक मां इमोशनली रूप से बेटी के पास मौजूद नहीं होती है
जब आप किसी बात पर इमोशनली टूट रहे होती हैं, उस वक्त आपको किसी ऐसे शख्स की जरूरत होती है, जिसके पास होने से आपका दर्द कम जाए,आप अपनी तकलीफ को शेयर कर सकें, ऐसे में एक मां से बेहतर कौन हो सकती है। लेकिन आपकी मां को आपकी भावनाओं की कोई कद्र ना हो। उसे इस बात से मतलब नहीं है कि आप किस पर बात दुखी हैं तो आपके पास शायद एक टॉक्सिक मां बेटी का रिश्ता है।

टॉक्सिक मां आपको कंट्रोल करने के लिए पैसे का यूज करती है
टॉक्सिक मां का ये विचार होता है कि उनकी बेटी सिर्फ पैसे से ही कंट्रोल हो सकती है, उनको लगता है कि पैसा खर्च करके ही सारे काम हो सकते हैं, उनको फिजिकल, इमोशन प्यार से मतलब नहीं होता है। उनको ऐसा लगता है कि बस पैसे से ही वो बेटी के सारे काम कर सकती है।
टॉक्सिक मां बेटी को उसके हक के लिए नहीं खड़ा होने देती
आपकी मां आपके हक की बात नहीं करती हैं, ना ही आपको करने देती हैं। डॉ डार्नली कहते हैं। ये एक टॉक्सिक रिश्ते का संकेत होता है जब आपकी मां ओवररिएक्ट करती हैं। अगर आपके साथ कुछ गलत हो रहा होता है, लेकिन मां उसको ना रोक कर आपको ही गलत ठहराती है और आपको उसके लिए बोलने भी नहीं देती है।



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