Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब -
World Lung Day 2026: शरीर में दिखें ये 7 लक्षण तो समझ जानें आपके फेफड़े हो रहे हैं खराब -
Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र में 14 गांठें ही क्यों बांधी जाती हैं? जानें इसका धार्मिक महत्व -
Mushtaq Khan Family: 'वेलकम' फेम मुश्ताक खान ने दुनिया को कहा अलविदा, जानिए एक्टर के परिवार में कौन-कौन? -
डायबिटीज में चावल और रोटी खाने का सही समय क्या है? जानें कब खाने से नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
Anant Chaturdashi Vrat Katha: अनंत चतुर्दशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर हो जाएंगे सारे कष्ट -
Anant Chaturdashi 2026 Wishes: श्री हरि का आशीष...इन संदेशों के साथ अपनों को दें अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं -
Hurun India Rich List 2026: ये हैं भारत के टॉप 10 सबसे अमीर लोग, जानिए किसके पास है कितनी दौलत
Bangles Rules: सुहागिन स्त्रियों को कब खरीदनी और पहननी चाहिए चूड़ियां? जानें पुरानी चूड़ियों का क्या करें
Bangles Rules for Married Women: सुहागिन महिलाओं के लिए चूड़ियों का विशेष महत्व होता है, खासकर भारतीय संस्कृति में। चूड़ियाँ विवाहिता महिलाओं के सुहाग का प्रतीक मानी जाती हैं और उन्हें सौभाग्य, समृद्धि, और अच्छे स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है। चूड़ियों का रंग और धातु भी विशेष महत्व रखती है, जैसे कि लाल चूड़ियाँ पति के प्रति प्रेम और समर्पण का प्रतीक होती हैं, जबकि हरी चूड़ियाँ सौभाग्य और समृद्धि का संकेत देती हैं।
चूड़ियाँ पहनना न केवल एक परंपरा है, बल्कि इसे शुभ माना जाता है। महिलाएं विशेष रूप से त्योहारों, पूजा-पाठ और शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर चूड़ियाँ पहनती हैं। चूड़ियों की खनक को भी सकारात्मक ऊर्जा का संकेत माना जाता है। इसलिए, सुहागिन महिलाओं के लिए चूड़ियों का महत्व केवल सौंदर्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का प्रतीक भी है।

सनातन धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए चूड़ियों से जुड़े कुछ नियम भी बताये गए हैं। इन नियमों को ध्यान में रखकर किसी भी तरह के अपशकुन से बचा जा सकता है और सौभाग्य वृद्धि की कामना सकती है।
सुहागिन महिलाएं चूड़ियों को लेकर ध्यान रखे ये बातें
* सुहागन महिला मंगलवार, शनिवार और रविवार को चूड़ियों की खरीदारी बिल्कुल न करें और न ही पहने। चूड़ियों की खरीदारी के लिए शुक्रवार को बेहद ही शुभ माना जाता है।
* इस बात का ध्यान दें कि जब भी आप चूड़ी पहन रही हों तो आपका मुख दक्षिण दिशा की ओर नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही घर की चौखट पर बैठकर कभी भी चूड़ी नहीं पहननी चाहिए।
* चूड़ियां पहनते समय हमेशा सिर पर पल्लू रखें और हाथ को पूरा खाली कभी न रखें। अगर चूड़ी बदल रहे हैं तो हाथ पर ओढ़नी का पल्लू रख लें या फिर कोई लाल धागा धारण कर लें।

* सुहागिन महिलाओं को चटकी या टूटी हुई चूड़ी कभी भी धारण नहीं करनी चाहिए। अगर चूड़ी टूट गई है तो उसे तीन बार चुमकर कागज में लपेटकर फेंक सकते हैं। कभी भी टूटी हुई चूड़ी को फेंकने से किसी भी प्रकार के दोष नहीं लगते हैं।
* नए सुहाग का सामान खरीद कर दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। लेकिन स्वयं ही इस्तेमाल की गई चूड़ी किसी को न दें। परिवार के सदस्य जिन्हें आप जानते हैं उन्हें आप दे सकते हैं, नहीं तो जो चूड़ी पुरानी हो गई है उसे अच्छे से बॉक्स में पैक करके रख दें।
* मासिक धर्म और श्राद्ध के दौरान किसी भी तरह का सुहाग के सामान की खरीदारी नहीं करनी चाहिए और न ही नई चूड़ियां पहननी चाहिए।
* मान्यता है कि दोनों हाथों में बराबर चूड़ी नहीं पहनी जाती। कभी भी एक हाथ में ज्यादा तो एक हाथ में कम चूड़ी पहनी जाती है।
* काली तथा सफेद रंग की चूड़ियां सुहागन को नहीं पहननी चाहिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
