Latest Updates
-
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती -
Swapna Shastra: सपने में किन्नर को देखना होता है शुभ और अशुभ संकेत? जानिए इसका मतलब -
Cooling Summer Lunch Curd Rice Recipe: गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाली सबसे आसान रेसिपी -
काले धब्बों वाले प्याज खाना चाहिए या नहीं? सेहत पर क्या होगा असर, यहां जानें इसका सही जवाब -
Ambubachi Mela 2026: कामाख्या मंदिर में शुरू हुआ अंबुबाची मेला, 3 दिनों तक बंद रहेंगे कपाट, जानें इसका महत्व -
Soft Dahi Paratha Recipe: घर पर बनाएं एकदम नरम और स्वादिष्ट दही का पराठा -
Aaj Ka Rashifal 22 June 2026: सोमवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग
Diwali 2024: दिवाली पूजा के लिए लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति खरीदते समय किन बातों का ख्याल रखना चाहिए?
Lakshmi Ganesh Ki Kaisi Murti Kharide: दिवाली पर लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा का विशेष महत्व है क्योंकि यह समृद्धि, ज्ञान, और सुख-शांति का प्रतीक है। लक्ष्मी जी, जो धन और समृद्धि की देवी हैं, की पूजा से घर में धन-धान्य और आर्थिक स्थिरता का आगमन होता है। दिवाली के दिन लक्ष्मी जी को प्रसन्न कर परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
गणेश जी, जिन्हें विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता माना जाता है, की पूजा हर शुभ कार्य से पहले की जाती है। उनकी पूजा से सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं और घर में शांति और सफलता आती है। गणेश जी के आशीर्वाद से व्यक्ति की मानसिक शक्ति और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।

इस प्रकार, लक्ष्मी और गणेश जी की संयुक्त पूजा से जीवन में आर्थिक और मानसिक सुख का संतुलन बना रहता है, जो दीपावली के पावन पर्व पर खास महत्व रखता है।
दीवाली पूजा के लिए लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्तियों का चयन करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि पूजा का संपूर्ण लाभ मिल सके और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हो। यहां कुछ मुख्य बातों पर ध्यान देना आवश्यक है:
Lakshmi Aur Ganesh Ki Murti Lete Samay Kin Baaton Ka Dhyan Rakhna Chahiye:
1. मूर्ति की दिशा और मुद्रा:
लक्ष्मी जी की मुद्रा: लक्ष्मी जी की मूर्ति ऐसी होनी चाहिए, जिसमें वे पद्मासन में बैठी हों और उनके हाथ से धन बरसता हुआ दिखाया गया हो। यह मुद्रा समृद्धि और धन के आगमन का प्रतीक होती है। खड़ी हुई मुद्रा को कम शुभ माना जाता है क्योंकि इससे लक्ष्मी का अस्थायी आगमन होता है।
गणेश जी की मुद्रा: गणेश जी की मूर्ति ऐसी होनी चाहिए, जिसमें वे आराम से बैठे हुए या पद्मासन में दिखाए गए हों। यह स्थायित्व और शांति का प्रतीक है। साथ ही, उनके हाथ में मोदक और आशीर्वाद की मुद्रा होनी चाहिए, जो उनके प्रसन्नता और कृपा का संकेत है।
2. मूर्ति का आकार:
मूर्ति का आकार अत्यधिक बड़ा या बहुत छोटा नहीं होना चाहिए। पूजा स्थल के अनुसार मध्यम आकार की मूर्तियां चुननी चाहिए। बहुत बड़ी मूर्तियां घर में रखने से स्थान की समस्या हो सकती है, और छोटी मूर्तियों से पूजा में पूरी श्रद्धा महसूस नहीं होती।
3. सामग्री का चुनाव:
मूर्तियों को खरीदते समय उनकी सामग्री पर विशेष ध्यान दें। मिट्टी से बनी मूर्तियां शुभ मानी जाती हैं। मिट्टी की मूर्तियां पर्यावरण के अनुकूल होती हैं और पूजा के बाद इन्हें विसर्जित किया जा सकता है। धातु से बनी मूर्तियां, जैसे चांदी या पीतल, अधिक स्थायित्व के साथ शुभ मानी जाती हैं।
4. मूर्ति की संरचना:
लक्ष्मी जी और गणेश जी की मूर्ति सही से निर्मित होनी चाहिए। गणेश जी का दांत टूटा होना चाहिए, क्योंकि यह उनकी विशेषता है। लक्ष्मी जी की मूर्ति में कमल का फूल और धान्य से जुड़ी वस्तुएं होनी चाहिए। ध्यान दें कि मूर्तियों में कोई खरोंच या टूट-फूट न हो।
5. साथ में रखना:
लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति को साथ रखना शुभ माना जाता है। ध्यान रखें कि मूर्तियों का स्थान पूजा स्थान पर ठीक से निर्धारित हो, जिससे गणेश जी लक्ष्मी जी की बाईं ओर विराजमान हों। गणेश जी प्रथम पूज्य हैं, इसलिए उन्हें पूजा में लक्ष्मी जी से पहले पूजा जाता है।
6. मूर्ति की आंखें:
मूर्ति की आंखों का स्पष्ट और सुंदर होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि आंखों को मूर्तियों में आत्मा का प्रतीक माना जाता है। मूर्ति की आंखें ध्यानपूर्वक बनाई गई होनी चाहिए ताकि पूजा में अधिक सकारात्मकता और ध्यान केंद्रित किया जा सके।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications