Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
Hariyali Teej Geet Lyrics: हरियाली तीज के दिन सखियों संग झूले झूला और गाए ये लोकगीत, यहां देखें बोल
Hariyali Teej Ke Geet: हरियाली तीज हिंदू संस्कृति में एक अलग ही स्थान रखती है। इस साल यह त्यौहार बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन भक्त विशेष रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
हरियाली तीज का महत्व इसकी गहरी परंपराओं और मान्यताओं में निहित है। यह त्यौहार भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है, जो वैवाहिक आनंद और भक्ति का प्रतीक है। महिलाएं व्रत और पूजा के माध्यम से अपने पति की सलामती और दीर्घायु की कामना करती हैं। परंपरा के अनुसार हरियाली तीज पर अनुष्ठान करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। महिलाएं सोलह पारंपरिक आभूषणों से सजती हैं।

इस त्यौहार के दौरान लोकगीत गाना भी एक प्रिय रिवाज है। इस उत्सव में पारंपरिक गीत गाए जाते हैं जो इस त्यौहार से जुड़ी सांस्कृतिक विरासत और खुशी को दर्शाते हैं। लोकगीत गाना हरियाली तीज उत्सव का एक अभिन्न अंग है। ये गीत पीढ़ियों से चले आ रहे हैं और त्योहार का सार पकड़ते हैं। वे अक्सर प्रेम, भक्ति और प्रकृति की सुंदरता की कहानियाँ सुनाते हैं।
ये धुनें उत्सव का माहौल बनाती हैं और समुदाय के लोगों को उत्सव में साथ लाती हैं। महिलाएं समूहों में इकट्ठा होकर ये पारंपरिक धुनें गाती हैं, जिससे हरियाली तीज की सांस्कृतिक समृद्धि बढ़ती है। यहां हम लेकर आये हैं हरियाली तीज के कुछ बेहतरीन और चुनिंदा लोक गीत।
Hariyali Teej Geet Lyrics:
1.
अम्मा मेरी रंग भरा जी, ए जी कोई आई हैं हरियाली तीज।
घर-घर झूला झूलें कामिनी जी, बन बन मोर पपीहा बोलता जी।
एजी कोई गावत गीत मल्हार,सावन आया...
कोयल कूकत अम्बुआ की डार पें जी, बादल गरजे, चमके बिजली जी।
एजी कोई उठी है घटा घनघोर, थर-थर हिवड़ा अम्मा मेरी कांपता जी।
2.
नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा,
एक झूला डाला मैंने बाबल के राज में,
बाबुल के राज में...
संग की सहेली हे सावन का मेरा झूलणा,
नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा.
ए झूला डाला मैंने भैया के राज में,
भैया के राज में...
गोद भतीजा हे सावन का मेरा झूलणा,
नांनी नांनी बूंदियां हे सावन का मेरा झूलणा...
3.
झुला झूल रही सब सखियाँ, आई हरयाली तीज आज,
राधा संग में झूलें कान्हा झूमें अब तो सारा बाग़,
झुला झूल रही सब सखियाँ, आई हरयाली तीज आज,
नैन भर के रस का प्याला देखे श्यामा को नदं लाला,
घन बरसे उमड़ उमड़ के देखों नृत्य करे बृज बाला,
छमछम करती ये पायलियाँ खोले मन के सारे राज,
झुला झूल रही सब सखियाँ, आई हरयाली तीज आज,
Hariyali Teej Ke Lok Geet Lyrics:
4.
सावन दिन आ गए
अरी बहना! छाई घटा घनघोर, सावन दिन आ गए।
उमड़-घुमड़ घन गरजते, अरी बहना! ठण्डी-ठण्डी पड़त फुहार,
सावन दिन...
बादल गरजे बिजली चमकती, अरी बहना! बरसत मूसलधार।
सावन दिन...
कोयल तो बोले हरियल डार पे, अरी बहना! हंसा तो करत किलोल।
सावन दिन...
वन में पपीहा पिऊ पिऊ रटै, अरी बहना! गौरी तो गावे मल्हार।
सावन दिन...
सखियां तो हिलमिल झूला झूलती, अरी बहना! हमारे पिया परदेस।
सावन दिन...
लिख-लिख पतियां मैं भेजती, अजी राजा सावन की आई बहार।
सावन दिन...
हमरा तो आवन गोरी होय ना, अजी गोरी! हम तो रहे मन मार।
सावन दिन...
राजा बुरी थारी चाकरी,
अजी राजा जोबन के दिन चार
सावन दिन...
5.
सावन का महीना
सावन का महीना, झुलावे चित चोर, धीरे झूलो राधे पवन करे शोर,
मनवा घबराये मोरा बहे पूरवैया, झूला डाला है नीचे कदम्ब की छैयां...
कारी अंधियारी घटा है घनघोर, धीरे झूलो राधे पवन करे शोर,
सखियां करे क्या जाने हमको इशारा, मन्द मन्द बहे जल यमुना की धारा...
सावन का महीना झूलावे चित चोर...
श्री राधेजी के आगे चले ना कोई जोर, धीरे झूलो राधे, पवन करे शोर,
मेघवा तो गरजे देखो बोले कोयल कारी, पाछवा में पायल बाजे नाचे बृज की नारी...
श्री राधे परती वारो हिमरवाकी और, धीरे झूलो राधे पवन करे शोर,
सावन का महीना झूलावे चित चोर...
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
