Latest Updates
-
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
Jumma Ki Dua in Hindi: जुम्मे की दिन जरूर पढ़ें ये दुआ, सारे गुनाहों की मिलेगी माफ़ी
Jumma Ki Dua in Hindi: शुक्रवार का दिन मुस्लिम समुदाय के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। ऐसा माना जाता है कि अगर इस दिन किसी की मृत्यु हो जाती है तो वह बिना किसी हिसाब-किताब के सीधे जन्नत में चला जाता है।
शुक्रवार को सभी दिनों का सरदार माना जाता है। नबी-ए-करीम ने बताया है कि जो लोग जुमे की नमाज के बाद उन पर कई बार दुरूद शरीफ भेजते हैं, उनके सारे गुनाह माफ हो जाते हैं।

इस्लाम में जुम्मा का महत्व
जुम्मा की खूबियों को कुरान और हदीस दोनों में उजागर किया गया है। इस दिन, असर मगरिब के दौरान नबी पाक पर लगातार दारूद शरीफ़ पढ़ने से 80 सालों से जमा हुए पापों की माफ़ी मिलती है। यह प्रथा इस्लाम में शुक्रवार से जुड़े आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करती है।
शुक्रवार को मुस्लिम भाई जुम्मा की नमाज अदा करने से पहले स्नान, चेहरा धोना, साफ कपड़े पहनना और इत्र लगाना जैसी विशेष रस्में निभाते हैं। नमाज के बाद वे हजरत मुहम्मद साहब पर दरूद शरीफ चढ़ाते हैं और फिर 100 बार एक खास दुआ पढ़ते हैं।
जुम्मा की दुआ (Jumma Ki Dua)
हस्बुनल्लाहू व नेअमल वकील
दुआ का हिंदी अर्थ है "अल्लाह मेरे लिए पर्याप्त है, और वह सबसे अच्छा निर्माता है।"
नमाज के बाद हजरत मुहम्मद साहब पर दरूद शरीफ का नजराना पेश करें। उसके बाद ये दुआ 100 बार पढ़ें।
इसके अलावा, इस दिन मुस्लिम भाइयों के लिए नाखून काटना, इत्र लगाना और काजल लगाना भी रिवाज है। इस दिन की रस्मों के हिस्से के रूप में सूरह जुम्मा पढ़ना भी अनुशंसित है।
नबी-ए-करीम ने कहा, "जो व्यक्ति शुक्रवार की नमाज़ के बाद मुझ पर कई बार दुरूद शरीफ़ भेजेगा, उसके सभी गुनाह माफ़ कर दिए जाएँगे।" यह उद्धरण शुक्रवार को पैगंबर मुहम्मद (PBUH) पर दुआएँ भेजने से जुड़े आध्यात्मिक लाभों पर ज़ोर देता है।
अंत में, जुम्मा का पालन करना और उससे जुड़ी रस्में और प्रार्थनाएँ मुसलमानों के लिए बहुत आध्यात्मिक महत्व रखती हैं। ये प्रथाएँ न केवल किसी की आत्मा को शुद्ध करती हैं, बल्कि अल्लाह के साथ उनके विश्वास और संबंध को भी मजबूत करती हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
