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Mauni Amavasya Par Pind Daan Vidhi: मौनी अमावस्या पर पितृ शांति के लिए इस सरल विधि से करें पिंड दान
Pind Daan Kaise Kiya Jata Hai: मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में महाकुंभ मेला भी जारी है, जहां लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान कर रहे हैं।
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पापों का नाश होता है और पितरों को मोक्ष प्राप्त होता है। आइए जानते हैं पिंडदान की विधि और शुभ मुहूर्त।

मौनी अमावस्या 2025 का शुभ मुहूर्त
- तिथि प्रारंभ: 28 जनवरी 2025, रात 7:35 बजे।
- तिथि समाप्त: 29 जनवरी 2025, शाम 6:05 बजे।
- पिंडदान का समय: सूर्योदय के समय, यानी सुबह 7:09 बजे से।
पिंडदान करने की सरल विधि
1. गंगा स्नान करें: मौनी अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करें। अगर संभव न हो, तो गंगाजल से स्नान करें।
2. सूर्य देव को अर्घ्य दें: स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें।
3. पूर्वजों की तस्वीर रखें: पूजा स्थान पर अपने पितरों की तस्वीर या कोई प्रतीक रखें।
4. पिंड बनाएं:
- गाय के गोबर, आटा, तिल और जौ मिलाकर पिंड तैयार करें।
- पितरों का ध्यान करते हुए इसे अर्पित करें।
5. पिंड को विसर्जित करें: यह पिंड पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें।
6. मंत्र जप: पितरों की शांति के लिए पितृ मंत्रों का जाप करें।
पितृ दोष दूर करने के उपाय
यदि आप पितृ दोष का सामना कर रहे हैं, तो मौनी अमावस्या के दिन विशेष पूजा करें:
- भोग लगाएं: पितरों को प्रसाद और अन्न अर्पित करें।
- महादेव का अभिषेक करें: शिवलिंग पर जल, दूध, तिल, और बेलपत्र चढ़ाएं।
- दान करें: गरीबों और ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र, और धन का दान करें।
- पितृ मंत्र का जाप करें:
- ॐ पितृ देवतायै नमः।
- ॐ आगच्छन्तु में पितर एवं ग्रहन्तु जलान्जलिम।
इन उपायों से पितृ दोष समाप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
पितृ शांति मंत्र
1. ॐ पितृ देवतायै नमः।
2. ॐ आगच्छन्तु में पितर एवं ग्रहन्तु जलान्जलिम।
3. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय च धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात।
4. ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृः प्रचोदयात।
5. ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः।
मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान, पिंडदान, और पितरों की आराधना करने से न केवल पापों से मुक्ति मिलती है, बल्कि पितृ दोष भी दूर होता है। इस दिन की गई पूजा से पितरों की शांति और परिवार की समृद्धि सुनिश्चित होती है। श्रद्धा और भक्ति के साथ यह पर्व मनाएं और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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