Latest Updates
-
Special Healthy Gajar Paratha Recipe: सर्दियों के लिए पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Aaj Ka Rashifal 24 June 2026: बुधवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी बुध देव की कृपा, जानें किसे मिलेगा धन लाभ -
Fry Pan Method Fish Masala Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा फिश मसाला -
Pahadi Green Superfood Kafuli Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और पौष्टिक स्वाद -
टीम इंडिया की जर्सी पाकर इमोशनल हुए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, कही ये बड़ी बात, देखें Video -
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
Karwa Chauth Fast By Husband: क्या पति अपनी पत्नी के लिए रख सकते हैं करवाचौथ व्रत, जानें प्रेमानंद जी का जवाब
Karwa Chauth Fast By Husband: हिंदू धर्म में करवाचौथ का व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र की कामना के लिए उपवास करती हैं। इस वर्ष यह व्रत 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
हाल के समय में कई पुरुष भी अपनी पत्नियों के लिए करवाचौथ का उपवास रखने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं। पुरुषों की यह इच्छा वैवाहिक जीवन में समानता व सम्मान की भावनाओं से उभर सकती है।

लेकिन लोगों के मन में यह संदेह रहता है कि क्या ऐसा करना धार्मिक रूप से ठीक है कि नहीं? इस मुद्दे पर वृन्दावन के मशहूर महाराज प्रेमानंद ने अपने विचार पेश किए। प्रेमानंद महाराज अक्सर वैवाहिक संबंधों पर चर्चा करते नजर आते हैं।
उनका कहना है कि यदि महिलाएं अपने पतियों को भगवान की तरह मानकर उनकी पूजा करती हैं, तो उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। हालांकि उनका यह भी कहना है कि वैवाहिक जीवन की सफलता का राज़ पति-पत्नी के बीच का आपसी सम्मान और समझ ही होता है, एक दूसरे का सम्मान ही इसका सबसे मज़बूत आधार होता है।
क्या पति अपनी पत्नी के लिए रख सकते हैं करवाचौथ का व्रत?
प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि यदि पत्नी का सर्वोपरि धर्म पति की सेवा है तो बदले में पति का भी सर्वोच्च कर्तव्य पत्नी की उस सेवा के प्रति प्रेम व सम्मान व हर कदम पर उसका साथ देना होता है। यह साझेदारी ही विवाह को सबसे पावन रिश्ता बनाती हैं। उनका कहना है कि पति को भी हर परिस्थिति में अपनी धर्म पत्नी का साथ देना चाहिए।
ऐसे में यदि पत्नी पूरे दिन निर्जला उपवास का पालन कर रही हैं तो पति को भी अपनी सुविधा व इच्छा शक्ति के अनुसार यह व्रत रखना चाहिए। पति द्वारा इस व्रत को रखने में कोई बुराई नहीं, इससे दोनों के बीच धार्मिकता व प्रेम गहरा ही होगा।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications