Latest Updates
-
Mother Day 2026: सलाम है इस मां के जज्बे को! पार्किंसंस के बावजूद रोज 100 लोगों को कराती हैं भोजन -
Aaj Ka Rashifal 08 May 2026: शुक्रवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानें अपना भाग्यशाली अंक और रंग -
Mother’s Day 2026: इस मदर्स डे मां को दें स्टाइल और खूबसूरती का तोहफा, ये ट्रेंडी साड़ियां जीत लेंगी उनका दिल -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर से बचने के लिए महिलाएं करें ये काम, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत करवाएं जांच -
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट
Saraswati Puja 2025 Muhurat: बसंत पंचमी की डेट को लेकर चल रहा है संशय, यहां देखें सरस्वती पूजा का सटीक मुहूर्त
Saraswati Puja 2025 Muhurat: हिंदू धर्म में मां सरस्वती को ज्ञान, कला, संगीत, और वाणी की देवी माना जाता है। वे विद्या और शिक्षा की अधिष्ठात्री देवी हैं, जिनकी पूजा विशेष रूप से बसंत पंचमी के दिन की जाती है।
2025 में बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा का पर्व 2 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन छात्र, शिक्षक और कलाकार मां सरस्वती की आराधना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। आइए जानते हैं मां सरस्वती की पूजा का महत्व, शुभ मुहूर्त और उनकी आराधना से जुड़े विशेष पहलुओं के बारे में।

मां सरस्वती का दिव्य स्वरूप
मां सरस्वती अक्सर सफेद वस्त्रों में, कमल के फूल या हंस पर विराजमान दिखाई देती हैं।
- कमल का फूल: शुद्धता और ऊर्जा का प्रतीक।
- हंस: ज्ञान और विवेक का प्रतीक।
- वीणा: संगीत और कला का प्रतीक।
- पुस्तक: विद्या और शिक्षा का प्रतीक।
मां सरस्वती का श्वेत वस्त्र पवित्रता और शांति को दर्शाता है। उनकी पूजा से जीवन में ज्ञान, सौंदर्य, और समृद्धि का संचार होता है।
सरस्वती पूजा 2025 का सटीक मुहूर्त (Saraswati Puja 2025 Shubh Muhurat)
इस साल बसंत पंचमी की तिथि 2 फरवरी 2025 को सुबह 9:14 बजे से शुरू होकर 3 फरवरी 2025 को सुबह 6:52 बजे तक रहेगी।
- पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 7:09 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक।
- सर्वश्रेष्ठ समय: सुबह 9:14 बजे से दोपहर तक।
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 7:09 बजे से, जो इस दिन की शुभता को और बढ़ाता है।
सरस्वती पूजा का महत्व और लाभ
हिंदू धर्म में मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में की गई पूजा ग्रहों और नक्षत्रों की सकारात्मक ऊर्जा का लाभ देती है।
- महालाभ: सही समय पर मां सरस्वती की आराधना करने से ज्ञान, बुद्धि, और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
- पढ़ाई और कला में प्रगति: विद्यार्थियों और कलाकारों के लिए यह दिन विशेष रूप से फलदायी होता है।
- पापों का नाश: पूजा के दौरान मां सरस्वती की कृपा से मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धि होती है।
सरस्वती पूजा विधि और मंत्र
1. पूजा के लिए पीले रंग के फूल, मिठाई, और धूप का उपयोग करें।
2. यदि पीले फूल उपलब्ध न हों, तो सफेद या लाल रंग के पुष्प भी चढ़ा सकते हैं।
3. मां सरस्वती की आराधना के लिए निम्न मंत्रों का जाप करें:
- ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं सरस्वत्यै नमः
- ॐ सरस्वत्यै नमः
इन मंत्रों से मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जो ज्ञान, कला, और सौंदर्य को बढ़ाता है।
बसंत पंचमी का पर्व न केवल ज्ञान और शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जीवन में समृद्धि और शांति का मार्ग भी प्रशस्त करता है। शुभ मुहूर्त में मां सरस्वती की पूजा करने से भक्तों को विशेष लाभ मिलता है। इस दिन को पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाएं और मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications