Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal 24 June 2026: बुधवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी बुध देव की कृपा, जानें किसे मिलेगा धन लाभ -
Fry Pan Method Fish Masala Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा फिश मसाला -
Pahadi Green Superfood Kafuli Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और पौष्टिक स्वाद -
टीम इंडिया की जर्सी पाकर इमोशनल हुए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, कही ये बड़ी बात, देखें Video -
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य
सूर्यास्त के समय सूर्यदेव को जल चढ़ाना सही है या गलत? जानें क्या कहता है शास्त्र
हिंदू धर्म में सूर्य देवता को शक्ति, ऊर्जा और जीवन का सबसे बड़ा स्रोत माना गया है। सुबह के समय सूर्य को जल अर्पित करना और उनकी आराधना करना बेहद शुभ माना जाता है।
यह परंपरा धार्मिक रूप से तो महत्वपूर्ण है ही, साथ ही इसका वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी है। लेकिन सवाल यह है कि डूबते सूर्य को जल अर्पित करना सही है या नहीं? आइए ज्योतिष और धर्मशास्त्र के आधार पर इसे समझते हैं।

क्या सूर्यास्त के समय जल चढ़ाना सही है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्योदय का समय सूर्य को जल अर्पित करने के लिए सबसे शुभ माना गया है। इस समय जल चढ़ाने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और जीवन में समृद्धि आती है। वहीं, सूर्यास्त के समय सूर्य को जल चढ़ाना सामान्यतः शुभ नहीं माना जाता, क्योंकि:
1. ऊर्जा का क्षय: सूर्यास्त के समय सूर्य की ऊर्जा कमजोर हो जाती है। इस समय जल अर्पित करने से सकारात्मक परिणाम नहीं मिलते।
2. नकारात्मक शक्तियां: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय राहु और केतु जैसे ग्रहों का प्रभाव बढ़ जाता है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा जीवन पर हावी हो सकती है।
कब डूबते सूर्य को जल चढ़ाना उचित है?
हालांकि, कुछ विशेष अवसरों पर डूबते सूर्य को जल अर्पित करना शुभ माना गया है, जैसे:
1. छठ पूजा: यह पर्व सूर्य उपासना का प्रमुख उदाहरण है। इसमें श्रद्धालु डूबते सूर्य को जल चढ़ाकर प्रार्थना करते हैं।
2. विशेष अनुष्ठान: अगर आप नियमित रूप से सूर्य देवता की तीन समय (सुबह, दोपहर, शाम) पूजा कर रहे हैं, तो सूर्यास्त के समय भी जल चढ़ा सकते हैं।
डूबते सूर्य को जल चढ़ाने के नुकसान
1. ऊर्जा की कमी: यह समय ऊर्जा का ह्रास माना जाता है, इसलिए जल चढ़ाने से लाभ की बजाय हानि हो सकती है।
2. राहु-केतु का प्रभाव: ज्योतिष के अनुसार, सूर्यास्त के समय राहु-केतु जैसे अशुभ ग्रह सक्रिय होते हैं। इस दौरान पूजा से नकारात्मक प्रभाव हो सकता है।
3. धन की कमी: डूबते सूर्य को जल चढ़ाने से आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications