Latest Updates
-
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म -
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट
Somvati Amavasya 2024: कब है इस साल की आखिरी सोमवती अमावस्या की तिथि, देखें शुभ मुहूर्त और महत्व
Somvati Amavasya 2024: सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। यह दिन भगवान शिव की पूजा और पितरों के तर्पण के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन व्रत रखने से सौभाग्य, दीर्घायु, और समृद्धि प्राप्त होती है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और संतान सुख के लिए व्रत करती हैं।
सोमवती अमावस्या के दिन श्राद्ध, तर्पण, और पिंडदान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार में सुख-शांति का वास होता है। इसके साथ ही, इस दिन ग्रह दोष और कालसर्प दोष के निवारण के लिए पूजा करना शुभ होता है।

सोमवती अमावस्या 2024 की तिथि: (Last Somvati Amavasya 2024)
इस वर्ष की आखिरी सोमवती अमावस्या 30 दिसंबर 2024 (सोमवार) को पड़ेगी।
अमावस्या तिथि प्रारंभ: 30 दिसंबर, सुबह 4:01 बजे
अमावस्या तिथि समाप्त: 31 दिसंबर, सुबह 3:56 बजे
सोमवती अमावस्या के शुभ कार्य और उपाय:
1. पितरों के लिए श्राद्ध और तर्पण:
इस दिन पितरों का श्राद्ध और तर्पण करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है।
2. शनि दोष और कालसर्प दोष निवारण:
- शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से मुक्ति पाने के लिए शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें।
- कालसर्प दोष निवारण के लिए सोमवती अमावस्या को विशेष माना जाता है।
3. पति-पत्नी के रिश्ते में मधुरता:
- दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए पति-पत्नी को पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करना चाहिए।
- *ॐ पितृभ्यः नमः* मंत्र का 108 बार जाप करें।
4. भगवान शिव की पूजा:
भगवान शिव और मां पार्वती की विशेष पूजा करें। बेलपत्र और जल से अभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।
5. दान-पुण्य:
इस दिन गंगा स्नान के साथ अन्न, वस्त्र, और धन का दान करें।
सोमवती अमावस्या क्यों खास है?
सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि यह न केवल धार्मिक कर्मकांडों के लिए शुभ है, बल्कि जीवन के कष्टों को दूर करने और पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने का भी दिन है। पितरों का आशीर्वाद मिलने से सुख, शांति, और समृद्धि आती है।
इस दिन किए गए व्रत और पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी दोषों से मुक्ति मिलती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
