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Female Workplace Issues: वर्क प्लेस पर महिलाओं इन 5 बड़ी चुनौतियों का करती हैं सामना
सदियों से महिलाएं समाज द्वारा बनाए गए मानदंडों से खुद को अलग करने की पूरी कोशिश कर रही हैं। दुनिया में अपने लिए पुरुषों से समान अधिकार पाने और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं। फिर भी महिलाओं को वर्क प्लेस पर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

महिलाओं को आज भी अपने वर्क प्लेस में एक महिला होने के लिए कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रेग्नेंसी के कारण नौकरी जाने का खतरा, यौन उत्पीड़न, सफलता हासिल करने पर भद्दे कमेंट जैसी समस्याएं आज भी महिलाओं को झेलनी पड़ रही है। आइए आपको बताते हैं कि वर्कप्लेस पर महिलाओं को सबसे ज्यादा किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

1. प्रेग्नेंसी भेदभाव
एक वर्किंग वुमन को अपनी फैमिली प्लानिंग करने से पहले एक बड़ी दुविधा का सामना करना पड़ता है। क्योंकि आज के समय में भी कई ऑफिस में प्रेग्नेंसी के समय महिलाओं के साथ भेदभाव होता है। गर्भावस्था भेदभाव तब होता है जब प्रेग्नेंसी के समय या बच्चे के जन्म समय मेडिकल कंडिशन के कारण महिलाओं के साथ गलत व्यवहार किया जाता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ सामाजिक अलगाव, दखल देने वाले कमेंट, उनके काम में बदलाव, प्रमोशन के मौको में कमी आना और सैलरी में भी कमी आने जैसी समस्या शामिल है। कई मामलों में तो महिलाओं को प्रेग्नेंसी के समय अपनी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ जाता है।

2. यौन उत्पीड़न
महिलाओं के लिए वर्कप्लेस पर सेक्सिज्म और उत्पीड़न और भी ज्यादा बढ़ गया है। लेकिन महिलाएं अब अपने अनुभवों को शेयर करने की हिम्मट जुटाने लगी हैं। हम अक्सर ही सोशल मीडिया पर #MeToo के साथ महिलाओं के वर्कप्लेस पर हुए सेक्सिज्म और सेक्सुअल हैरेसमेंट के बारे में लोगों तक अपनी बात पहुंचाई। महिलाओं को अपने वर्कप्लेस पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का सामना कई तरह से करना पड़ता है। जैसे किसी व्यक्ति के शरीर, रूप-रंग या कपड़ों के बारे में सेक्सुअल कमेंट करने से लेकर आक्रामक या डराने वाला वातावरण बनाना। ऐसे वतावरण में काम करना किसी भी महिला के लिए मुश्किल हो जाता है। कई महिलाएं रोजाना अपने ऑफिस में किसी सीनियर, बॉस, या सहकर्मी से सेक्सुअल हैरेसमेंट का सामना करती है।

3. जेंडर पे गैप
जेंडर पे गैप र एक ऐसी चीज है जिसकी आज के वर्किंग वर्ल्ड में बहुत चर्चा होती है। हालांकि कई लोग आज के समय में इस मुद्दे को एक मिथक के रूप में मानते हैं, कई आंकड़े भी इस दावे को झूठा साबित करते हैं। लिंग वेतन अंतर से इनकार करने के बावजूद, संख्या झूठ नहीं है। एक ही पोस्ट के लिए अप्लाई करने के बाद भी आप किसी पुरुष की तुलना में महिलाओं को कम वेतन मिलता है।

4. ग्लास सिलिंग को तोड़ना
युवा महिला प्रोफेशनल के लिए कैरियर में तरक्की पाना बहुत मुश्किल होता है। एक पुरुष के मुकाबले महिलाओं को अपने काम के लिए क्रेडिट पाने और प्रमोशन के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण कई ऑफिस में हाई पोस्ट पर बैठे लोग हैं, जिनमें महिलाओं से ज्यादा पुरुषों की संख्या है। कई ऑफिस में लोगों की ऐसी सोच होती हैं कि पुरुष तेजी से आगे बढ़ते हैं, और महिलाओं को काम समझने में ही समय लग जाता है। फिर चाहे महिलाओं को उन्हें साबिक करने का एक मौका भी सही से न दिया गया हो।

5. इगो टकराना
जो महिलाएं खुद को अपने करियर में आगे बढ़ाने में सफलता हासिल करती हैं वो अक्सर अपने मेल को-वर्क की नजर में चढ़ी रहती है। जिसका सबसे बड़ा कारण है इगो का टकराना। बहुत कम पुरुष ऐसे होते हैं जो किसी महिला की कामयाबी बर्दास्त कर सकें। ऐसे में महिलाओं को अपने सफलता हासिल करने के बाद अपने को-वर्कर से गलत कमेंट सुनने पड़ते हैं और उनके नफरत का सामना करना पड़ता है।
( डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई सभी जानकारी और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। Boldsky Hindi इसकी पुष्टि नहीं करता है। इन चीजों पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। )



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