International Women's Day 2023: भारत की 5 दिव्यांग महिलाएं, जिन्होंने अपने हौंसले से रचा इतिहास

Disabled Indian Women

विकलांगता एक ऐसी चीज है जो फिजिकल या मेंटल कमजोरी को दिखाता है जो किसी व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों को करने की क्षमता को सीमित कर देता है। विकलांगता किसी भी तरह से हो सकती है। विकलांगता में हाथ पैर के काम न करना, आंखों से दिखाई न देना, सुनाई न देना जैसे शरीरिक समस्याएं शामिल है।

भारत में महिलाओं को आगे बढ़ने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में विकलांग महिलाओं का अपने दम पर कुछ करना आसान काम नहीं है। आईए आपको भारत की कुछ ऐसी ही महिलाओं के बारे में बताते हैं जिन्होने शरीर से कमजोर होने के बावजूद भी देश और दुनिया में अपने दम पर एक अलग मुकाम हासिल किया है। आज के समय में न सिर्फ वो खुद के बल पर अपना नाम बना चुकीं हैं बल्कि कई विकलांग लोगों के लिए मिसाल भी बन चुकी हैं।

1. सुधा चंद्रन

1. सुधा चंद्रन

सुधा चंद्रन हिंदी टेलीविजन और सिनेमा की एक मशहूर एक्ट्रेस हैं। वह एक बेहतरीन एक्ट्रेस होने के साथ अच्छी क्लासिकल डांसर भी हैं। लेकिन क्या आपको पता है सुधा चंद्रन का एक पैर नकली है। 17 साल की उम्र में एक एक्सीडेंट में उन्होने अपना एक पैर गवां दिया। जिसके बाद उनका डांस करना नामुमकिन हो गया। लेकिन उन्होने हार नहीं मानी और अपने एक पैर के बल पर एक्टिंग और क्लासिकल डांस की दुनिया में अपना नाम कमाया

2. अरुणिमा सिन्हा

2. अरुणिमा सिन्हा

अरूणिमा सिन्हा भारत से राष्ट्रीय स्तर की पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी और माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय दिव्यांग महिला हैं। अरुणिमा सिन्हा ने एक ट्रेन हादसे में अपना पैर गवां दिया था, लेकिन इसके बाद भी उन्होने अपने कदमों को रूकने नहीं दिया और माउंट एवरेस्ट पर भी अपना परचम लहराया।

3. साधना ढांड

3. साधना ढांड

साधना ढांड का जन्म ब्रिटल बोन डिजीज के साथ हुआ। जिसमें हल्की चोट से भी शरीर की हड्डी टूट जाती है। वह सिर्फ 3 फीट 3 इंच लंबी हैं। इस स्थिति में इनके शरीर में करीब 80 फ्रैक्चर हैं और यह सुनने में भी असक्षम हैं। इसके बाद भी ये कई महिलाओं और उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो शरीर से लाचार हैं। आज के समय में साधना ढांड एक कलाकार, टीचर और सोशल वर्कर हैं।

4. मलाथी कृष्णामूर्ति हॉला

4. मलाथी कृष्णामूर्ति हॉला

मलाथी कृष्णामूर्ति हॉला भारत की पैरा एथलीट हैं। अपनी उपलब्धियों के लिए उन्हें साल 2001 में पद्म श्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

5. मालविका अय्यर

5. मालविका अय्यर

मालविका अय्यर एक इंटरनेशनल मोटिवेशनल स्पीकर हैं जो डिसेबल्ड पर्सन के हक के लिए लड़ती हैं। मालविका अय्यर एक एक्टीविस्ट, सोशल वर्क में पीएचडी के साथ फैशन मॉडल के रूप में भी जानी जाती हैं। लोगों को प्रेरेणा देने वाली मालविका के बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं कि वह एक ऐसे हादसे से गुजर चुकी हैं, जिससे उभर पाना बेहद मुश्किल है। मालविका अय्यर ने एक हादसे में अपने दोनों हाथ खो दिए। लेकिन इस हादसे ने इनके हौंसले को नहीं कम होने दिया।

Image Credit: Instagram

Story first published: Saturday, March 4, 2023, 19:45 [IST]
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