Latest Updates
-
International Yoga Day 2026: रोजाना योग करने से मिलेंगे ये 10 जबरदस्त फायदे, तन और मन रहेगा स्वस्थ -
Jamai Sasthi 2026: दामाद की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है व्रत, जानें जमाई षष्ठी का महत्व और मनाने का तरीका -
5 Minute Protein Masala Omelette Recipe: झटपट बनाएं होटल जैसा टेस्टी और हेल्दी नाश्ता -
Aaj Ka Rashifal 20 June 2026: शनिवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग -
Restaurant Style Egg Masala Gravy Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा चटपटा अंडा मसाला -
International Yoga Day 2026: नाभि खिसकने पर करें ये 4 योगासन, मिलेगा तुरंत आराम -
कब से शुरू हो रहे हैं श्राद्ध? जानें तिथि, धार्मिक महत्व और पितरों के तर्पण की सही विधि -
जुलाई 2026 में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? यहां देखें स्टेट वाइज छुट्टियों की लिस्ट -
Restaurant Secret Amritsari Kulcha Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा कुलचा -
Father's Day 2026: पापा को स्पेशल फील कराने के लिए बेस्ट हैं ये शॉर्ट स्पीच और कविताएं, जो छू लेंगी दिल
Preet Chandi: प्रीत चंडी ने रचा इतिहास, अंटार्कटिका में सबसे लंबे सोलो पोलर अभियान को किया पूरा

भारतीय मूल की सिख ब्रिटिश सेना अधिकारी कैप्टन प्रीत चंडी ने सबसे लंबे समय तक एकल और असमर्थित ध्रुवीय अभियान का विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पोलर प्रीत के नाम से मशहूर प्रीत चंडी ने पहली बार 2021 में दक्षिणी ध्रुव पर ट्रेकिंग कर इतिहास रचा था। 33 साल की प्रीत चंडी ने अब तक अंटार्कटिका में -50C जैसे ठंडे तापमान में 868 मील की यात्रा तय की है। इससे पहले महिला रिकॉर्ड 858 मील का था, जिसे अंजा ब्लाचा ने 2020 में रचा था।
कैप्टन चंडी ने 70 दिनों 16 घंटों में 1,485 किलोमीटर की दूरी तय की और अंटार्कटिका में सबसे लंबे, अकेले और बिना किसी मदद वाले इस अभियान का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कैप्टन चंडी ने थकावट और शून्य से 30 डिग्री सेल्सियस कम तापमान का सामना करते हुए रोजाना 13 से 15 घंटे के बीच स्कीइंग की। इस दौरान उनके सामने कई मुश्किलें आईं, जिसका सामना उन्होने बिना डरे किया।
उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी रिकॉर्ड-तोड़ उपलब्धि साझा करते हुए लिखा, 'पोलर प्रीत ने इतिहास में किसी भी महिला द्वारा सबसे लंबे, एकल, असमर्थित और बिना सहायता के ध्रुवीय अभियान का विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया है!'
अपनी वेबसाइट पर चंडी ने एक पोस्ट शेयर कर लिखा, "मैं निराश हूं कि मेरे पास अंटार्कटिका को पार करने के लिए समय खत्म हो गया, जो लगभग 100 मील की दूरी पर होता। लेकिन मुझे यह भी लगता है कि मैंने वह सब कुछ किया जो मैं कर सकती थी। मैंने 70 दिनों में एक भी छुट्टी लिए बिना, हर दिन, हर घंटे, हर मिनट आगे बढ़ती रही।
'मुझे खुद पर भी बहुत गर्व है, मैं तब भी चलती रही जब मुश्किल थी, जब मुझे लगा कि मैं अब और नहीं चल सकती। मैं अपनी सीमाओं का विस्तार करना जारी रखना चाहती थी और मुझे उम्मीद है कि मैं दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित कर पाउंगी।'
"मैं दिखाना चाहती थी कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कहां से हैं, आप कैसे दिखते हैं या आप किस लाइन से शुरुआत करते हैं, आप अगर दिल से चाहे, तो वास्तव में कुछ भी हासिल कर सकते हैं।"
"बहुत सारे लोगों ने मुझसे कहा कि मैं चीजों को हासिल नहीं कर पाऊंगी, लोग चाहते थे कि उनके बनाए गए एक बॉक्स में मैं आसानी से फिट हो जाऊं, मुझे यकीन है कि लोग अब इसे स्वीकार नहीं करेंगे, लेकिन मुझे बहुत खुशी है कि मैंने उनकी बात नहीं मानी।"
"अगर डर्बी की एक पंजाबी महिला ऐसा कर सकती है तो कोई भी कुछ भी हासिल कर सकता है।"
डर्बी यूनिवर्सिटी द्वारा उनके इस कारनामें के लिए उन्हें बधाई भी दी गई है। जिसने उन्हें पिछले साल मानद उपाधि से भी सम्मानित किया था। डर्बी यूनिवर्सिटी ने ट्वीट कर लिखा, " डर्बी के पूर्व एल्युमिनी और सम्मानित प्रीत चंडी को बधाई, जिसने इतिहास में किसी भी महिला द्वारा सबसे लंबे समय तक एकल, असमर्थित और बिना सहायता के ध्रुवीय अभियान का रिकॉर्ड तोड़ा है।"



Click it and Unblock the Notifications