Latest Updates
-
वजन घटाने की दवाएं होंगी सस्ती, 50% से ज्यादा घटेंगी कीमतें, ज्यादा क्या है कारण -
केवल परंपरा नहीं, रक्षा कवच है कलावा, जानें राजा बलि से जुड़ी वो पौराणिक कथा जिसने शुरू की ये रीत -
Sabudana Khichdi Recipe: नवरात्रि व्रत में बनाएं खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी, नोट करें आसान रेसिपी -
Skand Sashti 2026: स्कंद षष्ठी का व्रत कब रखा जाएगा? जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
'अ' से 'ह' तक, मां दुर्गा के नामों पर रखें अपनी लाडली का नाम, देखें 300+ बेबी गर्ल नेम अर्थ सहित -
Bank Holidays April 2026: अप्रैल में सिर्फ 16 दिन खुलेंगे बैंक, चेक करें स्टेट-वाइज पूरी लिस्ट -
World Tb Day 206: कैसी होनी चाहिए टीबी पेशेंट की डाइट? एक्सपर्ट से जानिए क्या खाएं और क्या नहीं -
हरीश राणा केस: बिना खाना खाए और पानी पिए कितने दिन तक जिंदा रह सकता है इंसान -
Shaheed Diwas 2026: क्यों 23 मार्च को मनाया जाता है शहीद दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Ram Navami 2026 Date: 26 या 27 मार्च, कब है रामनवमी? जानें शुभ मुहूर्त और कन्या पूजन की विधि
Falgun Vinayak Chaturthi पर भूलकर भी न करें चंद्र दर्शन, वरना लग सकता है 'कलंक'; जान लें रोचक कहानी
Falgun Vinayak Chaturthi 2026 Moon Sighting Rules: हिंदू पंचांग के अनुसार, 21 फरवरी 2026, शनिवार को फाल्गुन मास की विनायक चतुर्थी (ढुण्ढिराज चतुर्थी) मनाई जा रही है। यह दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश की आराधना कर जीवन के संकटों को दूर करने का महापर्व है। लेकिन इस पावन तिथि के साथ एक सख्त चेतावनी भी जुड़ी है 'चंद्र दर्शन निषेध'। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विनायक चतुर्थी के दिन चंद्रमा देखना वर्जित माना गया है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन चांद का दीदार करता है, उस पर झूठे आरोप या 'कलंक' लगने का भय रहता है।
यह नियम इतना प्रभावशाली है कि स्वयं भगवान श्रीकृष्ण भी इसके प्रभाव से नहीं बच सके थे। आखिर क्यों विनायक चतुर्थी पर चांद देखना अशुभ है और श्रीकृष्ण ने ऐसी क्या गलती की थी जिसका परिणाम उन्हें अपमान सहकर भुगतना पड़ा? आइए जानते हैं इसके पीछे का पौराणिक रहस्य और दोष निवारण के उपाय।

विनायक चतुर्थी 2026: चंद्र दर्शन का वर्जित समय (Auspicious Timing)
21 फरवरी को चंद्रमा का उदय और अस्त होने का समय बहुत महत्वपूर्ण है। पंचांग के अनुसार, आपको निम्नलिखित समय के दौरान आसमान की ओर देखने से बचना चाहिए:
चंद्रोदय का समय: सुबह 08:56 बजे
चंद्रास्त का समय: रात 10:16 बजे
सावधानी: इस दिन लगभग 13 घंटे 20 मिनट तक चंद्रमा का दर्शन वर्जित रहेगा।
क्यों वर्जित है चतुर्थी पर चंद्रमा देखना? (The Legend of Ganesh Curse)
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान गणेश के गजमुख स्वरूप को देखकर चंद्रमा ने उनका उपहास (मजाक) उड़ाया था। चंद्रमा को अपने सौंदर्य पर बहुत अभिमान था। इससे क्रोधित होकर गणपति जी ने चंद्रमा को श्राप दिया कि जो कोई भी चतुर्थी के दिन तुम्हें देखेगा, वह समाज में कलंकित होगा और उस पर झूठे आरोप लगेंगे।
भगवान श्रीकृष्ण और स्यमंतक मणि की कथा (Lord Krishna & The Stolen Gem)
द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने भी अनजाने में विनायक चतुर्थी के दिन चंद्रमा देख लिया था। इसका परिणाम यह हुआ कि उन पर 'स्यमंतक मणि' चुराने का झूठा आरोप लगा। समाज में उनकी बहुत बदनामी हुई और उन्हें अपनी निर्दोषता सिद्ध करने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। अंत में उन्हें स्यमंतक मणि ढूंढकर लानी पड़ी, तब जाकर उन पर लगा यह कलंक धुला।
अगर गलती से देख लें चांद, तो क्या करें? (Remedies for Moon Sighting)
यदि भूलवश आपकी नजर चंद्रमा पर पड़ जाए, तो घबराएं नहीं। शास्त्रों में इसके दोष निवारण के उपाय बताए गए हैं:
दोष निवारण मंत्र: "सिंहः प्रसेनमवधीत्सिंहो जाम्बवता हतः। सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः॥" इस मंत्र का पाठ करने से मिथ्या कलंक का प्रभाव कम हो जाता है।
गणेश पूजा: भगवान गणेश की पूजा करें और उनसे क्षमा याचना करें।
विनायक चतुर्थी व्रत का फल (Significance of the Fast)
इस दिन व्रत रखने और गणपति की पूजा करने से न केवल बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है, बल्कि जीवन में आने वाली बड़ी से बड़ी बाधाएं भी टल जाती हैं। बस ध्यान रहे कि श्रद्धा के साथ-साथ नियमों का पालन भी जरूरी है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



Click it and Unblock the Notifications











