Latest Updates
-
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश
लगने जा रहा है साल का पहला पूर्ण Chandra Grahan, जानें भारत में दिखाई देगा या नहीं और क्या हैं सूतक के नियम?
Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला 'पूर्ण चंद्र ग्रहण' 3 मार्च 2026, मंगलवार को लगने वाला है। इस दिन आसमान में 'ब्लड मून' का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा, जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा को पूरी तरह से अपनी आगोश में ले लेगी। ज्योतिष शास्त्र में 'खग्रास' यानी पूर्ण चंद्र ग्रहण को एक अत्यंत प्रभावशाली घटना माना जाता है, जिसका असर राशियों से लेकर देश-दुनिया की परिस्थितियों पर पड़ता है।
चंद्र ग्रहण को लेकर लोगों के मन में सवाल है कि ये भारत में दिखाई देगा या नहीं? क्या इसका सूतक काल मान्य होगा या नहीं और होगा तो कितने बजे से लगेगा सूतक? हम आपको आज के इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं आगामी 3 मार्च को लगने वाले इस चंद्र ग्रहण के बारे में सबकुछ विस्तार से...

भारत में कब और कितने बजे दिखेगा पूर्ण चंद्र ग्रहण 2026?
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगा था और उसके ठीक 15 दिन बाद ही चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ये ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगेगा, उसी दिन होलिका दहन भी है। बता दें कि साल का यह पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर में शुरू होगा और शाम तक चलेगा। इसकी कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट की होगी।
ग्रहण का आरंभ: दोपहर 03:20 बजे
ग्रहण का मध्य: शाम 05:04 बजे
ग्रहण की समाप्ति: शाम 06:47 बजे
सूतक काल की टाइमिंग और मान्यता (Sutak Period Rules)
चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका धार्मिक महत्व बढ़ जाता है। चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है।
सूतक का प्रारंभ: 3 मार्च, सुबह 06:20 बजे से। इस दौरान मंदिरों के पट बंद रहेंगे और किसी भी मांगलिक कार्य की शुरुआत वर्जित होगी।
गर्भवती महिलाएं क्या करें और क्या न करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण की किरणें गर्भस्थ शिशु के लिए संवेदनशील हो सकती हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
नुकीली चीजों से दूरी: चाकू, सुई या कैंची का उपयोग भूलकर भी न करें।
इनडोर रहें: ग्रहण के दौरान घर के भीतर रहना और मंत्रों का जाप करना श्रेष्ठ माना जाता है।
स्नान और शुद्धि: ग्रहण खत्म होने के बाद शुद्ध जल या गंगाजल मिलाकर स्नान अवश्य करें।
सूतक काल में खान-पान और शुद्धता के नियम
सूतक लगते ही वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है, जिससे बचाव के लिए शास्त्रों में कुछ नियम बताए गए हैं:
तुलसी दल का महत्व: सूतक से पहले ही दूध, दही और पके हुए भोजन में 'तुलसी के पत्ते' डाल दें।
वर्जित कार्य: ग्रहण काल में भोजन करना, सोना और शारीरिक संबंध बनाना वर्जित माना गया है (बीमार, वृद्ध और बच्चों को छोड़कर)।
ग्रहण के बाद क्या करें? (Post-Eclipse Rituals)
ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए समाप्ति के बाद ये कार्य जरूर करें:
पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
अपनी सामर्थ्य के अनुसार सफेद वस्तुओं (चावल, दूध, चीनी) का दान करें।
इष्ट देव के मंत्रों का जाप कर पूजा स्थल की शुद्धि करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



Click it and Unblock the Notifications
