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Guru Uday 2023: मेष राशि में देव गुरु बृहस्पति होने वाले हैं उदय, इन 4 राशियों की किस्मत का तारा होगा अस्त
ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति ग्रह को विशेष स्थान प्राप्त है। यह जातक की कुंडली में शिक्षा, दान-पुण्य, धार्मिक कर्म, संतान, भाग्य और तरक्की का कारक माना गया है।
देव गुरु बृहस्पति 22 अप्रैल 2023 को मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश कर चुके हैं। अब जल्द ही वो इसी राशि में उदित होने वाले हैं।

बृहस्पति ग्रह 27 अप्रैल, गुरूवार के दिन मेष राशि में उदय अवस्था में आ जाएंगे। इस ग्रह के उदित होने से एक बार फिर मांगलिक कार्यों का शुभारंभ हो जाएगा। मेष राशि में गुरु उदय का प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों पर भी नजर आएगा। फिलहाल इस लेख के माध्यम से उन राशियों के बारे में जानते हैं जिन्हें गुरु के उदित अवस्था के कारण नकारात्मक प्रभाव झेलना पड़ सकता है।
वृषभ राशि
मेष राशि में गुरु के उदय होने के बाद वृषभ राशि के जातकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। इस अवधि में आपको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। नौकरीपेशा जातकों को दफ्तर में संभलकर रहना होगा अन्यथा नौकरी जाने की नौबत भी आ सकती है। कामकाज के क्षेत्र में बढ़ता दबाव आपको मानसिक रूप से परेशान कर सकता है। इस अवधि में वैवाहिक जीवन में भी तनाव पैदा हो सकता है।
कन्या राशि
देव गुरु बृहस्पति के उदित होने के पश्चात् कन्या राशि के जातकों को सावधान रहने की आवश्यकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। काम का बोझ अधिक रहेगा। समय पर लक्ष्य पूरा करने का दबाव बढ़ने से मानसिक तनाव में भी वृद्धि हो सकती है। आप महसूस करेंगे कि इस अवधि में आपके बनते हुए काम भी बीच में रुक जाएंगे। आपको सतर्कता के साथ खुद पर विश्वास बनाये रखने की सलाह दी जाती है।
तुला राशि
गुरु की उदय अवस्था तुला राशि के जातकों के लिए भी कुछ ख़ास नहीं रहेगी। यह समय आपके लिए अशुभ रहेगा। नौकरीपेशा जातकों को दफ्तर में उतार-चढ़ाव भरी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। आपको सफलता हासिल करने के लिए सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। इस अवधि में किसी भी तरह का निर्णय लेने से पहले अच्छी तरह विचार-विमर्श जरूर करें।
वृश्चिक राशि
इस अवधि में वृश्चिक राशि के जातकों को अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखने की सलाह दी जाती है। आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। घर का माहौल भरी रहेगा। आपसी वाद-विवाद होने से नकारात्मकता बढ़ सकती है। नौकरी अथवा व्यापार करने वाले जातकों के लिए भी स्थिति कुछ ख़ास नहीं है। इस वजह से मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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