For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

हर शुक्रवार, नवरात्रि और माता की चौकी में जरुर गाएं मां दुर्गा, मां काली की आरती

|

हिंदू धर्म में मां काली को बहुत ही शक्तिशाली देवी माना जाता है। ये काल का स्त्री रूप है इसलिए इन्हें काली कहा जाता है। भक्त इनमें मां का अंश पाता है। इन्हें मां पार्वती और दुर्गा माता का रौद्र के रूप में पूजा जाता है। मां काली पर लोगों की आस्था बहुत अधिक है। उनका विश्वास है कि काली माता सदैव बुरी और नकारात्मक शक्तियों से उनकी रक्षा करती है। जातक मां काली को खुश करने के लिए कई प्रयास भी करते हैं। आज मां काली की आरती आपके लिए लेकर आए हैं। आपने ये आरती जरुर सुनी होगी। आप भी मां का आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो उनकी ये आरती जरुर पढ़ें।

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली ।

तेरे ही गुण गाये भारती,

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

तेरे भक्त जनो पर,

भीर पडी है भारी माँ ।

दानव दल पर टूट पडो,

माँ करके सिंह सवारी ।

सौ-सौ सिंहो से बलशाली,

अष्ट भुजाओ वाली,

दुष्टो को पलमे संहारती ।

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली ।

तेरे ही गुण गाये भारती,

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

माँ बेटे का है इस जग मे,

बडा ही निर्मल नाता ।

पूत - कपूत सुने है पर न,

माता सुनी कुमाता ॥

सब पे करूणा दरसाने वाली,

अमृत बरसाने वाली,

दुखियो के दुखडे निवारती ।

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली ।

तेरे ही गुण गाये भारती,

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

नही मांगते धन और दौलत,

न चांदी न सोना माँ ।

हम तो मांगे माँ तेरे मन मे,

इक छोटा सा कोना ॥

सबकी बिगडी बनाने वाली,

लाज बचाने वाली,

सतियो के सत को सवांरती ।

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली ।

तेरे ही गुण गाये भारती,

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

चरण शरण मे खडे तुम्हारी,

ले पूजा की थाली ।

वरद हस्त सर पर रख दो,

मॉ सकंट हरने वाली ।

मॉ भर दो भक्ति रस प्याली,

अष्ट भुजाओ वाली,

भक्तो के कारज तू ही सारती ।

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,

जय दुर्गे खप्पर वाली ।

तेरे ही गुण गाये भारती,

ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

English summary

Kali Mata Ki Aarti Lyrics in Hindi

Today we are here with the lyrics of Goddess Kali’s aarti.