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शिवरात्रि पर बस इस एक उपाय से दूर करें कालसर्प दोष..
इस साल 13 फरवरी और 14 फरवरी को महाशिवरात्री का त्योहार आ रहा हैं। महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार इसे हर साल फाल्गुन माह में 13वीं रात या 14वें दिन मनाया जाता है। इस शिवरात्रि ऐसा दुलर्भ योग बन रहा हैं, जिसके चलते इस बार रात के चारों प्रहर भगवान शिव की पूजा हो सकेगी।
कहा जाता है कि इस दिन भोले शंकर और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन शिवलिंग पर भगवान शिव को प्रिय चीजें चढ़ाते हैं। इसके अलावा कुंवारी कन्याएं अच्चा पति पाने के लिए इस दिन विशेष पूजा अर्चना करती हैं। यही नहीं इस दिन कालसर्प योग से मुक्ति के लिए भी विशेष उपाय किए जाते हैं। आइए जानते है कि शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा कर किन समस्याओं का उपाय हो सकेगा।

महाशिवरात्रि 2018 तिथि और मुहूर्त
- निशिथ काल पूजा- 00:09 से 01:01 (13 फरवरी)
- पारण का समय- 07:04 से 15:20 (14 फरवरी)
- चतुर्दशी तिथि आरंभ- 22:34 (13 फरवरी)
- चतुर्दशी तिथि समाप्त- 00:46 (15 फरवरी)

कालसर्प दोष से मुक्ति
कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए इस दिन विशेष पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए सुबह शिव मंदिर में जाएं और भगवान शिव को धतूरा चढ़ाएं। इसके बाद ओम नमः शिवाय का जाप करें। यह भी कहा जाता है कि इस दिन नाग-नागिन के जोड़े को शिवलिंग पर अर्पित करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है।

कटती है हर तरह का बीमारी..
अगर किसी तरह की शारीरिक परेशानी है तो किसी योग्य पड़ित से महामृत्युंजय मंत्र का जाप करवाना चाहिए। इससे शारीरिक परेशानी समाप्त हो जाती है। इसके अलावा अगर घर में अशांति रहती है तो पंचमुखी रुद्राक्ष की माला लेकर ओम नमः शिवाय का जाप करें।

मांगलिक दोष करें दूर
सोमवार की आधी रात को यानी निशिथ काल में शिव पूजन करने व शिव को प्रिय बेल पत्र, भांग, धतूरा, जल, दूध, दही, घी, शहद आदि अर्पण करने से मांगलिक दोष दूर होता है। याद रहे उपरोक्त पूजन किसी योग्य और विद्वान ब्राह्मण के द्वारा ही किया जाना चाहिए।

मनचाहा वर मिलता है
इस दिन शिवलिंग की विधिवत पूजा और उपवास करने से कुंवारी लड़कियों को मनचाहा वर मिलता है।

इन चीजों का जरुर करें पूजा में शामिल
भगवान शिव को धतूरा अत्यंत प्रिय है इसलिए भगवान शिव की पूजा में धतूरा जरूर शामिल करना चाहिए।धतूरे के साथ धतूरे का फूल भी भगवान शिव को अर्पित करना अच्छा होता है। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर दूध या गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक करना बहुत उत्तम होता है। इसके साथ चंदन, बेलपत्र, बेर और गन्ने का रस, गेंहू, जौ, सफेद तिल चढ़ाने से अलग-अलग मनोकामनाएं पूरी होती हैं।



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