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5 मिनट तेल मालिश के हैं इतने सारे बेहतरीन फायदे
मालिश करने से शरीर त्वचा के सभी बंद रोम क्षिद्र खुलने लगतें है। इसके साथ ही त्वचा में रक्त का संचार सुचारू रूप से होने लगता है।
तेल मालिश करना एक आयुर्वेदिक प्रक्रिया है मालिश से हमारे पूरे शरीर में खून का दौरा बढ़ जाता है और पाचन शक्ति तेज हो जाती है, पेट साफ रहता है तथा आंते, दिल, फेफड़े और यकृत आदि शक्तिवान हो जाते है।
इसके अलावा मालिश से शरीर के मृत कोशिकाएं शरीर से बाहर निकल जाते हैं, और उनके स्थान पर नए कोष आज आते है जिसे पूरा शरीर नई शक्ति से भर उठता है । नियमित रुप से प्रतिदिन तेल की मालिश करने से कम वजन वाले व्यक्ति के शरीर का वजन बढ़ जाता है और बुढ़ापा दूर भागने लगता है।
बहुत से पुराने रोग जैसे कि अपच, वायु पित्त विकार, बवासीर, अनिद्रा, उच्च रक्तचाप आदि रोगों में मालिश से काफी फायदा होता है। जो व्यक्ति शारीरिक रुप से दुर्बल है और वजन स्वाभाविक रुप से कम है, उनको तेल मालिश करने से बहुत लाभ होता है। उनका शरीर जल्दी-जल्दी तेल सोखने मेँ सक्षम होता है। थोड़े ही दिनोँ के बाद ऐसे लोगोँ का वजन बढ़ने लगता है।
मालिश करने से शरीर त्वचा के सभी बंद रोम क्षिद्र खुलने लगतें है। इसके साथ ही त्वचा में रक्त का संचार सुचारू रूप से होने लगता है।
प्रतिदिन मालिश करने से आपका चेहरा चमकने लगता है। इसके अलावा मालिश करवाने के बजाये मालिश खुद करना भी काफी असरदार होता है। बस इसके लिए आपको मालिश करने का सही तरीका आना चाहिए।

तेल मालिश के फायदे
1. मालिश से त्वचा की मृत कोशिकाएं साफ़ होती हैं और त्वचा को जरुरी पोषण तत्व मिलते हैं जिससे त्वचा चमकदार हो जाती है।
2. मालिश से त्वचा के नीचे जमे विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं जिससे त्वचा नर्म और मुलायम हो जाती है।
3. मालिश करने से त्वचा पर निखार आता है।
4. मालिश करने से त्वचा पर कील मुँहासे निकलना बंद हो जाते हैं।

आयुर्वेदिक मालिश चक्रों के आधार पर होती है
मनुष्य के शरीर में कुल मिलाकर 114 चक्र हैं। वैसे तो शरीर में इससे कहीं ज्यादा चक्र हैं, लेकिन इनमें114 चक्र मुख्य हैं। यही चक्र हमारे शरीर को संतुलित रखते है। आयुर्वेद में इन्ही चक्रों पर मालिश करने से हमारे शरीर स्वस्थ और सुंदर बना रहता है। यही नहीं मालिश से शरीर में हार्मोन भी संतुलित रहते हैं जिससे त्वचा का रंग निखरता है।

स्वीडिश मसाज
इस प्रकार की मालिश में मांसपेशीय की मालिश होती हैं जिससे त्वचा में लचीलापन आता है। स्वीडिश मसाज में मांसपेशियों में तनाव ठीक किया जाता है। इसके पांच तरीकों से मांसपेशियों और त्वचा को आराम दिया जाता है।

थाई मसाज
इस प्रकार की मालिश से शरीर में खिचाव दे कर मालिश की जाती है। जिससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है और शरीर में स्फुर्ति आती है।

उबटन
भारतीय परम्परा में उबटन का इस्तेमाल प्राचीन काल से चला आ रहा है। जिसमें तेल मालिश के बाद बेसन, हल्दी, चंदन, दूध, गुलाब जल, और कपूर डाल कर बनाया जाता है। इसके लिए पहले त्वचा के रोम छिद्र को खोला जाता है और फिर मृत त्वचा को रगड़ कर साफ़ किया जाता है।

अभ्यंग
जब व्यक्ति अपने शरीर की मालिश गर्म तेल से खुद करता है तो उसे अभ्यंग कहते हैं। इससे बाल मजबूत होते हैं और त्वचा पर चमक आती है। अभ्यंग के बारे में यह भी कहा जाता है कि इसे करने से त्वचा और स्वास्थ्य की बहुत सारी समस्याएं ठीक हो जाती हैं।

अभ्यंग करने का तरीका
1. इसके लिए अपनी पसंद का तेल गर्म करें और उसमें कुछ बूँदें खुशबूदार तेल की मिलाएं। गर्मियों में आप तेल में कपूर भी डाल सकते हैं।
2. सर में मालिश करने से शुरू करें फिर पैरों तक मालिश करें। पेट और कमर में हाथ से सर्क्यलर मोशन में मालिश करें।
3. अपने शरीर के किसी भी हिस्से को ज्यादा मोड़े या दबाव ना डालें। इसके साथ शरीर पर लगी चोट पर भी मालिश करने से बचे।
4. मालिश करने के बाद एक घंटे तक रुके जिससे तेल पूरी तरह त्वचा में रम जाए।
5. इसके बाद गर्म पानी से नहाएं और साबुन का इस्तेमाल ना करें। और अगर करना पड़े तो कम झाग वाले साबुन का इस्तेमाल करें।
6. नहाने के बाद त्वचा को सूखने दें।
अलग अलग तेलों से मालिश
मालिश के लिए इस्तेमाल होने वाले तेलों में एक से दो कैरीअर तेल होते हैं जिसमें खुशबू देने के लिए कुछ इसेन्शल तेल मिलाये जाते हैं। कैरीअर तेल वो होते हैं जिनसे शरीर पर मालिश करने से त्वचा में नमी रहती है साथ ही स्वास्थ भी ठीक होता है। एसेंशियल आयल ज्यादा गुणकारी होते हैं और यह लगाते ही त्वचा में समां जाते हैं इसीलिए तो इनकी कुछ बूंदे ही डाली जाती हैं।
इन तेल से करें मालिश

1. नारियल तेल
गर्मियों में नारियल तेल का इस्तेमाल करना काफी फायदेमंद माना जाता है। इसके औषधीय गुण आपकी सेहत, सुंदरता और बालों को स्वस्थ बनाए रखते हैं। यह त्वचा और बालों को प्राकृतिक रूप से मुलायम और चमकीला बनाता है। त्वचा को मॉस्चराइज करना हो या बालों की कंडीशनिंग, नारियल तेल सबसे अच्छा विकल्प है।

2. सरसों का तेल
सरसों के तेल में विटामिन ई होता है जिससे दाग धब्बे और मुँहासे ठीक होने लगते हैं। इससे त्वचा का रंग साफ़ होने लगता है साथ ही त्वचा में चमक आने लगती है। इसे उबटन में भी इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि यह मृत कोशिकाओं को साफ़ करके त्वचा को मुलायम बनता है।

3. जैतून का तेल
जैतून का तेल त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है इससे त्वचा में जमी चर्बी हट जाती है साथ ही सूरज की किरणों से काली पड़ी त्वचा ठीक होने लगती है। इसमें विटामिन ई होता है जिससे स्ट्रेच मार्क्स ठीक होते हैं।
एसेंशियल आयल

1. गेरियम तेल
इस तेल से त्वचा पर आयी झुर्रियां ठीक होती हैं साथ ही त्वचा चिकनी हो जाती है। इस तेल को इस्तेमाल करने से हॉर्मोन संतुलित होते हैं और लालिमा और सूजन भी कम हो जाती है। इससे त्वचा का रंग साफ़ होता है और इसे आप गर्म मौसम में इस्तेमाल कर सकते हैं।

2. टी ट्री आयल
इस तेल को लगाने से दाग धब्बे दिखना कम हो जाते हैं यही नहीं यह मुहासों को भी ठीक करता है, साथ ही रूसी के लिए भी यह बेहतरीन इलाज है।

3. जैस्मीन ऑयल
इस सुगंधित तेल से त्वचा नरम और मुलायम होती है, साथ ही त्वचा में कोमलता आती है। इसकी सुगंध से मन को भी शांति मिलती है।

4. नीलगिरी का तेल
नीलगिरी का तेल इस्तेमाल करने से शरीर की अनचाही चर्बी हटती है और मुँहासे भी ठीक हो जाते हैं। टी ट्री के तेल की तरह यह भी रुसी को ठीक करता है। साथ ही इससे त्वचा पर आयी सूजन भी ठीक होती है।

मतभेद
1. यदि आप गर्भवती हैं तो स्वयं-मालिश न करें। आपको यह सलाह दी जाती है, कि आप किसी के दुवारा मालिश करा सकती हैं।
2. घाव या चोट की जगह पर मालिश ना करें।
3 . मालिश करने वाली को अपनी बीमारियाँ के बारे में जरूर बताएं, क्योंकि अगर आपकी तबियत ज्यादा ख़राब है तो वह उसे ठीक करने के लिए मालिश का तरीका आपको बता देगी।
4. अगर आपको किसी तेल से एलर्जी है तो उसका पैच टेस्ट जरूर करें।
5. अगर आपको किसी भी तेल से कोई परेशानी है तो उसे तुरंत धो दें।
सदियों से तेल मालिश को सौंदर्य प्रसाधनों में गिना जाता है। अगर कोई व्यक्ति सही तरीके से तेल मालिश रोज़ करता है तो उसके परिणाम आपको दिखाई देने लगेंगे। तेल मालिश का सबसे मुख्य उद्देश्य है तनाव को कम करना।



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