Latest Updates
-
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय
क्रायोथेरेपी क्या है? हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड सेलिब्रेटी में है इसका क्रेज
आजकल फिट रहने और सुंदर बने रहने के लिए कई तरह की थैरेपी का इस्तेमाल करते है, इन्हीं में से एक है क्रायोथेरेपी। क्रायोथेरेपी का उपयोग कई सेलिब्रेटिज जवां और चुस्त-दुरुस्त दिखने के लिए करते हैं। दरअसल क्रायोथेरेपी का उपयोग शरीर की मांसपेशियों के खिचने और ऊतकों के कमजोर होने पर किया जाता है। इसके अलावा ये चेहरे को बेदाग और सुंदर भी बनाता है। ये थेरेपी कई मायनों में शरीर को बहुत फायेदा पहुंचाती है। इसलिए बहुत जल्दी ये लोगों के बीच पॉप्युलर हो गई है।

आइए जानते हैं क्रायोथेरिपी से कैसे होता है इलाज और क्या हैं इसके फायदे।
क्या होती है क्रायोथेरेपी?
क्रायोथेरपी में इंसान को बहुत कम तापमान में रखा जाता है इसे आइस पैक थेरेपी या क्रायो सर्जरी के नाम से भी जाना जाता है। इस थेरेपी के माध्यम से शरीर की नसों में रहने वाले दर्द और ऐंठन का इलाज किया जाता है। क्रायोथेरपी के द्वारा शरीर की कोशिकाओं में बढ़ोत्तरी को भी रोकने में मदद मिलती है। क्रायोथेरेपी से शरीर के उस स्थान के बढ़े हुए तापमान को कम करता है, रक्त संचार की गति को बढ़ाता है, यह तंत्रिकाओं के वेग को भी कम कर देता है जिसके कारण दर्द को काबू में आ जाता है।
कैसे होती है क्रायोथेरेपी
क्रायोथेरेपी के लिए एक विशेष प्रकार का कमरा होता है जिसमें बिना कपड़ों के इंसान को रखा जाता है। उस कमरे में बहुत ही ठंडी हवा लगभग -100 डिग्री से. लगभग 4 से 5 मिनट तक डाली जाती है। क्रायोथेरेपी में ब्लड और स्किन पर असर सीधा पड़ता है। जब ठंडी हवा शरीर पर पड़ती है तो ब्लड स्किन के सर्फेस तक पहुंच जाता है और स्किन में मौजूद विषैले तत्वों को या ता निकाल देता है या प्यूरीफायर कर देता है। इसके अलावा स्किन जहां से अपनी चमक खोती जा रही है या जहां दाग-धब्बें मौजूद होते हैं। वहां पर नाइट्रोजन के जरिए फ्रिज किया जाता है जो स्किन की सारी समस्याओं को तुरंत खत्म कर देता है।
सेलिब्रेटी भी है दिवानें
ये थेरेपी मांसपेशियों में आई सूजन और दर्द को दूर करती है। इसलिए बड़े-बड़े एथलीट इस थैरेपी के मुरीद है। फुटबॉलर रोनाल्डो ने अपने घर पर स्पेशल क्रायोथैरेपी चेंबर बनाया हुआ है जहां वो पोस्ट वर्कआउट 3 मिनट बिताते हैं। इसके अलावा रणबीर कपूर की भी इस थेरेपी को लेते हुए फोटोज वायरल हो चुकी है। हॉलीवुड हसीनाओं में केट मॉस, जेसिका अल्बा, जेनिफर जेनिफर एनिस्टन और डेमी मूरे भी इस थेरेपी को लेना पसंद करती है।
जाने इसके फायदें
स्किन की समस्याओं को करती है दूर
ये थैरेपी स्किन की सारी समस्याओं को एक साथ खत्म करने की सबसे बेहतर प्रक्रिया है। इसके द्वारा मस्से, तिल, सनबर्न इत्यादि का इलाज किया जाता है। मुंहासे और किसी चोट के निशान का भी इलाज इसके द्वारा संभव है।
सेल्युलाइट को करता है कम
क्रायोथैरेपी से जांघों, कूल्हों और पैरों पर ही जमा हो चुके है अतिरिक्त फैट या सेल्युलाइट को कम करता है। लेकिन क्रायोथैरेपी फैट टिशू को हाइड्रेट कर देती है और इससे सेल्युलाइट कम हो जाता है और इससे वजन कम करने में मदद मिलती है। साथ ही यह त्वचा की अन्य समस्याएं जैसी एक्जिमा आदि को भी कम करता है।
माइग्रेन के दर्द को करता है कम
क्रायोथेरेपी माइग्रेन के कारण होने वाले सिर दर्द को भी कम करती है। एक रिसर्च के अनुसार यह माइग्रेन के दर्द को कम करने के लिए भी यह थेरेपी उपयोगी है।
थकान और सूजन को करती है कम
क्रायोथेरेपी से थकान तुरंत कम होती है। 3 मिनट के एक सेशन में ही इसमें थकान कम हो जाती है और भरपूर ऊर्जा मिलती है। टफ वर्कआउट के बाद मसल्स में आई थकान और सूजन को कम करता है।
विशेषज्ञ की सलाह लें
क्रायोथेरेपी से वैसे तो सभी लोगों का इलाज हो सकता हे लेकिन बीमारियों से होने वाले घावों के इलाज में यह उपयोगी नहीं है। हर चीज की तरह इसके भी कुछ साइडइफेक्ट्स है इसलिए अगर आप क्रायोथेरेपी कराने के बारे में सोच रही है तो किसी डर्मेटोलॉजिस्ट से जरुर सलाह अवश्य लें।
इन स्थितियों में अवॉइड करें
- खुले घावों में इसका प्रयोग न करें
- उच्च रक्तचाप होन पर
- हृदय रोगों में
- त्वचा संक्रमण होने पर
- शरीर में किसी तरह की कंपकंपी या झनझनाहट होने पर।
- शीत पित्ती (Cold Urticaria) में।



Click it and Unblock the Notifications
