बाल झड़ रहे हैं या सफेद हो रहे हैं, अश्‍वगंधा करें यूज़

By Parul Rohatgi

अश्‍वगंधा बालों की जड़ों को मजबूत कर बालों में मेलानिन की मात्रा को बढ़ाने मे मदद करता है। इससे बालों की पकड़ मजबूत होती है।

अश्‍वगंधा, बालों के झड़ने की समस्‍या और अनिद्रा को दूर शरीर में संतुलन पैदा करता है। ये समय से पहले बालों के सफेद होने से भी बचाता है।

Ashwagandha For Healthy Hair: Stop Hair Loss And Graying


बेहतर होगा कि इसका इस्‍तेमाल करने से पहले आप किसी आयुर्वेदिक डॉक्‍टर से परामर्श कर लें। अश्‍वगंधा एक रसायन और आयुर्वेद जड़ी-बूटी है जो युवाओं के बालों को झड़ने से रोकती है। तो चलिए जानते हैं कि किस तरह अश्‍वगंधा आपकी परेशानियों को दूर करता है।

 पित्त की समस्‍या दूर करता है अश्‍वगंधा

पित्त की समस्‍या दूर करता है अश्‍वगंधा

आयुर्वेद के अनुसार मनुष्‍य के शरीर के तीन प्रकार और दोष होते हैं - वात, पित्त और कफ। पित्त प्रकृति के लोगों के शरीर में हमेशा अग्‍नि प्रदीप्‍त रहती है एवं इनके समय से पहले बाल सफेद होने और बालों के झड़ने की समस्‍या देखी जाती है। इसलिए आपको अश्‍वगंधा का सेवन करना चाहिए

स्‍वस्‍थ बालों के लिए क्‍यों लें अश्‍वगंधा

स्‍वस्‍थ बालों के लिए क्‍यों लें अश्‍वगंधा

स्‍वस्‍थ शरीर से ही स्‍वस्‍थ बालों को पाया जा सकता है। अश्‍वगंधा से 44 प्रतिशत तनाव, जलन और शरीर में कार्टिसोल के स्‍तर में कमी आती है। उम्र बढ़ने के साथ अश्‍वगंधा का सेवन आपके लिए अमृत साबित हो सकता है। ये जड़ों तक काम करता है और इससे बालों के झड़ने से लेकर उन्‍हें सफेद होने तक से बचाया जा सकता है। साथ ही अश्‍वगंधा संपूर्ण सेहत को सुधारने में भी महत्‍वूर्ण भूमिका निभाता है। इससे बाल बढ़ने लगते हैं।

बालों की जड़ों को करता है मजबूत

बालों की जड़ों को करता है मजबूत

अश्‍वगंधा सीधा बालों की जड़ों पर काम करता है और उन्‍हें मजबूत बनाता है। अश्‍वगंधा में कुछ जड़ी-बूटियां मिलकार उसमें नारियल तेल डालकर लगा सकते हैं। इससे बालों के झड़ने की समस्‍या दूर होती है।

स्‍कैल्‍प को करे मजबूत

स्‍कैल्‍प को करे मजबूत

गुडुची जड़ी-बूटी के साथ मिलाकर लगाने पर अश्‍वगंधा आपकी हड्डियों को सहारा देता है और इससे स्‍कैल्‍प की बालों को मजबूती से पकड़ कर रखने की क्षमता में भी वृद्धि होती है

तनाव और कोर्टिसोल का स्‍तर

तनाव और कोर्टिसोल का स्‍तर

स्‍वस्‍थ लोगों में भी तनाव के कारण बालों के झड़ने की समस्‍या देखी जाती है। इसे टेलोजन एफ्लुवियम कहा जाता है। तनाव के बढ़ जाने पर यह स्थिति एलोपेशिया एरिएटा कहलाती है जो कि एक ऑटो इम्‍यून स्थिति है जहां पर इम्‍यून सिस्‍टम बालों को नुकसान पहुंचाता है।

एलोपशिया एरिएटा से बचा जा सकता है लेकिन इसकी देखभाल या बचाव करना बहुत मुश्किल होता है।

टेलोजन एफ्लुवियम को अश्‍वगंधा थेरेपी से रोका जात सकता है। अश्‍वगंधा कोर्टिसोल के स्‍तर को कम करता है जोकि एक स्‍ट्रेस हार्मोन है। 28 प्रतिशत से 44 प्रतिशत तक अश्‍वगंधा से कोर्टिसोल के स्‍तर को कम किया जा सकता है। साथ ही ये एलोपशिया एरिएटा से भी बचाव करता है। हालांकि एलोपेशिया एरिएटा में प्‍याज से नए बालों को उगाया जा सकता है। ऐसा एलोपेशिया एरिएटा के मरीज़ों में 90 मामलों में देखा गया है।

सफेद बालों से छुटकारा

सफेद बालों से छुटकारा

अश्‍वगंधा की जड़ बालों को सफेद होने से रोकने के लिए जानी जाती है। इससे बालों को समय से पहले सफेद होने से भी बचाया जा सकता है। फ्री रेडिकल्‍स द्वारा कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने पर समय से पहले बाल सफेद हो जाते हैं।

वहीं दूसरी ओर उम्र बढ़ने पर बालों का सफेद होने का कारण है कि शरीर पर हाइड्रोजन पैरॉक्‍साइड और मेटाबॉलिज्‍म पर रसायनों का प्रभाव पड़ता है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे आपके शरीर में प्राकृतिक एंटीऑक्‍सीडेंस की कमी होने लगती है और हाइड्रोजन पैराक्‍साइड नुकसानदायक रसायनों मे बद ल जाते हैं। परिणाम स्‍वरूप हाइड्रोजन पैरॉक्‍साइड मेलानिन बनाने वाली कोशिकाओं के साथ मिलकर काम नहीं कर पाते हैं और इस वजह से बढ़ती उम्र में बाल सफेद होने लगते हैं।

आयुर्वेदिक डॉक्‍टर से जरूर लें परामर्श

आयुर्वेदिक डॉक्‍टर से जरूर लें परामर्श

अश्‍वगंधा को कई तरह की परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए प्रयोग किया जा सकता है लेकिन स्‍वयं अपनी मनमर्जी से इसका सेवन ना करें। किसी आयुर्वेदिक डॉक्‍टर से परामर्श लेने के बाद ही अश्‍वगंधा लेना शुरु करें।

कुछ मामलों में अश्‍वगंधा का हार्मोनल प्रक्रिया पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और इस कारण चेहरे पर अनचाहे बालों के बढ़ने जैसी समस्‍या आ सकती है। ये शरीर में टेस्‍टोस्‍टेरॉन के स्‍तर को भी बढ़ा सकता है।

अश्‍वगंधा को सेवन करने से पूर्व आयुर्वेदिक डॉक्‍टर से परामर्श लेना बहुत जरूरी है।

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