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बालों को कैमिकल से नहीं प्रोटीन से बनाएं सिल्की, जानें रिबाउंडिंग से कैसे बेहतर है हेयर केराटिन
वर्किंग महिलाओं के लिए बाल को मैनेज करना बहुत ही टफ हो जाता है। सुंदर बाल की चाहत हर महिला को होती है। ऐसे में कामकाजी महिला बालों को सुंदर बनाने के लिए अधिक से अधिक कैमिकल का प्रयोग करती है। जिससे कुछ समय के लिए बाल सुंदर और सिल्की हो जाते है लेकिन इससे बालों को बहुत नुकसान होता हैं। वहीं इन दिनों महिलाओं के बीच रिबाउंडिंग और स्मूदनिंग की जगह हेयर केराटिन काफी चर्चा में बना हुआ है। चलिए जानते है कि हेयर केराटिन ट्रीटमेंट रिबाउंडिंग और स्मूदनिंग से कैसे बेहतर है।
कामकाजी महिलाओं के लिए अपने बालों को मैनेज करना बहुत ही चैलेंजिंग हो जाता है. जिसकी वजह से रिबाउंडिंग महिलाओं के बीच काफी पॉपुलर हो हुआ। रिबाउंडिंग ट्रीटमेंट में बालों को सीधा और सिल्की किया जाता है. इस ट्रीटमेंट में बहुत ज्यादा मात्रा में कैमिकल का प्रयोग होता है।

जिसकी वजह से बाल सीधे और सिल्की तो होते है लेकिन कुछ समय बाद बालों को काफी नुकसान होता हैं। इस वजह महिलाओं में रिबाउंडिंग का क्रेज कम हो गया है। वहीं अब महिलाओं के बीच हेयर केराटिन का क्रेज देखने को मिल रहा है। इसमें रफ बालों को प्रोटीन ट्रीटमेंट से बेहतर बनाया जाता है।

कैसे किया जाता है हेयर केराटिन
हेयर केराटिन में रिबाउंडिंग और स्मूथनिंग के मुकाबले बहुत कम समय लगता है। रिबाउंडिंग में कई तरह के कैमिकल का प्रयोग होता है तो वहीं केराटिन में एक ही क्रीम का प्रयोग किया जाता है। बालों की ग्रोथ के अनुसार इस क्रीम को बालों में 90 मिनट या उससे ज्यादा समय के लिए लगाया जाता है। इसके बाद हेयर वॉश की जगह हेयर स्ट्रेटनर से बालों को सीधा किया जाता हैं। ऐसा करने से बाल पहले के मुकाबले काफी सीधे और मुलायम हो जाते हैं।

हेयर केराटिन और रिबाउंडिंग क्या है बेहतर
रिबाउंडिंग के मुकाबले हेयर केराटिन को जानकार बेहतर बताते हैं। केराटिन ट्रीटमेंट 100% बाल सीधे नहीं होते इसमें 60% तक ही बाल सीधें हो पाते हैं। हेयर केरााटिन में बालों को प्रोटीन दिया जाता है. जो कि कुछ ही महीनों तक रहता है।

क्यों है जरुरी हेयर केराटिन, किसे करवाना चाहिए और किसे नहीं
जानकारों का मानना है कि बालों में किसी भी तरह का कैमिकल का प्रयोग नहीं करना चाहिए। लेकिन जो महिलाएं अधिकतर अपने बालों में कैमिकल का प्रयोग करती रहती हैं। उनके लिए ये ट्रीटमेंट बेहतर है क्योंकि इस ट्रीटमेंट में कम से कम कैमिकल का इस्तेमाल होता है। जिनके बाल बहुत अधिक रफ हो गए है उनके लिए भी ये ट्रीटमेंट काफी उपयोगी होगा।

हेयर केराटिन का खर्च
रिबाउंडिंग की बढ़ती मांग के चलते छोटे सेलून पर 3 हजार तक में रिबाउंडिंग हो जाती है लेकिन शुरुआत में रिबाउंडिंग करवाने में 10 हजार रुपए तक का खर्च आता था। वहीं इन दिनों केराटिन के बढ़ते चलन के कारण इसका खर्च 10 से 12 हजार तक आता है। कुछ छोटे सेलून 3 हजार तक में भी केराटिन कर देते हैं। लेकिन छोटे पार्लर में सस्ती क्रीम का इस्तेमाल होता है जिससे बालों को नुकसान हो सकता है, ऐसे में हेयर केराटिन के लिए अच्छेल सेलून जाना चाहिए



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