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क्या होता है जैल मैनीक्योर, जानिए इससे होने वाले फायदों के बारे में
नेल मैनीक्योर में नाखूनों को पॉलिश करने के लिए अधिकतर सैलून अल्ट्रा वॉयलेट लैंप का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, नाखूनों को पूरी तरह से सेट करने के लिए आपको जैल मैनीक्योर के सूखने और सेट होने तक हाथ को लैंप के अंदर ही रखना पड़ता है।
आजकल जैल मैनीक्योर का चलन काफी बढ़ गया है। एक स्टडी में पता चला है कि यूवी लैंप के इस्तेमाल से नाखूनों के आसपास की त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है और यहां तक कि त्वचा कैंसर का खतरा हो सकता है। आइए जानते हैं कॉस्मेटिक डर्मेटोलोजिस्ट से जैल मैनीक्योर के बारे में कुछ जरूरी बातें।

जैल मैनीक्योर के बारे में जानें
रिसर्च की मानें तो सिर्फ 12 बार यूवी किरणों का त्वचा पर इस्तेमाल होने का असर नाखूनों पर दिखने लगता है। 6 महीने के मैनीक्योर में ही आपके नाखूनों पर इसका हानिकारक प्रभाव दिखना शुरु हो सकता है। सैलून में इस्तेमाल होने वाले यूवी लैंप पर कोई सख्त प्रतिबंध लगाने की जरूरत है। लैंप से कितनी तेज लाइट निकलती है और नाखूनों पर कितनी देर तक आप लाइट लेते हैं, इस बात पर ही निर्भर करता है कि त्वचा को कितना नुकसान होगा।
हर सैलून में अलग तरह के लैंप का इस्तेमाल किया जाता है और पूरे मैनीक्योर में लगभग आठ मिनट का समय लगता है। त्वचा को नुकसान पहुंचाने में यूवी लैंप की पोजीशन भी बहुत मायने रखती है।
कैसे बचें
एंटीबायोटिक, गर्भ निरोधक और एस्ट्रोजन आदि की दवाएं ले रहे हैं तो एयर ड्रायर का इस्तेमाल करें। ये दवाएं यूवी किरणों के प्रति त्वचा को ज्यादा संवेदनशील बना देती हैं।
अगर किसी सप्लीमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप यूवी लैंप से दूर ही रहें।
लैंप का इस्तेमाल करने से पहले सभी तरह के कॉस्मेटिक, परफ्यूम और स्किन केयर उत्पादों (सनस्क्रीन को छोड़कर) को अच्छी तरह से स्किन से साफ कर दें। इन चीजों में मिली सामग्रियां यूवी किरणों के प्रति त्वचा को ज्यादा संवेदनशील कर सकती हैं।
यूवी प्रोटेक्शन ग्लव्स (दस्ताने) को अंतिम छोर से काटकर लैंप में हाथ रखें। इस तरह यूवी किरणें केवल नाखूनों पर पड़ेंगी।
कम से कम एसपीएफ 15 या इससे ज्यादा की सनस्क्रीन लगाएं। नाखूनों को फिल करने के बाद सनस्क्रीन लगाएं। वॉटर रेसिस्टेंट सनस्क्रीन लगाएं।
नेल क्यूरिंग सेशन आठ मिनट से लंबा नहीं होना चाहिए। कई सैलून अंडर क्योर से ज्यादा ओवर क्योर को तवज्जो देते हैं इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि आपके हाथ जरूरत से ज्यादा समय तक लैंप के अंदर ना रहें।
लैंप में डालने से पहले नाखूनों पर नेल पॉलिश नहीं लगी होनी चाहिए। अगर आपको नाखूनों पर कोई डैमेज दिख रहा है तो एयर ड्रायर का इस्तेमाल करें और यूवी लैंप को नजरअंदाज कर दें।
अगर आपको सिर्फ जैल पॉलिश पसंद है तो आधे से ज्यादा समय तक एयर ड्रायर का इस्तेमाल करें।
नाखूनों के आसपास कोई भी डैमेज या त्वचा के आसपास हल्का-सा भी दाग दिखे तो डर्मेटोलॉजिस्ट से बात करें।



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