मजबूत और घनी पलकों के लिए महिलाओं के बीच बढ़ा आई लैशेज एक्सटेंशन ट्रीटमेंट का ट्रेंड, जानिए फायदे और नुकसान

खूबसूरत दिखने के लिए महिलाएं मेकअप का इस्तेमाल करती है। लेकिन बदलते लाइफस्टाइल में काफी बदलाव आ चुका है। महिलाएं अब खूबसूरत लुक के लिए सेमी परमानेंट ट्रीटमेंट लेती हैं। नेचुरल पिंक लिप्स के लिए परमानेंट लिपस्टिक, परमानेंट आईब्रो के बाद इन दिनों सेमी परमानेंट आईलैशेज का काफी चलन देखने को मिल रहा है।

Eyelashes Extensions Treatment

इस ट्रीटमेंट से पलकें घनी और ज्याद सुंदर लगती है। महिलाएं सेमी परमानेंट आई लैशेज ट्रीटमेंट करवाना पसंद करती है। इन दिनों सेमी परमानेंट आई लैशेज ट्रीटमेंट काफी ट्रेंड में हैं। चलिए जानते हैं क्या सेमी परमानेंट आई लैशेज ट्रीटमेंट, खर्च और सारी डिटेल्स।

क्या है सेमी परमानेंट आई लैशेज

क्या है सेमी परमानेंट आई लैशेज

लैश एक्सटेंशन ट्रीटमेंट सिंथेटिक और रेशम के रेशे होते है जिसे नेचुरल पलकों के साथ लगया जाता है, जिससे पलके घनी और खूबसूरत दिखती है। इस ट्रीटमेंट में सेमी परमानेंट गोंद का इस्तेमाल करके एक्सटेंशन को लगया जाता है, जिससे नेचुरल लैशेज को कोई भी नुकसान नहीं होता है। लैश एक्सटेंशन सीधे नेचुरल लैश से जुड़े होते है जिससे आपको मस्कारा लगाने की भी जरुरत नहीं होती है।

आई लैशेज ट्रीटमेंट में कितना समय लगता है?

आई लैशेज ट्रीटमेंट में कितना समय लगता है?

इस ट्रीटमेंट में लगभग 1 से 2 घंटे का समय लगता है। लेकिन एक अच्छा लैश तकनीशियन काफी समय ले सकता है, जिससे आपकी आंखों को कोई नुकसान ना हो। वहीं ट्रीटमेंट के बाद फोन का इस्तेमाल ना करने के लिए कहा जाता है, जिससे आंखों को आराम मिलें। इस ब्यूटी ट्रीटमेंट में दर्द नहीं होता है।

ट्रीटमेंट में खर्च

ट्रीटमेंट में खर्च

इस ट्रीटमेंट में 105 डॉलर से लेकर 550 डॉलर का खर्च आ सकता है। मतलब आई लैशे ट्रीटमेंट में 8000 से 20000 रुपए तक का खर्च आता है।

आई लैशेज ट्रीटमेंट के बाद क्या करें और क्या नहीं

आई लैशेज ट्रीटमेंट के बाद क्या करें और क्या नहीं

ट्रीटमेंट के बाद एक दिन तक लैशेज को पानी से बचा कर रखें, ताकि गोंद पूरी तरह से सूख जाए। आई एक्सटेंशन करवाने के बाद कुछ समय तक पलको को कर्ल ना करें, ना ही काजल और मस्कारा का इस्तेमाल करें। आंखों को तो बिलकुल भी रगड़ना नहीं चाहिए, साथ ही बार बार पलकों को नहीं छूना चाहिए।

आई लैशेज एक्सटेंशन कितने समय तक चलते हैं?

आई लैशेज एक्सटेंशन कितने समय तक चलते हैं?

आर्टिफिशयल आइलैश को नेचुरल आइलैश से बराबर सेट किया जाता है। जिससे लैश एक्सटेंशन 40 से 30 दिन तक रहते है। 4 से 5 वीक बाद फिर से आई लैशेज को रिफिल करना होता है।

सेमी परमानेंट आई लैशेज ट्रीटमेंट के फायदे

सेमी परमानेंट आई लैशेज ट्रीटमेंट के फायदे

घनी और लंबी पलकें आंखों की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। बहुत ही लड़कियों की पलके घनी होती है, वह केवल मस्कारा लगाकर अपनी आंखों को बेहद खूबसूरत बना सकती है। लेकिन बहुत महिलाओं की आई लैशेज बहुत ही हल्की होती है। घनी और सुंदर आई लैशेज के लिए महिलाएं सेमी परमानेंट ट्रीटमेंट करवाती हैं। इस ट्रीटमेंट के बाद पलके घनी हो जाती है। सेमी परमानेंट ट्रीटमेंट में पलके 15 से 3 महीने तक फिक्स रहती है।

Story first published: Wednesday, May 19, 2021, 16:39 [IST]
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