ऑइली स्‍किन वालों के लिये बेस्‍ट आयुर्वेदिक टिप्‍स

दही को हल्‍दी के साथ मिलाकर इसे फेसपैक की तरह लगा लें और 10 मिनट के लिए लगा रहने दें। उसके बाद, धो लें।पपीते का रस, त्‍वचा के लिए रामबाण है। आप इसे लगाने के बाद स्‍वयं ही त्‍वचा में फर्क महसूस करेंगी

By Aditi Pathak

त्‍वचा, ड्राई हो या तैलीय, दिक्‍कत ही देती है। कई लोगों की त्‍वचा, बेहद तैलीय होती है और वो इसके लिए भरपूर प्रयास भी करते हैं।

त्‍वचा पर तेल निकलने से स्‍कीन पर दाने और मुँ‍हासे की समस्‍या सबसे ज्‍यादा बढ़ जाती है। ऐसे में आप किसी कॉस्‍मेटिक प्रोडक्‍ट को इस्‍तेमाल करने से ज्‍यादा घरेलू उपाय या आयुर्वेदिक उपायों को अपनाएं।

इससे आपको लाभ मिलेगा और किसी प्रकार के दुष्‍परिणाम भी नहीं होंगे। आइए डालते हैं कि इन आयुर्वेदिक टिप्‍स पर एक नज़र:

1. दही और हल्‍दी फेस मास्‍क

1. दही और हल्‍दी फेस मास्‍क

दही, त्‍वचा को प्राकृतिक रूप से चमकाने वाला तत्‍व है। ये त्‍वचा को ब्‍लीच करने जैसी चमक प्रदान करता है।

2. पपीते का रस-

2. पपीते का रस-

पपीते का रस, त्‍वचा के लिए रामबाण है। आप इसे लगाने के बाद स्‍वयं ही त्‍वचा में फर्क महसूस करेंगी। आयुर्वेद के अनुसार, पपीता न सिर्फ त्‍वचा को साफ करता है बल्कि मृत त्‍वचा को भी निकाल देता है और चमक प्रदान करता है।

आप एक पपीते के टुकड़े कर लें। उसमें से दो या तीन पीस को इसके लिए इसतेमाल करें, बाकी को खा लें। इन पीस को पीस लें और इनका रस निकालकर चेहरे पर लगाएं। इसे 15 मिनट के लिए लगा रहने दें और उसके बाद, ठंडे पानी से धो लें।

3. तुलसी -

3. तुलसी -

तैलीय त्‍वचा के लिए तुलसी कारगर नहीं है। लेकिन अगर आपके चेहरे पर दाने हैं तो इसक लेप बना लें और उसे चेहरे पर लगाएं।

तुलसी में एंटी-बैक्‍टीरियल गुण होते हैं जिससे ये कीटाणु आसानी से मर जाते हैं और चेहरे पर दाने होना कम हो जाता है। लेकिन ध्‍यान रहें कि ज्‍यादा मात्रा में इसका प्रयोग न करें अन्‍यथा आपका चेहरा झुलस भी सकता है।

4. नीम -

4. नीम -

नीम हर मर्ज के लिए लाभकारी दवा है। नीम की पत्तियों को पीस लें और इसके लेप को 20 मिनट के लिए चेहरे पर लगा लें।

चेहरे पर होने वाली कील-मुँहासों और दानों की समस्‍या बिल्‍कुल सही हो जाएगी। लेकिन इसे 20 मिनट से ज्‍यादा देर के लिए चेहरे पर न लगाएं, वरना चेहरा झुलस सकता है।

ये ऑयली त्‍वचा के लिए सबसे अच्‍छा और सबसे सस्‍ता उपचार है।

5. मुल्‍तानी मिट्टी -

5. मुल्‍तानी मिट्टी -

इसे फुलेर अर्थ भी कहा जाता है। इसकी मदद से चेहरे पर दाने और ऑयल की समस्‍या दूर हो जाती है।

आप इसके चूर्ण को भिगो लें और चेहरे पर परत बनाकर लगा लें। इस दौरान बोलें नहीं। 10 मिनट बाद चेहरा धुल लें।

गर्मियों के दिनों में हर शाम आप लगा सकती हैं और सर्दियों में इसका इस्‍तेमाल ज्‍यादा न करें। ये त्‍वचा को लम्‍बे समय तक तेल मुक्‍त रखती है।

6. संतरा -

6. संतरा -

संतरे के छिलके को सुखाकर पीस कर रख लें। इसके बाद आप इसका पेस्‍ट बनाकर रख लें।

इस पेस्‍ट को गुलाब जल के साथ मिलाकर चेहरे पर 15 मिनट के लिए लगाएं। इससे चेहरे पर तेल हट जाएगा और फ्रेशनेस आ जाएगी। लेकिन इसे लगाने के बाद चेहरे को कभी भी गर्म पानी से न धुलें।

7. चंदन - चंदन की तासीर बहुत ठंडी होती है।

7. चंदन - चंदन की तासीर बहुत ठंडी होती है।

आप दो चम्‍मच चंदन पाउडर लें और इसमें ठंडा दूध मिला लें। इसे अपने चेहरे पर मोटा सा पेस्‍ट बनाकर लगा लें। 20 मिनट बाद इसे धुल लें। इससे आपके चेहरे पर ऑयनीनेस चली जाएगी।

8. दूध -

8. दूध -

जैसा कि आपको ज्ञात है कि आयुर्वेद में दूध का विशेष स्‍थान है। आप दूध को यूँ ही चेहरे पर लगा लें और फिर 10 मिनट बाद धुल लें। नहाने से पहले ऐसा करना सही रहेगा ताकि बाद में बदबू नहीं आएगी।

इस प्रकार, आप इन 8 तत्‍वों की मदद से चेहरे को ऑयली होने से बचा सकते हैं।

Story first published: Thursday, April 13, 2017, 10:00 [IST]
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