Childran's Day पर बॉलीवुड की 6 ऐसी फिल्में जिन्हें हर मां-बाप को बच्चे के साथ देखना चाहिए

Childrens Day Special Movies: "सिनेमा जीवन का दर्पण है" एक लोकप्रिय कहावत है लेकिन कभी-कभी सिनेमा केवल मनोरंजन के दायरे से आगे बढ़कर शैक्षिक या प्रेरणादायक बन जाता है। बॉलीवुड में ऐसी फिल्मों के कई बेहतरीन उदाहरण हैं जो प्रेरणा देती हैं, शिक्षित करती हैं और दिमाग को व्यापक बनाती हैं।

अपने बच्चों के साथ ऐसी फिल्में देखना एक बहुत ही भावुक अनुभव हो सकता है। आज हम आपको 10 ऐसी फ‍िल्‍मों के बारे में बता रहे हैं, जो आपको रियल लाइफ एक्‍सपीरियंस दे सकते हैं-

 Childrens Day Special Movies: Bollywood Films

तारे जमीन पर (2007)

साल 2007 में आई आमिर खान स्टारर फिल्म तारे जमीन पर को लोगों ने काफी पसंद किया था। इस फिल्म के जरिए बच्चों से जुड़े एक गंभीर मुद्दे को उठाने की कोशिश की गई थी। फिल्म में ऐसे बच्चों के बारे में दिखाया गया जो पढ़ाई में कमजोर लेकिन काफी क्रिएटिव होते हैं। अमोल गुप्ते और आमिर खान द्वारा निर्देशित इस फिल्म की दर्शकों ने काफी सराहना की थी।

आई एम कलाम (2010)

नीला माधब पांडा की निर्देशित इस फिल्म को दर्शकों के साथ ही समीक्षकों ने भी खूब सराहा था। इस फिल्म के लिए हर्ष मायर ने नेशनल अवार्ड भी जीता था। फिल्म एक ऐसे बच्चे की कहानी पर आधारित थी, जो भारत के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय ए पी जे अब्दुल कलाम से बहुत प्रभावित होता है और उनसे मिलने की ख्वाहिश करता है।

धनक

यह कहानी राजस्थान के एक गांव में रहने वाले छोटू (कृष छाबरिया) और उसकी बहन परी (हेतल गड्डा) की है। बचपन में मां-बाप के देहांत के बाद इन दोनों के चाचा (विपिन शर्मा) ने इन्हें पुष्कर से लाकर अपने घर में शरण दी और लालन-पालन करते हैं। छोटू का पसंदीदा एक्टर सलमान खान और परी का शाहरुख खान है। छोटू बचपन से ही आंखों से दिव्यांग है और एक दिन जब परी को एक पोस्टर के माध्यम से पता चलता है की शाहरुख खान उसके भाई की आंख के लिए कुछ कर सकता है, तो वह अपने भाई की आंख वापस लाने का उपाय सोचने लगती है। फिर दोनों भाई-बहन पास के गांव में शूटिंग कर रहे शाहरुख खान से मिलने की कोशिश करने लगते हैं।

बम-बम भोले

ये फिल्म एक परिवार की कहानी है जिसमें दो बच्चे और मां- बाप रहते हैं। माता- पिता चाय के बागान में काम करते हैं। एक दिन बच्चे का एक जूता कहीं खो जाता है और वो अपने पैरेंट्स को भी इस बारे में नहीं बता पाते हैं। बच्चे बिना शूज़ के इतने महंगे और बड़े स्कूल में भी नहीं जा सकते हैं। बच्चों का इस परेशानी से डील करने का तरीका आपको इंस्पायर करेगा।

स्‍टैनली का डिब्‍बा

साल 2011 में रिलीज हुई यह कॉमेडी ड्रामा फिल्म को अमोल गुप्ते ने डायरेक्ट किया था। यह फिल्म एक ऐसे लड़के की कहानी है, जो हमेशा अपने दोस्त का टिफिन खाता है, लेकिन कभी भी अपने लिए लंच नहीं लाता। इस फिल्म में काफी ट्विस्ट और टर्न देखने को मिले। बेहद साधारण तरीके से बनी इस फिल्म में थोड़ी बहुत कॉमेडी बच्चों का भरपूर मनोरंजन करेगी।

चिल्लर पार्ट

चिल्लर पार्टी बच्चों के लिए सर्वश्रेष्ठ बॉलीवुड फिल्मों में से एक और नेशनल अवार्ड भी जीत चुकी है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे छोटे-छोटे बच्चे एक दूसरे के कितने अच्छे दोस्त होते हैं और कभी भी मुसीबत आने पर एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ते हैं। इस फिल्म की कहानी बहुत शानदार और कॉमेडी से भरपूर है। इस मूवी को आप नेटफ्लिक्स पर देख सकती हैं।

OMG 2

बच्चों को सेक्स एजुकेशन पर बनी हाल ही में र‍िलीज हुई से OMG 2 एक जबरदस्त फिल्म है। स्कूलों में सेक्स एजुकेशन की जरूरत को बताती ये कहानी शानदार तरीके से कही गई है। अगर आपके बच्‍चे 12 साल से बड़े हैं, तो च‍िल्‍ड्रेन डे के मौके पर भी आपको भी ये फ‍िल्‍म अवेयरनेस के ह‍िसाब से दिखाना चाह‍िए।

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