Latest Updates
-
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया
नवजात के लिए वरदान होता है मां का दूध
हाल ही में, इम्यूनोलॉजी के जर्नल में प्रकाशित हुआ है कि मां का दूध, बहुत ताकतवर होता है और यही निर्धारित करता है कि बच्चे की इम्युनिटी कितनी मजबूत होगी।
''मां का दूध, नवजात शिशु को इम्युनिटी प्रदान करता है और उसे इतनी प्रतिरक्षा दे देता है जो कि टीबी के टीकाकरण के समान होती है यानि बड़ी से बड़ी बीमारी से लड़ने की ताकत देता है।
बच्चे के शरीर में कुछ वैक्सीन लगाना सुरक्षित नहीं होता है और कुछ प्रकार की वैक्सीन को उनके लिए बनाया ही नहीं जाता है।'' यूएसए के कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एमेऐ वॉल्कर का ऐसा कहना है।

लेकिन अगर हम किसी मां को उस वैक्सीन को दें, जब वो गर्भवती होने वाली हो और इसके बाद वो जब तक अपने बेबी को स्तनपान कराएगी तो उसकी सारी इम्युनिटी और दवा की प्रतिरोधक क्षमता, बच्चे में पहुँच जाएगी। साइंस में ये प्रुफ हो चुका है। इस प्रकार की इम्युनिटी को पैसिव इम्युनिटी कहा जाता है।
हाल ही में, इम्यूनोलॉजी के जर्नल में प्रकाशित हुआ है कि मां का दूध, बहुत ताकतवर होता है और यही निर्धारित करता है कि बच्चे की इम्युनिटी कितनी मजबूत होगी।

ये बच्चे की निजी इम्युनिटी को बनाती है और इसे ''मैटरनल एजुकेशनल इम्युनिटी'' कहा जाता है। ये गाय के दूध से भी बेहतर दूध होता है। इसके सेवन से बच्चे की आंतों में मजबूती आत हैं और वहां किसी भी प्रकार की बीमारी का संक्रमण नहीं हो पाता है और ये ताउम्र बना रहता है।
शोध में इस बात को पूरी तरह स्पष्ट किया गया, कि अगर मां को कोई वैक्सीन दी जाती है तो उसका असर उसके शरीर पर होने के अलावा, उसकी संतान पर भी होता है।

ऐसे में अगर बच्चे को अप्रत्यक्ष रूप से कोई टीकाकरण करना हो, तो प्रेग्नेंट होने से पहले मां को कर देना चाहिए ताकि स्तनपान के दौरान उस टीकाकरण की इम्युनिटी, बेबी में ट्रांसफर हो जाये। इस प्रकार, मां और बच्चा दोनों ही हमेशा स्वस्थ रहेंगे।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications