लड़की बनने से पहले अनाया बांगड़ ने कराया स्पर्म फ्रीज, जानें किसे पड़ती है इसकी जरूरत

एक्स क्रिकेटर संजय बांगर के बेटे से बेटी बनीं अनाया बांगड़ इन दिनों हर तरफ सुर्खियों में छाई हुई हैं। वजह है अशनीर ग्रोवर का नया शो 'राइज एंड फॉल', जिसमें अनाया ने ग्रैंड एंट्री मारी है। शो में आते ही उन्होंने अपनी लाइफ की कहानी बड़े ही दिलचस्प अंदाज़ में शेयर करनी शुरू कर दी। हर एपिसोड में अनाया खुलकर अपनी जर्नी, जेंडर ट्रांजिशन और मां बनने के सपनों पर बातें कर रही हैं।

हाल ही में शो में एक ऐसा खुलासा हुआ जिसने सबको चौंका दिया। अनाया ने बताया कि लड़की बनने से पहले ही उन्होंने अपना स्पर्म फ्रीज करा लिया था। क्योंकि जेंडर ट्रांजिशन के बाद नेचुरल तरीके से बच्चे पैदा करना मुमकिन नहीं होता। जब शो के कंटेस्टेंट आरुष ने पूछा - "क्या तुम बच्चे नहीं कर सकती?" तो अनाया ने कहा - "दो रास्ते होते हैं, गोद लेना या स्पर्म फ्रीज कराना... और मैंने दूसरा चुना।"

इस खुलासे के बाद स्पर्म फ्रीजिंग (Sperm Freezing) पर लोगों की दिलचस्पी और भी बढ़ गई है, आइए जानते हें क‍ि आख‍िर इसका प्रोसेस क्‍या है और क‍िन लोगों के ल‍िए ये प्रोसेस काम आता है?

Anaya Bangar Chose Sperm Freezing Before Gender Transition

स्पर्म फ्रीजिंग क्या है?

स्पर्म फ्रीजिंग (Sperm Freezing) को मेडिकल भाषा में क्रायोप्रिजर्वेशन कहा जाता है। इसमें पुरुष के स्पर्म को इकट्ठा करके -196 डिग्री सेल्सियस तापमान पर लिक्विड नाइट्रोजन में सुरक्षित रखा जाता है। इस प्रक्रिया से स्पर्म कई सालों तक सुरक्षित रहते हैं और भविष्य में जब भी जरूरत हो, उन्हें टेस्ट ट्यूब बेबी (IVF) या इंट्रायूटेरिन इंसिमिनेशन (IUI) जैसी तकनीकों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

स्पर्म फ्रीजिंग की प्रक्रिया

स्पर्म कलेक्शन: सबसे पहले पुरुष या ट्रांसजेंडर व्यक्ति से स्पर्म का सैंपल लिया जाता है।

टेस्टिंग: इस सैंपल को लैब में टेस्ट किया जाता है ताकि क्वालिटी और काउंट का पता चल सके।

फ्रीजिंग: क्वालिटी अच्छे स्पर्म को प्रोसेस करके छोटे-छोटे वायल्स में डाला जाता है और लिक्विड नाइट्रोजन में फ्रीज कर दिया जाता है।

स्टोरेज: स्पर्म को सुरक्षित बैंक में रखा जाता है, जहां उन्हें 10-15 साल या उससे भी ज्यादा समय तक संरक्षित रखा जा सकता है।

किन्हें कराना चाहिए स्पर्म फ्रीजिंग?

स्पर्म फ्रीजिंग सिर्फ जेंडर ट्रांजिशन कराने वालों के लिए ही नहीं, बल्कि कई अन्य परिस्थितियों में भी फायदेमंद साबित हो सकती है:

जेंडर ट्रांजिशन करने वाले व्यक्ति: जैसे कि अनाया बांगड़, ताकि भविष्य में बच्चे का सपना पूरा किया जा सके।

कैंसर के मरीज: जिनका इलाज कीमोथेरेपी या रेडिएशन से होना है, क्योंकि इनसे स्पर्म डैमेज हो सकते हैं।

उम्र बढ़ने पर: 35 साल के बाद स्पर्म क्वालिटी पर असर पड़ सकता है, इसलिए लोग पहले ही स्पर्म सुरक्षित कर सकते हैं।

डेंजरस प्रोफेशन में लोग: जैसे आर्मी, फायरफाइटर या वे लोग जिनकी जान को हमेशा खतरा रहता है।

इंफर्टिलिटी का खतरा झेल रहे पुरुष: जिनमें पहले से ही स्पर्म काउंट कम है।

फायदे

- भविष्य में बच्चे का सपना पूरा करने का विकल्प।

- जेंडर ट्रांजिशन के बाद भी पैरेंटहुड संभव।

- कैंसर जैसे गंभीर इलाज के बाद भी बच्चा पैदा करने की क्षमता बनी रहती है।

- लंबे समय तक सुरक्षित स्टोरेज।

सीमाएं और चुनौतियां

- स्पर्म फ्रीजिंग की लागत सभी के लिए किफायती नहीं होती।

- हर बार फ्रीज किए गए स्पर्म IVF या IUI में सफल हों, यह जरूरी नहीं है।

- कुछ देशों और राज्यों में कानूनी और नैतिक बहसें भी इस प्रक्रिया पर होती रहती हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, September 12, 2025, 16:40 [IST]
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