Arhar Dal Ke Nuksan: इन लोगों को भूल से भी नहीं खानी चाह‍िए अरहर की दाल, सेहत का हो सकता है बुरा हाल

Arhar Dal Ke Nuksan : अरहर की दाल बहुत ही कॉमन दाल हैं, जो डेलीरुटीन में घर में बनाई जाने वाली आम डिशेज में से एक हैं। एक तो ये खाने में बहुत ही जायेकदार और पौष्टिक होती है। इसके अलावा ये दाल सिर्फ 2 सीटी में बनकर तैयार हो जाती है।

लेक‍िन जरुरी नहीं है क‍ि ये दाल हर क‍िसी को हजम हो जाएं। दरअसल अरहर की दाल खाने से कुछ लोगों की सेहत पर बुरा असर भी पड़ सकता है। इसल‍िए कुछ लोगों को इस दाल को ज्‍यादा खाने से परहेज करना चाह‍िए। आइए जानते हैं अरहर की दाल क‍िन लोगों को नहीं खानी चाह‍िए और इससे होने वाले साइडइफेक्‍ट।

side effects and disadvantages

गर्म होती है अरहर की तासीर

अरहर की तासीर गर्म होती है। अरहर की दाल में पोटेशियम, कार्बोहाइड्रेट, सोडियम, फाइबर, मैग्नीशियम, आयरन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें खूब ज्‍यादा प्रोटीन भी पाई जाती है ।

क‍िडनी की समस्‍या वाले

जि‍न लोगों को भी किडनी की क‍िसी तरह की भी बीमारी है। उन्‍हें इस दाल को खाने से परहेज करना चाहिए। इसकी दाल में पोटैशियम की प्रचुर मात्रा होती है जो किडनी की समस्या को बढ़ा सकती है। इसके सेवन से पथरी की समस्‍या भी खड़ी हो सकती है।

बवासीर वाले खाने से परहेज करें

लेकिन जिन लोगों को बवासीर की समस्या हैं, उन्हें अरहर का दाल का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इस दाल में अधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है जिसे पचाने में हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम को मुश्किल होता है। यह आपके पेट में कब्ज बनाते हैं और पॉटी करते वक्‍त ज्‍यादा प्रेशर लगाना पड़ता है। जो बवासीर के मरीज के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। इससे उनके मस्सों में सूजन, ब्लीडिंग आदि समस्याएं हो सकती हैं।

एसिडिटी वाले खाने से बचें

जि‍न लोगों को एसिडिटी की समस्‍या ज्‍यादा है, वो रात में इस दाल को खाने से बचें। क्योंकि यह पचने में समय लेता है, जिसके कारण खट्टी डकार, पेट दर्द, गैस शुरू हो जाती है। कुछ लोगों को तो सिर तक में एसिडिटी बढ़ जाती है जिसके कारण सिर दर्द बना रहता है।

यूरिक एसिड

यूरिक एसिड की समस्‍या वालों को तो इस दाल से दूरी बना लेनी चाह‍िए। क्योंकि इसमें प्रोटीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। जिसके खाने से यूरिक लेवल अनियंत्रित हो सकता है। यूरिक एसिड के मरीज को प्रोटीन खाने से बचना चाह‍िए। इस बीमारी में हाथ पैर और जोड़ों में सूजन की शिकायत के साथ ही पांव में जलन भी होती है।

अरहर की दाल बनाते वक्‍त इस बात का रखें ध्‍यान

अरहर की दाल को पानी में भिगोए बिना न पकाएं। बनाने से पहले इसे 20 मिनट तक भिगोकर रखें। दाल को पानी में भिगोने से पहले इसे कम से कम 2-3 बार अच्छे से धो लें। भिगोकर रखने से दाल फूल जाएगी और ज्यादा अच्छी बनेगी।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Saturday, September 9, 2023, 13:39 [IST]
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