मां लक्ष्मी के प्रिय कमल गट्टा ब‍िना अधूरी है दिवाली पूजन, इसे खाने से बूस्‍ट होती है फर्टिल‍िटी

दीपावली के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के ल‍िए शास्त्रों में कई तरह के उपाय एवं वस्तुएं बताई गई है, आज हम आपको ऐसी ही एक वस्तु के बारे में बता रहे है। इन्‍ही में से एक है कमल गट्टा।

शास्त्रों के मुताबिक कमल का फूल या कमल गट्टा मां लक्ष्मी की सबसे प्रिय वस्तुओ में से एक माना जाता है। लेक‍िन क्‍या आप जानते है क‍ि पूजा के अलावा मंत्रजाप की माला में प्रयोग किया जाने वाला कमलगट्टा धार्मिक अनुष्‍ठानों के अलावा खाने का काम भी आता है। कमलगट्टा किसी आयुर्वेदिक चमत्‍कारी औषधि से कम नहीं है।

 Ayurveda Medicinal Uses and Health Benefits

आइए जानते हैं सबसे पहले मां लक्ष्‍मी को क्‍यों प्रिय हैं कमलगट्टा और इसे खाने के फायदे भी जान लें।

कैसे खाते हैं कमलगट्टा

कमलगट्टा, कमल का ही फल होता हैं, जिसमे मौजूद बीजो को छीलकर खाया जाता हैं, इन बीज का स्वाद मूंगफली की तरह होता हैं। बल्कि कहा जा सकता है कि मूंगफली से भी ज्यादा स्वादिष्ट होते हैं। इसके अलावा लोग इसका हलावा बनाकर भी खाते हैं। इस छोटे से बीज में कई पोषककारी तत्व होते हैं। मधुमेह , दिमाग के विकास के लिए, किडनी से सम्बंधित ,पाचन तंत्र आदि में बहुत उपयोगी और लाभकारी होता हैं। इसके अलावा गर्भावस्था में होने वाली परेशानियों को दूर करता है। कमलगट्टे की की तरह ही कमल के जड़ यानि कमल ककड़ी की सब्जी भी बहुत स्वादिष्ट और लाभकारी होती हैं।

पोषक तत्‍वों की भरमार है

100 ग्राम कमल के बीजों में 89 कैलोरी होती है। इनमें पोटैशियम, मैग्नीशियम, विटामिन बी -6 और आयरन भरपूर मात्रा में होता है। इन बीजों में केवल 0.5% वसा और शून्य कोलेस्ट्रॉल होता है। वे प्रोटीन की अच्छी मात्रा (4.1 ग्राम) की आपूर्ति भी करते हैं।

प्रजनन क्षमता बढ़ाएं

आयुर्वेद में इन बीजों को "वृष" कहा गया है, जिसका मतलब होता है कामोत्तेजक। ये बीज कामेच्छा को बढ़ाते हैं। आयुर्वेद विशेषज्ञ इन बीजों को आयुर्वेदिक तैयारियों में उपयोग करने की सलाह देते हैं जो शुक्राणुओं की संख्या और शुक्राणु की गतिशीलता को बढ़ाने के लिए उपयोग में ल‍िए जाते हैं। कमल के बीजों के सेवन से पुरुष प्रजनन क्षमता में सुधार होता है।

पुरुषों की सेक्‍स पावर बढ़ाए

जो लोग मधुमेह रोगी है और पुरुषों की इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन की समस्‍या के ल‍िए भी कमल गट्टा स्‍तंभन में सहायक होता है। इसमें मौजूद पोटेशियम, मैग्नीशियम और आयरन के गुण इसके कामोद्दीपक गुणों के कारण हैं।

वजन घटाए

वेटलॉस के ल‍िए इन बीजों को स्नैक्स के रूप में खाएं। इनका सेवन करने से पेट भरा हुआ रहता है और ज्‍यादा भूख नहीं लगती है। वेटलॉस के दौरान कमल के गट्टा आपको आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं।

Ayurveda Medicinal Uses and Health Benefits

इसलिए मां लक्ष्‍मी को प्रिय है कमल गट्टा

महाभारत की कथा में वर्णन आता है क‍ि कमल के पुष्प से निकलने की वजह से ही मां लक्ष्मी को कमल गट्टा प्रिय माना गया है। लक्ष्मी पूजन के दिन कमल का फूल नहीं मिलने पर आप 108 कमलगट्टा यानी बीजों को पानी से साफ करने के बाद "महालक्ष्मी नमः" मंत्र के जाप के साथ एक-एक कर 108 कमल गट्टा अर्पण कीजिए इससे आपके घर में मां लक्ष्मी का वास होगा और मां की असीम कृपा बनी रहेगी।

डायरिया होने पर खाएं

कमल गट्टा का हलवा खाने से डायरिया या दस्त की समस्या में फायदा मिलता है। डायरिया के अलावा कमल गट्टा का हलवा खाने से कब्ज और गैस की समस्या में भी फायदा मिलता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Desktop Bottom Promotion