6 महीने के बच्चे को सॉलिड फूड देते समय न करें ये 5 गलतियां, 'बच्चों की डॉक्टर' ने बताई सही शुरुआत

Baby Solid Food Tips: शिशु के 6 महीने पूरे होने के बाद सिर्फ मां का दूध उसकी सभी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाता। इसलिए 6 महीने के बाद से बच्चों को धीरे-धीरे ठोस आहार (सॉलिड फूड) देना शुरू किया जाता है। हालांकि, कई माता-पिता यह समझ नहीं पाते कि शुरुआत कैसे करें और किन बातों का ध्यान रखें। इंस्टाग्राम पर बच्चों की डॉक्टर के नाम से मशहूर पीडियाट्रिशियन डॉ. माधवी भारद्वाज ने कुछ ऐसी आम गलतियों के बारे में बताया है, जो अक्सर पेरेंट्स अपने बच्चे को सॉलिड फूड देते समय करते हैं। डॉ. माधवी भारद्वाज के अनुसार, सॉलिड फूड शुरू करते समय की गई कुछ गलतियां बच्चे के पोषण और उसकी ग्रोथ पर असर डाल सकती हैं, इसलिए शुरुआत से ही सही तरीका अपनाना जरूरी है।

Baby Solid Food Tips

दाल-चावल का सिर्फ पानी न दें

कई माता-पिता बच्चे को सॉलिड फूड की शुरुआत में दाल या चावल का केवल पानी पिलाना शुरू कर देते हैं। डॉ। माधवी भारद्वाज के अनुसार, ऐसा करने से बच्चे को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता। बेहतर होगा कि दाल और चावल को अच्छी तरह पकाकर मैश करें और वही बच्चे को खिलाएं, ताकि उसे सभी जरूरी पोषक तत्व मिल सकें।

सिर्फ दूध पर निर्भर न रहें

6 महीने के बाद बच्चे के लिए केवल दूध पर्याप्त नहीं होता। अगर बच्चा मां का दूध या फॉर्मूला मिल्क पी रहा है, तो उसे जारी रखें, लेकिन इसके साथ नियमित रूप से ठोस आहार भी दें। इससे बच्चे की बढ़ती उम्र के अनुसार उसकी पोषण संबंधी जरूरतें पूरी हो पाती हैं।

फलों का रस नहीं, मैश किए हुए फल दें

डॉक्टर का कहना है कि छोटे बच्चों को केवल फलों का जूस देने के बजाय पूरा फल खिलाना ज्यादा फायदेमंद होता है। आप केला, आम, सेब जैसे मुलायम फलों को अच्छी तरह मैश करके बच्चे को दे सकते हैं। इससे उसे फाइबर के साथ-साथ दूसरे जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं।

बिस्कुट खिलाने की आदत न डालें

कई घरों में बच्चों को चाय या दूध में बिस्कुट भिगोकर खिलाया जाता है, लेकिन यह अच्छी आदत नहीं मानी जाती। मैदे और अधिक चीनी वाले ऐसे खाद्य पदार्थ बच्चे की खाने की आदतों पर असर डाल सकते हैं। शुरुआत से ही घर का ताजा और पौष्टिक खाना देना बेहतर रहता है।

जुकाम होने पर बिना सलाह डाइट न बदलें

अगर बच्चे को सर्दी या जुकाम हो जाए, तो कई माता-पिता दूध या फल देना बंद कर देते हैं। डॉक्टर के अनुसार, ऐसा करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। बच्चे की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए डॉक्टर ही बता सकते हैं कि बीमारी के दौरान उसे क्या खिलाना और क्या नहीं देना चाहिए।

Story first published: Thursday, July 23, 2026, 14:26 [IST]
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