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Balram Jayanti 2026: बलराम जयंती आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि
Balram Jayanti 2026: आज बलराम जयंती है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। अलग-अलग जगहों पर इसे हल षष्ठी, बलदेव छठ और बलभद्र जयंती के नाम से भी जाना जाता है। भगवान बलराम को हलधर, बलदेव, बलभद्र और दाऊजी जैसे नामों से भी जाना जाता है। भगवान बलराम के हाथ में हल और मूसल होने के कारण हलछठ का पर्व भी उनसे जुड़ा हुआ माना जाता है। इसी वजह से कई लोग बलराम जयंती और हलछठ को एक ही पर्व समझ लेते हैं। हालांकि, दोनों पर्वों की तिथि, पूजा की परंपरा और व्रत के नियमों में अंतर है। ऐसे में, आइए जानते हैं साल 2026 में बलराम जयंती कब मनाई जाएगी, पूजा का शुभ समय क्या रहेगा और इस दिन पूजा कैसे करें -

बलराम जयंती 2026 कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 16 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे शुरू होगी। वहीं, षष्ठी तिथि 17 सितंबर को सुबह 10 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर बलराम जयंती 16 सितंबर 2026, बुधवार को मनाई जाएगी।
बलराम जयंती 2026 के शुभ मुहूर्त
बलराम जयंती के दिन पूजा के लिए अलग-अलग शुभ समय इस प्रकार हैं:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:52 बजे से 5:39 बजे तक
अमृत काल: सुबह 7:50 बजे से 9:34 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:36 बजे से 3:24 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:40 बजे से 7:04 बजे तक
बलराम जयंती पर कैसे करें पूजा?
बलराम जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके वहां भगवान बलराम की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।
इसके बाद भगवान को फूल, अक्षत और चंदन अर्पित करें। धूप और दीप जलाकर भगवान बलराम की पूजा करें।
पूजा में भगवान को दूध, फल और मिठाई का भोग लगाया जा सकता है।
इसके बाद भगवान बलराम की आरती करें और उनसे सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
पूजा पूरी होने के बाद परिवार के सदस्यों में प्रसाद बांटें।



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