जीभ की सफाई करने से होगा डाइजेशन इंप्रूव, जानें इन दोनों के बीच का कनेक्शन

क्या आप दांतों की सफाई के साथ हर दिन टंग स्क्रैपिंग भी करते है। अगर नहीं, तो आज से ही इसकी आदत ड़ाल लीजिए, वरना जीभ की साफ-सफाई का सही तरीके से ध्यान ना रखने पर मुंह में कई तरह की प्रॉब्लम्स हो सकती है। दरअसल, एक्सपर्ट का मानना है कि टंग स्क्रैपिंग सही तरीके से ना करने के कारण, उस पर बैक्टेरिया की परत जमा हो जाती है। जिससे, ओरल थ्रस हो जाते हैं। ऐसे में सही तरीके से जीभ की सफाई करना बहुत जरूरी होता है।

आजकल हर कोई इतना बिजी हो गया है कि सारे काम भागदौड़ में ही होते है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक में हम जो कोई भी काम करते है उन्हें हम बस निपटाने के मकसद ही करते है। ऐसे में जीभ की सफाई का काम हम इतना महत्वपूर्ण नहीं मानते। जबकि आपकी यही लापरवाही आगे जाकर भारी पड़ती है। इसलिए ये जरूरी है कि बचपन से ही बच्चों को ओरल हाइजिन की आदतें ड़ाली जाए। तो यहां हम आपको बताएंगे कि टंग स्क्रैपिंग यानि जीभ की सफाई करने से क्या फायदे होते है।

Benefits of Tongue Cleaning

बॉडी ऑर्गनस अच्छे से करते है काम
एक्सपर्टस का मानना है कि जीभ की स्थिति और रंगत हमारी हेल्थ के बारे में कई संकेत देती है। ऐसे में ये जरूरी है कि उसकी सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए। और चूंकि, हमारी जीभ में कई एक्यूप्रेशर प्वाइंट्स होते हैं। ऐसे में जब आप जीभ की सफाई करते हैं, तो यह बॉडी के ऑर्गंस को एक्टिवेट करता है और फंक्शन में सुधार करता है।

डाइजेशन होता है इंप्रूव
जब आप जीभ की सफाई करते हैं, तो उससे जीभ पर जमा हुए श्लेष्म जो रिसेप्टर्स को ब्लॉक कर सकता है। ऐसे में इन्हें हटाने में टंग स्क्रैपिंग काफी मददगार है। दरअसल, ये हार्मफुल बैक्टीरिया जब आपके पेट में जाते हैं तो आपके गट की हेल्थ और डाइजेशन को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे में ये जरूरी है कि हर दिन जीभ को साफ रखा जाए।

खाने का ले पाते है सही स्वाद
जब हम जीभ को साफ नहीं करते तो उस पर बैक्टेरिया और डेड स्किन सेल्स की एक लेयर-सी जमा हो जाती है। इस वजह से आपको खाने का टेस्ट समझ नहीं आता। इसलिए जीभ पर जमा प्लाक साफ करना बहुत ज़रूरी हो जाता है। क्यूंकि इसकी अनदेखी करने पर आपको भूख कम लगना भूख की कमी और अरूचि जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। जो, आपके शरीर को न्यूट्रिशन मिलने में परेशानी ला सकता है। ऐसे में अगर आप खाने का सही टेस्ट लेना चाहते है तो टंग स्क्रैपिंग की आदत ड़ाल लें।

मसूड़े बनते हैं हेल्दी
हमारी जीभ दांतों और मसूड़ों से जुड़ी रहती है। ऐसे में अगर जीभ पर बैक्टीरिया मौजूद रहा तो वो आपकी मसूड़ो की सेहत को भी प्रभावित कर सकती हैं। क्यूंकि, जीभ के बैक्टेरिया दांतों और मसूड़ों तक फैल जाते हैं। तो, मसूड़ो में स्वेलिंग होने लगती है। इस तरह की स्थिति से बाहर निकालने में टंग स्क्रेपिंग आपके लिए मददगार साबित होगी।

मुंह से नहीं आएगी बदबू
जब हम किसी से मिलते है तो बॉडी लैंगवेज के साथ और भी बहुत सारी चीजें होती है जो सामने वाले पर अपना प्रभाव ड़ालती है। तो जरा सोचिए, अगर आपके मुंह से बदबू आती रहेगी तो भला आपकी पर्सनेलिटी की तरफ कोई कैसे आकर्षित होगा। दरअसल होता ये है कि जीभ पर ज़मा गंदगी और मैल की वजह से मुंह में बैक्टेरिया की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। जिससे, मुंह से बदबू की समस्या होने लगती है। ऐसे में ये जरूरी है कि हर दिन दांतों के साथ जीभ की भी अच्छी तरह सफाई की जाए।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, June 4, 2023, 13:00 [IST]
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