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Chandra Grahan 2024 : जहर से कम नहीं होता ग्रहण के दौरान खाना, ये है न खाने की वजह और नियम
What happens if I eat during an eclipse: 18 सितंबर 2024 को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण सुबह 6 बजकर 12 मिनट से शुरू हो रहा है, जो सुबह 10 बजकर 16 मिनट पर खत्म होगा। इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा क्योंकि यह अंतिम चंद्र ग्रहण भारत में दृश्य नहीं है। फिर कुछ लोग ग्रहण के दौरान नियमों को फॉलो करते हैं। वैसे ग्रहणकाल में कई कार्य वर्जित होते हैं लेकिन इस दौरान भोजन करने पर सख्त मनाही है।
कहा जाता है कि चंद्र ग्रहण हो या फिर सूर्य ग्रहण मनुष्य जितने भी निवाले ग्रहण करता है, उसे उतने ही वर्षों तक नरक के कष्ट भोगने पड़ते है। हालांकि ग्रहण के दौरान भोजन न करने के पीछे कई धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही तरह के तर्क शामिल हैं। तो आइए जानते हैं कि चंद ग्रहण के समय भोजन क्यों नहीं करना चाहिए? और यदि भोजन कर लिया जाए तो उसके क्या परिणाम होते हैं?

धार्मिक वजह
शास्त्रों में कहा गया है कि ग्रहण कैसा भी क्यों न हो चाहे सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण और उसकी अवधि आंशिक हो या पूर्ण उसे अशुभ ही माना गया है। इस दौरान भोजन को अशुद्ध माना जाता है इस वजह भोजन के सेवन में पाबंदी लगी होती है। स्कंद पुराण के अनुसार, यदि ग्रहण के समय किसी दूसरे व्यक्ति का भोजन किया जाता है तो मनुष्य के सारे पुण्य नष्ट हो जाते हैं।
वैज्ञानिक वजह
अगर हम इस चीज को विज्ञान के तर्क के साथ देखें तो चंद्र ग्रहण में चंद्रमा की किरणे विषाक्त हो जाती है। इससे निकलने वाली अल्ट्रावॉयलेट रेज या पराबैंगनी किरणें भोजन और पानी सभी को दूषित कर देती है। हालांकि इसका असर सिर्फ पके हुए भोजन पर पडता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद बिन पकी हुई चीजें जैसे अनाज, फल और सब्जियों का सेवन कर सकते हैं।
इसलिए ग्रहणकाल में भोजन में रखी जाती है तुलसी
शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के दौरान भोजन दूषित हो जाता है और ऐसा भोजन करने योग्य नहीं होता है। यह भोजन पाचन तंत्र को प्रभावित करता है इसी वजह से खाने में घर की महिलाएं तुलसी की पत्तियां रखती है क्योंकि इसमें मौजूद पारा ग्रहण के दौरान निकलने वाली अल्ट्रावायलेट रेज से खाने को सुरक्षित रखती है। इसके अलावा कुछ लोग तुलसी के बजाय कुशा भी डालते हैं।
इन लोगों को होती है भोजन करने की छूट
ग्रहण के खाने की मनाही होती है लेकिन सेहत को देखते हुए बुजुर्ग, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों के लिए खानपान को लेकर नियमों में छूट होती है। इस दौरान वो खा पी सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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