नहाय-खाय से पहले जानें गोल लौकी है फायदेमंद या लंबी? छठी मैया के व्रत में कौन रखेगी आपको हाइड्रेट

Gol vs Lambi Lauki Benefits On Chhath Puja 2025: छठ पूजा का समय आते ही हर घर में शुद्धता और सात्विकता का माहौल बन जाता है। 25 अक्टूबर, दिन शनिवार को नहाय-खाय से इस व्रत की शुरुआत हो रही है है। इस दिन व्रती भोजन में खास ध्यान रखते हैं कि क्या खाना है और क्या नहीं। इस दिन लौकी-भात (लौकी की सब्जी और चावल) का विशेष महत्व होता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है गोल लौकी खानी चाहिए या लंबी लौकी? कौन-सी लौकी से शरीर को ज्यादा हाइड्रेशन और एनर्जी मिलती है, खासकर जब छठी मैया का व्रत कई घंटों तक निर्जला रहकर रखा जाता है।

अगर आप या आपके घर में कोई छठी मैया का व्रत रखने जा रहा है तो जान लें कि गोल लौकी या लंबी लौकी कौन सी ज्यादा फायदेमंद है। और लौकी कैसे हमारी सेहत के लिए वरदान साबित होती है।

Gol vs Lambi Lauki Benefits On Chhath Puja 2025

लौकी खाने के फायदे

अक्सर घर में बच्चों से लेकर बड़े तक लौकी का नाम आते ही नाक-भौं सिकोड़ लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिंपल सी लौकी को खाने के कितने फायदे हैं। बता दें कि लौकी में 92% तक पानी होता है जो शरीर को हाइड्रेट रखता है और डिटॉक्स करने में मदद करता है। इसमें मौजूद विटामिन-C, फाइबर और मिनरल्स व्रत के दौरान एनर्जी बनाए रखते हैं। ऐसे में आप ये जान लें कि छठ व्रत के लिए सबसे उपयुक्त और सेहत के लिए सुपरफूड है लौकी।

गोल लौकी बनाम लंबी लौकी कौन है ज्यादा फायदेमंद?

लौकी, जिसे घीया या दूधी भी कहा जाता है, शरीर को ठंडक और ऊर्जा देने वाली सब्जी मानी जाती है। मार्केट में गोल और लंबी दो प्रकार की लौकी मिलती है जो देखने में दोनों एक जैसी लगती हैं, लेकिन इनके पोषक तत्वों और प्रभाव में हल्का फर्क होता है।

गोल लौकी (Round Bottle Gourd)

गोल लौकी में पानी की मात्रा थोड़ी कम होती है, लेकिन यह फाइबर और मिनरल्स से भरपूर होती है। यह पाचन के लिए बेहतर मानी जाती है। गोल लौकी से बनी सब्जी स्वाद में थोड़ी मीठी और क्रीमी होती है। अगर किसी को पाचन तंत्र संबंधी परेशानी है तो उनके लिए गोल लौकी फायदेमंद है।

लंबी लौकी (Long Bottle Gourd)

लंबी लौकी में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को हाइड्रेटेड और एनर्जेटिक रखती है। यह विटामिन C और पोटैशियम से भरपूर होती है, जिससे थकान और डिहाइड्रेशन से बचाव होता है। अगर आप शरीर में पानी की कमी को पूरा करना चाहते हैं या हाइड्रेट रहना चाहते हैं तो लंबी लौकी आपके लिए बेस्ट है।

नहाय-खाय में कौन सी लौकी है बेस्ट

आपने दोनों प्रकार की लौकी के फायदे तो जान लिए हैं अब ये भी जान लें कि नहाय-खाय के लिए गोल या लंबी लौकी कौन सी ज्यादा फायदेमंद है। बता दें कि लंबी लौकी में पानी की मात्रा अधिक होती है तो ऐसे में छठी मैया के व्रत के लिए यही खाना उचित है। क्योंकि छठ का व्रत पूरे 36 घंटों का होता है जो निर्जला रखा जाता है। ऐसे में शरीर का हाइड्रेट रहना बहुत जरूरी है। अगर आप लंबे समय तक निर्जला व्रत रखने वाली व्रती हैं, तो लंबी लौकी आपके लिए बेहतर विकल्प है।यह न सिर्फ शरीर को ठंडक देती है बल्कि एनर्जी भी बनाए रखती है।

धार्मिक महत्व

छठ पूजा में लौकी का सेवन न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी शुभ माना गया है। कहा जाता है कि शुद्ध लौकी-भात का सेवन व्रती को मन और शरीर से पवित्र बनाता है, जिससे वह छठी मैया की उपासना के योग्य बनता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, October 24, 2025, 11:00 [IST]
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