Latest Updates
-
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी
COVID-19 cases in India: भारत में तेजी से फैल रहा Covid-19, डॉक्टर ने बताया क्या करें और क्या नहीं?
COVID-19 Alert in India : कोरोना वायरस एक बार फिर से लौट आया है। हांगकांग, सिंगापुर, थाईलैंड और चीन जैसे देशों में कोविड-19 के मामलों में अचानक तेज़ी देखने को मिल रही है। इन देशों में अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इज़ाफा हो रहा है। भारत में भी कुछ राज्यों से कोविड के नए मामलों की पुष्टि हुई है, जिससे लोगों में चिंता और प्रशासन में सतर्कता दोनों बढ़ गए हैं।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 मई 2025 तक भारत में कोविड-19 के कुल 257 सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि इनमें से अधिकांश मामले JN.1 वेरिएंट के हैं, जो ओमिक्रॉन BA.2.86 का ही एक सब-वेरिएंट है। यह वेरिएंट तेजी से फैलने वाला है और इसकी वजह से दक्षिण-पूर्व एशिया में संक्रमण के मामलों में उछाल देखा जा रहा है।
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सतर्क कर दिया है और जीनोमिक निगरानी पर ज़ोर देने की बात कही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करें। यदि किसी को लक्षण महसूस हों तो तुरंत जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि महामारी अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।

भारत में कहां-कितने मामले सामने आए
देश में सबसे ज्यादा मामले केरल में सामने आए हैं, जहां 69 केस दर्ज हुए। इसके बाद तमिलनाडु में 34, महाराष्ट्र में दर्जनभर, कर्नाटक में 8, गुजरात में 6, दिल्ली में 3 और हरियाणा, राजस्थान व सिक्किम में एक-एक मामला दर्ज हुआ है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि केरल में 95 सक्रिय मामले मौजूद हैं, जो अन्य राज्यों की तुलना में कहीं ज्यादा हैं।
क्या है JN.1 वेरिएंट?
JN.1 वेरिएंट, ओमिक्रॉन का ही एक सब-वेरिएंट है। यह काफी तेजी से फैलने की क्षमता रखता है और खासकर बुजुर्गों या पहले से बीमार लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, इसमें लगभग 30 प्रकार के म्यूटेशन मौजूद हैं, जिनमें LF.7 और NB.1.8 सबसे आम माने जा रहे हैं। हालांकि, अब तक इस वेरिएंट से जुड़ी गंभीर बीमारियों या मौत के मामलों की संख्या बहुत कम है।
लक्षण क्या हैं?
JN.1 वेरिएंट के लक्षण आमतौर पर हल्के होते हैं लेकिन नजरअंदाज नहीं किए जा सकते। इन लक्षणों में शामिल हैं:
- बुखार
- सूखी खांसी
- गले में खराश
- स्वाद और गंध का न आना
- सिरदर्द
- शरीर में दर्द
- थकान
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
जयपुर स्थित राजस्थान अस्पताल के प्रेसिडेंट और अस्थमा भवन के पल्मोनोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि JN.1 वेरिएंट से अब तक गंभीर लक्षण सामने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा, "यह वेरिएंट केवल हल्के या मध्यम लक्षण पैदा कर रहा है और गंभीर बीमारी का खतरा काफी कम है। ऐसे में घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सतर्कता ज़रूरी है।
बूस्टर डोज की जरुरत है या नहीं?
वहीं, साकेत अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण मंगलूनिया का कहना है कहा कि लोगों की इम्यूनिटी अब पहले की तुलना में काफी मजबूत हो चुकी है, जिसका श्रेय वैक्सीनेशन और पूर्व संक्रमणों से विकसित इम्यूनिटी को जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा इम्यूनिटी नए वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी है और फिलहाल बूस्टर डोज की कोई अतिरिक्त जरूरत नहीं दिख रही है।
WHO की ये सावधानियां जरूरी है
WHO ने संक्रमण से बचने के लिए 3C नियम पर विशेष ज़ोर दिया है,
- Closed spaces (बंद जगहों) से बचें
- Crowded places (भीड़-भाड़ वाली जगहों) में न जाएं
- Close contact (निकट संपर्क) से परहेज करें
इनके अलावा कुछ और ज़रूरी सावधानियां
- लोगों से कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखें
- हाथों को नियमित रूप से साबुन-पानी से धोएं या सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को कोहनी या टिशू से ढकें
- सार्वजनिक स्थानों पर मास्क ज़रूर पहनें और इसे ठीक तरह से नाक, मुंह और ठोड़ी को ढंकते हुए पहनें।
- विटामिन सी से भरपूर फूड्स खाएं।
- मास्क छूने से पहले और बाद में हाथ साफ करें
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।
अब तक के शोध के अनुसार, jN.1 अधिक संक्रामक है यानी यह तेजी से फैलता है, लेकिन इसके लक्षण आमतौर पर हल्के ही होते हैं, खासकर उन लोगों में जिन्होंने टीका लगवाया हो या जिन्हें पहले कोविड हो चुका हो।
बचाव के लिए निम्नलिखित सावधानियां ज़रूरी हैं:
- मास्क पहनें और भीड़भाड़ से बचें
- बार-बार हाथ धोएं या सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें
- किसी भी लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें
- कोविड अनुरूप व्यवहार (COVID-appropriate behaviour) अपनाएं
डॉक्टर्स का कहना है कि यह वैरिएंट फिलहाल गंभीर नहीं है, लेकिन सतर्क रहना ज़रूरी है।
JN.1 वैरिएंट ओमिक्रॉन का एक सब-वेरिएंट है, जो तेजी से फैलने की क्षमता रखता है। इसमें लगभग 30 म्यूटेशन पाए गए हैं, जो इसे अन्य वैरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक बनाते हैं। यह मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया में तेजी से फैल रहा है।



Click it and Unblock the Notifications