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दिल्ली-एनसीआर में कोल्ड वेव का कहर! कड़ाके की ठंड से बचने के अपनाएं ये जरूरी उपाय
Cold Wave Safety Tips: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली कड़ाके की ठंड में ठिठुर रही है। इस बीच गुरुवार को मौसम की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई। गुरुवार को दिल्ली के सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, कल दिल्ली में न्यूनतम तापमान 04°C से 06°C के बीच रहेगा। राजधानी दिल्ली में पिछले चार दिनों से शीतलहर (कोल्ड वेव) को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। शीतलहर सिर्फ ठिठुरन नहीं बढ़ाती, बल्कि दिल, फेफड़े, डायबिटीज और किडनी के मरीजों के लिए जानलेवा बन सकती है। ऐसे मौसम में सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को होता है। यह सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकती है, खासकर बुज़ुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए। ऐसे में जरूरी है कि कोल्ड वेव से खुद को सुरक्षित रखने के लिए जरूर कदम उठाए जाएं। आज इस लेख में नारायणा अस्पताल, गुरुग्राम के निदेशक एवं वरिष्ठ सलाहकार - आंतरिक चिकित्सा, डॉ. एम.के. सिंह से जानेंगे कड़ाके की ठंड बचने के कुछ असरदार उपायों के बारे में। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

कड़ाके की ठंड बढ़ता सेहत का खतरा
ठंड के मौसम में सबसे पहले असर हमारी इम्यूनिटी पर पड़ता है। कम तापमान के कारण शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, ठंड में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। यही वजह है कि हार्ट पेशेंट्स में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा इस मौसम में अधिक देखा जाता है।
अस्थमा, सीओपीडी और ब्रोंकाइटिस के मरीजों का बढ़ जाता है जोखिम
कोल्ड वेव का असर सांस से जुड़ी बीमारियों पर भी साफ दिखाई देता है। ठंडी हवा सांस की नलियों को संकुचित कर देती है, जिससे अस्थमा, सीओपीडी और ब्रोंकाइटिस के मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। वहीं, जोड़ों और मांसपेशियों में अकड़न बढ़ने से घुटनों और कमर का दर्द भी आम समस्या बन जाता है। बहुत अधिक ठंड में लंबे समय तक रहने से हाइपोथर्मिया की स्थिति भी पैदा हो सकती है, जिसमें शरीर का तापमान सामान्य से नीचे चला जाता है।
कड़ाके की ठंड से बचने के उपाय
इस कड़ाके की ठंड से खुद को सुरक्षित रखने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है। सबसे पहले, बाहर निकलते समय शरीर को पूरी तरह ढककर रखें। एक ही भारी कपड़े के बजाय परतों में कपड़े पहनना ज्यादा प्रभावी होता है। सिर, कान और गर्दन को ढकना न भूलें, क्योंकि इन हिस्सों से शरीर की गर्मी जल्दी निकलती है। सुबह जल्दी और देर रात बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इसी समय ठंड सबसे ज्यादा होती है।
खानपान का भी इस मौसम में खास ध्यान रखना चाहिए। गर्म, पौष्टिक और इम्यूनिटी बढ़ाने वाला भोजन शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। सूप, हल्दी वाला दूध, अदरक और लहसुन जैसी चीजें ठंड से बचाव में मदद करती हैं। पर्याप्त पानी पीते रहना भी जरूरी है, भले ही प्यास कम लगे।
घर के अंदर तापमान को संतुलित रखना और हल्की एक्सरसाइज या योग करना शरीर को गर्म रखने में सहायक होता है। यदि लगातार कंपकंपी, सांस फूलना या सीने में दर्द जैसी समस्याएं महसूस हों, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसाआर की कोल्ड वेव को हल्के में लेना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। थोड़ी-सी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर इस ठंड के मौसम में खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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