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इंदौर में अवसादग्रस्त बेटे ने किया मां का कत्ल, खतरनाक हो सकता है डिप्रेशन के इन लक्षणों को नजरअंदाज करना
इंदौर से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है जहां अवसादग्रस्त एक शख्स ने अपनी मां का बेरहमी से कत्ल कर दिया। जानकारी के मुताबिक ये शख्स मानसिक तौर पर काफी परेशान चल रहा था। लंबे समय से उसकी पत्नी मायके में रह रही है और पारिवारिक कलह से वह अवसाद में था। लोगों ने बताया कि उसका व्यवहार सामान्य नहीं था और वह बेहद तनाव में रहता था।
पिछले कुछ समय में डिप्रेशन के मामले काफी बढ़े हैं। माना जाता है कि 5 में से एक व्यस्क डिप्रेशन का शिकार होता है। डिप्रेशन कब विकराल रुप ले लें,ये कहा नहीं जाता है।

आज हम डिप्रेशन के लक्षण, कारण और बचाव से लेकर उन तरीकों के बारे में बताएंगे जिनके जरिए आप किसी तनाव या अवसाद से जूझ रहे व्यक्ति की मदद कर सकते हैं।
क्यों होता है डिप्रेशन
डिप्रेशन के दौरान इंसान के शरीर में खुशी देने वाले हॉर्मोन्स जैसे कि ऑक्सिटोसीन का बनना कम हो जाता है। हमारे मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमिटर्स होते हैं जो विशेष रूप से सेरोटोनिन, डोपामाइन या नोरेपाइनफिरिन हार्मोन खुशी और आनंद की भावनाओं को प्रभावित करते हैं।
लेकिन डिप्रेशन की वजह से यह इम्बैलेंस हो जाते हैं, जिस वजह से लोग अवसाद के शिकार बन जाते हैं।
डिप्रेशन के लक्षण
जो लोग डिप्रेशन से गुजर रहे होते हें उन्हें भी नहीं पता होता है कि वे डिप्रेशन में हैं। अगर आपको अपने किसी करीबी में ये नीचे बताए गए लक्षण दिखे तो तुरंत उनकी लक्षणों की पहचान करके उनकी मदद के लिए आगे आएं।
- अचानक से शांत रहना और नियमित रुटीन के एक्टिविटी में पार्टीसिपेट नहीं करना। धीरे-धीरे अपने करीबियों से कट जाना।
- बात-बात पर गुस्सा करना, दुखी रहना।
- नेगेटिव बाते करना।
- अवसाद के रोगी भीतर से हमेशा बेचैन से दिखाई देते हैं।
- ज्यादा सोना या बहुत कम सोना।
- कभी ज्यादा खाना खाना तो कभी भूखा रहना।
- अचानक से वजन बढ़ना या घटना।
- छोटी-छोटी बातों पर झल्लाकर जवाब देना।
- एकाग्रता में कमी।
- खोया-खोया सा रहना।
डिप्रेशन की पीछे हो सकती है ये वजह
- किसी करीबी की मृत्यु की दुख की वजह से
- एग्जाम का रिजल्ट खराब आना।
- किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की वजह से
- आर्थिक तौर पर नुकसान पहुंचने की वजह से
-ब्रेकअप की वजह से
- पारिवारिक गृह क्लेश की वजह से
डिप्रेशन से कैसे बाहर निकलें?
- हमेशा मुस्कुराते रहें।
- लोगों से ज्यादा से ज्यादा घुलने मिलने की कोशिश करें।
- हमेशा पॉजिटिव सोच रखें।
- बच्चों के साथ खेलें।
- हर कोई बात हुई है तो लोगों से शेयर करें।
- अपने करीबी लोगों से खुलकर बातें करें।
- डॉग या दूसरा कोई पालतू जानवर पालें।
- डॉक्टर की सलाह लें।
- रोजाना धूप में बैठें, इससे डिप्रेशन का खतरा कम होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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