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मधुमेह के लिए प्रभावकारी 7 घरेलू उपचार
वर्तमान जीवन शैली में डाइबिटीज़ बड़ी तेज़ी से फ़ैल रहा है जिसे जीवन शैली में सुधार करके तथा स्वस्थ आहार लेकर प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। इस बीमारी में रक्त में शर्करा का स्तर उच्च हो जाता है जिसके कारण शरीर की इन्सुलिन उत्पादन क्षमता प्रभावित होती है या शरीर प्रभावी रूप से इन्सुलिन का उपयोग नहीं कर पाता।
मधुमेह के बारे में 10 मिथक
हालाँकि ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए कई उपचार उपलब्ध हैं वहीं इसके लिए कई घरेलू उपचार भी उपलब्ध हैं। यहाँ ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए 10 प्रभावी घरेलू उपचार बताए गए हैं जिनके द्वारा आप डाइबिटीज़ के साथ भी एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

#1 तुलसी की पत्तियां
तुलसी की पत्तियां एंटीऑक्सीडेंटस और आवश्यक तेल से समृद्ध होती है जो यूग्नोल, मिथाइल यूगेनोल और केरियोफिलीन का उत्पादन करते हैं। सामूहिक रूप से ये यौगिक पैंक्रियाटिक बीटा कोशिकाओं (वे कोशिकाएं जो इन्सुलिन का संग्रहण और स्त्राव करती हैं) को उचित तरीके से कार्य करने में तथा इन्सुलिन के प्रति संवेदनशील बनाने में सहायक होते हैं।
सलाह: तुलसी की दो तीन पत्तियां या एक टेबलस्पून तुलसी का रस खाली पेट लेने से ब्लड शुगर का स्तर घटता है।

#2 अलसी के बीज
अलसी में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जिसके कारण यह फैट और शुगर का उचित अवशोषण करने में सहायक होता है। अलसी के बीज डाइबिटीज़ के मरीज़ की भोजन के बाद की शुगर को लगभग 28 प्रतिशत तक कम कर देते हैं।
सलाह: प्रतिदिन सुबह खाली पेट अलसी का चूर्ण गरम पानी के साथ लें।

#3 बिलबेरी (नीलाबदरी) पौधे की पत्तियां
आयुर्वेद में कई सदियों से बिलबेरी की पत्तियों का उपयोग डाइबिटीज़ को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा है। हाल ही में जर्नल ऑफ न्यूट्रीशियन में बताया गया कि बिलबेरी की पत्तियों में एंथोसियानइदीन उच्च मात्रा में पाया जाता है जो ग्लूकोज़ परिवहन और वसा के चयापचय में शामिल विभिन्न प्रोटीन की कार्यदक्षता को बढ़ाते हैं। इस अद्वितीय गुण के कारण बिलबेरी की पत्तियां रक्त शर्करा के स्तर को कम करने के लिए उत्कृष्ट हैं।
सलाह: बिलबेरी की पत्तियों को ओखली और मूसल में पीसें और प्रतिदिन खाली पेट इस सत्व की 100 मिलीग्राम मात्रा का सेवन करें।

#4 दालचीनी
दालचीनी के नाम से भी जाना जाने वाला यह पदार्थ इन्सुलिन की संवेदनशीलता को बढ़ाता है तथा रक्त में ग्लूकोज़ के स्तर को कम करता है। प्रतिदिन आधा टी स्पून दालचीनी का सेवन करने से इन्सुलिन की संवेदनशीलता बढ़ती है तथा वज़न नियंत्रित होता है, जिससे हृदय रोग की संभावना कम होती है।
सलाह: ब्लड शुगर के स्तर को कम रखने के लिए एक महीने तक अपने प्रतिदिन के आहार में 1 ग्राम दालचीनी शामिल करें।

#5 ग्रीन टी
अन्य चाय पत्तियों की तरह ग्रीन टी अन्फर्मेंट होती है तथा इसमें पॉलीफ़िनाल घटक उच्च होता है। पॉलीफिनॉल एक मज़बूत एंटीऑक्सीडेंट और हायपो ग्लास्मिक यौगिक होता है जो ब्लड शुगर के स्त्राव को नियंत्रित करता है तथा शरीर को इन्सुलिन का उचित उपयोग करने में सहायता देता है।
सलाह: गर्म पानी में ग्रीन टी की एक बैग 2-3 मिनिट तक डुबाकर रखें। बैग निकालें तथा इस चाय का एक कप सुबह या भोजन के पहले पीयें।

#6 ड्रमस्टिक (अमलतास) की पत्तियां
मुनगे के नाम से भी पहचाने जाने वाले इस पौधे की पत्तियां उर्जा बढ़ाने के लिए जानी जाती हैं। डाइबिटीज़ के मामले में मुनगे की पत्तियां संतृप्ति को बढ़ाती हैं तथा भोजन के टूटने की प्रक्रिया को (पाचन प्रक्रिया) धीमा करती है और ब्लड शुगर के स्तर को कम करती है।
सलाह: ड्रमस्टिक की कुछ पत्तियां लें। उन्हें धोकर उनका रस निकालें। एक चौथाई कप रस लें तथा ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रण में रखने के लिए प्रतिदिन सुबह खाली पेट इसे पीयें।

#7 नीम
भारत में प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले नीम की पत्तियों में आश्चर्यजनक औषधीय गुण पाए जाते हैं। नीम इन्सुलिन संग्राहक संवेदनशीलता को बढ़ाता है, रक्त वाहिकाओं को प्रसारित करके रक्त परिसंचरण में सुधार लाता है, ब्लड ग्लूकोज़ के स्तर को कम करता है तथा हाइपोग्लास्मिक औषधियों पर निर्भरता कम करता है।
सलाह: उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने के लिए नीम की कोमल पत्तियों का रस खाली पेट पीयें।



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