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क्या केला खाने से डायबिटीज के मरीजों का शुगर लेवल बढ़ जाता है?
केले के बारे में तो आप सभी जानते ही होंगे कि केला हेल्दी फलों में से एक होता है क्योंकि स्वादिष्ट होने के अलावा इसमें प्रोटीन और एमिनो एसिड के साथ साथ वो सारे विटामिन्स और मिनरल्स भी पाए जाते हैं जो हमारे शरीर को हेल्दी बनाए रखने के लिए जरुरी है। केला हेल्दी कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है जिसकी वजह से यह हमें पूरे दिन उर्जावान रखता है।
केले में जितने भी तरह के कार्बोहाइड्रेट होते हैं वो लगभग सारे शुगर के ही रूप में होते हैं जिसकी वजह से यह मीठा होता है। अक्सर ऐसे लोग जिन्हें डायबिटीज की समस्या होती है वो इन फलों को खाना छोड़ देते हैं वो मानते हैं कि केला उनके लिए अच्छा नहीं है। तो आइये हम शुगर के रोल को समझते हैं कि क्यों डायबिटिक डाइट में भी हम केले को इस्तेमाल कर सकते हैं।

पहले डायबिटिक मैनेजमेंट में शुगर के रोल को समझते हैं :
डायबिटीज में शुगर हमारे ब्लड से मसल्स तक नहीं पहुँचता है जिसकी वजह से ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। सामान्यतः जब कोई व्यक्ति किसी ऐसे फ़ूड को खाता है जिसमें शुगर होता है तो यह शुगर उनके शरीर के पाचनतंत्र द्वारा ब्लड में पहुँचता है और वहाँ से बॉडी मसल्स में पहुंचकर हमें ऊर्जा प्रदान करता है। लेकिन जिनको डायबिटीज है उनमें शुगर उनके ब्लड से मसल्स तक नहीं पहुँचता और उनके ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है।

केले का सेवन :
अगर आपको डायबिटीज है और जब आपका डॉक्टर आपको डायबिटीज के दौरान मीठा यानी शुगर खाने के लिए मना करता है तो आपको केला छोड़ने की कोई जरुरत नहीं है वो भी सिर्फ इसलिए कि वह मीठा होता है, आप सिर्फ रिफाइंड शुगर से परहेज करें।
आपको बता दें कि नेचुरल शुगर जो फलों आदि में होता है और रिफाइंड शुगर, जिसको आप डेली अपने चाय में मिलाते हैं, दोनों में बहुत फर्क होता है। केला में जो शुगर होता है वो भी एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट ही होता है और ज्यादातर फूड्स में जिसमें केला भी शामिल है, कई तरह के कार्बोहाइड्रेट होते हैं।
इसलिए आप ग्लाइसीमिक इंडेक्स के द्वारा यह चेक कर सकते हैं कि आपके द्वारा खाये गये खाद्य पदार्थ का आपके ब्लड शुगर लेवल पर कितना फर्क पड़ता है।

ग्लायसेमिक इंडेक्स यह बताता है कि कार्बोहाइड्रेट युक्त फ़ूड आपके ब्लड ग्लूकोज लेवल को कितना बढाता है। रिफाइंड शुगर, जिसको हम डेली इस्तेमाल करते हैं उसका ग्लायसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा होता है जिससे ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। केले का ग्लायसेमिक इंडेक्स बहुत ही कम होता है जिसका मतलब है कि अगर आपको डायबिटीज भी है तो भी आप केले को अपने रोज के डाइट में शामिल कर सकते हैं।
आप शायद नहीं जानते हैं कि केला बहुत ही मीठा होता है लेकिन उसका ग्लायसेमिक इंडेक्स बहुत ही कम होता है जिसका मतलब है कि डायबिटीज होने के बावजूद भी अगर आप केला खाते हैं तो आपके ब्लड शुगर लेवल पर बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। इसलिए आप केले को अपने डाइट में ले सकते हैं, इससे आपको कोई भी नुकसान नहीं होगा।
अमेरिकन डायबिटिक एसोसिएशन के अनुसार दुनिया में जितने भी तरह के फल होते हैं उन सभी फलों में कार्बोहाइड्रेट होता है लेकिन कार्बोहाइड्रेट होने के अलावा कई तरह के न्यूट्रीयेंट्स भी उनमें होते हैं इसलिए आपको डायबिटीज होने के बावजूद भी अपने डाइट में केला को शामिल करना चाहिए।
अगली बार जब भी आप डायबिटीज सेफ स्नैक लें तो बिना किसी डर के आप केले को भी उसमें लीजिये। याद रखिये जो भी खाद्य पदार्थ आप आपने डायबिटिक डाइट प्लान में शामिल करें तो सबसे पहले उसका कार्बोहाइड्रेट काउंट और ग्लायसेमिक लोड जरुर मोनिटर कर लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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