डायबिटीज रोगियों के लिए साइलेंट हार्ट अटैक सबसे बड़ा खतरा, जानें इसके पीछे मुख्य वजह

हार्ट अटैक एक ऐसी बीमारी है जो कभी भी हो सकती है, आप ये सोंच सकते हैं कि आप दिखने में स्वस्थ हैं और आपको हार्ट अटैक नहीं हो सकता, लेकिन जरूरी नहीं है कि जो दिखने मे फिट नजर आ रहा है उसका दिल भी स्वस्थ हो, इसका पता तो आपको इस साल हार्ट अटैक से होने वाली मौतों से हो गया होगा, जिनमें कई सेलेब्रिटीज भी शामिल थे, जो सामने से बिल्कुल हेल्दी नजर आ रहे थे लेकिन दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई थी। जिनमें सिंगर केके, कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव भी शामिल हैं। हार्ट फेल्योर होने के कई कारण हो सकते हैं, उनमें टाइप 2 डायबिटीज भी शामिल है।

जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या होती है उनको साइलेंट हार्ट अटैक होने के चासेंज होते हैं। ये किसी को भी हो सकता है, लेकिन डायबिटीज रोगियों में होने की संभावना ज्यादा होती है। हल्का दर्द, बेचेनी, ये सब इतना मामूली हो सकता है कि आपको शायद इसका अहसास भी ना हो, जिसे आप यू ही टेंशन या गैस की समस्या समझकर टाल देते हैं, लेकिन ये हार्ट फेल्योर की निशानी हो सकती है।

मामूली लक्षण के साथ आता है साइलेंट हार्ट अटैक

मामूली लक्षण के साथ आता है साइलेंट हार्ट अटैक

दिल का दौरा आने के कई लक्षण होते हैं, जैसे सीने में दर्द और दबाव महसूस होना, हाथ में गर्दन या जबड़े में दर्द महसूस होना। लेकिन मधुमेह रोगियों में दिखने वाले लक्षण काफी सामान्य होते हैं जिसे वो इग्नोर कर देते है, जो उनके लिए समस्या बनाता है।

साइलेंट हार्ट अटैक क्या है?

साइलेंट हार्ट अटैक क्या है?

साइलेंट हार्ट अटैक, या साइलेंट मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन (SMI), दिल का दौरा है जिसमें कोई खास तरह के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। यही वजह है कि सिमटम्स नजर नहीं आने के कारण रोगी इस बात से अनजान रहता है कि उसको हार्ट से रिलेटेस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि रोगी उठने वाले लक्षण को फ्लू, काम की वजह से हाथ और गर्दन में हल्का दर्द या फिर पेट में गैस की समस्या समझ लेते हैं।

यहां ये कहना जरूरी है कि टाइप 2 मधुमेह रोगियों को अगर इस तरह के हल्के लक्षण भी दिखाई दिये तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए, क्योंकि ऐसा ना करने से उनके जोखिम बढ़ जाते हैं।

 इन वजहो से आता है साइलेंट हार्ट अटैक

इन वजहो से आता है साइलेंट हार्ट अटैक

रिसर्च के मुताबिक, टाइप 2 डायबिटीज रोगियों को इस संकेतों को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आपको टाइप 2 मधुमेह का ट्रीटमेंट करते हुए अपनी लाइफ स्टाइल हेल्दी की हुई है तो इसकी निगरानी करना भी महत्वपूर्ण हैं।

टाइप 2 डायबिटीज साइलेंट हार्ट अटैक के खतरे को इस तरह से बढ़ाता है-

ब्लड शुगर का लेवल बढ़ना, हाई कोलेस्ट्रॉल और मोटापा होना भी साइलेंट हार्ट अटैक की संभावना बढ़ा देता है।

यहां ये कहना जरूरी है कि टाइप 2 मधुमेह रोगियों को अगर इस तरह के हल्के लक्षण भी दिखाई दिये तो तुरंत डाॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए, क्योंकि ऐसा ना करने से उनके जोखिम बढ़ जाते हैं।

Story first published: Tuesday, December 20, 2022, 18:21 [IST]
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