दिमाग के सिकुड़ने से बढ़ती है भूख

By Staff

Human brain
शोधकर्ताओं के मुताबिक मानसिक विकृति के शिकार लोगों के दिमाग का आकार सिकुड़ कर कम हो जाता है। यही वजह है कि ऐसे लोग बहुत ज्यादा खाते हैं। इस शोध ने इस बीमारी की पहचान और इलाज की दिशा में नया रास्ता प्रशस्त किया है। आस्ट्रेलिया के 'न्यूरोसाइंस रिसर्च' के शोधकर्ता ओलिवियर पिग्वेट के नेतृत्व में हुए इस शोध में पहली बार स्पष्ट हुआ है कि मानसिक विकृति (पागलपन) के शिकार लोगों में भूख को नियंत्रित करने वाला दिमाग का हिस्सा सिकुड़ने लगता है।

ओलिवियर कहते हैं, "हमें लगता है कि दिमाग के इस हिस्से में मौजूद कोशिकाएं मरीज को यह नहीं बता पाती हैं कि वे पर्याप्त भोजन ग्रहण कर चुके हैं।" 'न्यूरोसाइंस रिसर्च' द्वारा जारी किए गए एक वक्तव्य के मुताबिक ऐसे लोग अपनी भूख पर नियंत्रण नहीं रख पाते हैं। वे मीठी चीजें और कार्बोहाइड्रेट की उच्च मात्रा वाला भोजन ग्रहण करते हैं और समाज में अनुचित माने जाने वाले तरीके से खाते-पीते हैं।

ओलिवियर कहते हैं कि ऐसे लोग दूसरों की प्लेट से भोजन चुरा लेते हैं, इन्हें प्यालाभर चीनी की तलाश रहती है और यह सब कुछ खा जाते हैं। कुछ लोग तो घर का सामान जैसे कलम तक खा जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब इस परेशानी की वजह जानने के बाद इसके इलाज की दिशा में काम किया जा सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Tuesday, November 16, 2010, 14:00 [IST]
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