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दिमाग के सिकुड़ने से बढ़ती है भूख

ओलिवियर कहते हैं, "हमें लगता है कि दिमाग के इस हिस्से में मौजूद कोशिकाएं मरीज को यह नहीं बता पाती हैं कि वे पर्याप्त भोजन ग्रहण कर चुके हैं।" 'न्यूरोसाइंस रिसर्च' द्वारा जारी किए गए एक वक्तव्य के मुताबिक ऐसे लोग अपनी भूख पर नियंत्रण नहीं रख पाते हैं। वे मीठी चीजें और कार्बोहाइड्रेट की उच्च मात्रा वाला भोजन ग्रहण करते हैं और समाज में अनुचित माने जाने वाले तरीके से खाते-पीते हैं।
ओलिवियर कहते हैं कि ऐसे लोग दूसरों की प्लेट से भोजन चुरा लेते हैं, इन्हें प्यालाभर चीनी की तलाश रहती है और यह सब कुछ खा जाते हैं। कुछ लोग तो घर का सामान जैसे कलम तक खा जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब इस परेशानी की वजह जानने के बाद इसके इलाज की दिशा में काम किया जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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