कद्दू खाने के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ

कद्दू हमारे घर में बनाई जाने वाली आम सब्‍जी है लेकिन हम फिर भी इसे अपनी फेवरेट सब्‍जी के रूप में उल्‍लेख नहीं करते। यह बहुत ही स्‍वास्‍थ्‍य वर्धक सब्‍जी है जिसे हम नजरअंदाज कर देते हैं। भारत में कद्दू की कई प्रजातियां पाई जाती हैं जिन्हें उनके आकार-प्रकार और गूदे के आधार पर मुख्य रूप से सीताफल, चपन कद्दू और विलायती कद्दू के वर्गों में बांटा जाता है। हमारे यहां विवाह जैसे मांगलिक अवसरों पर कद्दू की सब्जी और हलवा आदि बनाना-खाना शुभ माना जाता है। उपवास के दिनों में फलाहार के रूप में भी इससे बने विशेष पकवानों का सेवन किया जाता है।

लोगों में यह भी गलत धारणा है कि कद्दू मीठा होता है इसलिये इसे मधुमेह रोगी नहीं खा सकते। यह बात बिल्‍कुल गलत है। शरीर के इन्‍सुलिन लेवल को बढाना कद्दू का काम होता है इसलिये आइये जानते हैं कद्दू के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के बारे में।

Pumpkin

कद्दू के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ-

1. एंटीऑक्‍सीडेंट से भरा- कद्दू में मुख्य रूप से बीटा केरोटीन पाया जाता है, जिससे विटामिन ए मिलता है। पीले और संतरी कद्दू में केरोटीन की मात्रा अपेक्षाकृत ज्यादा होती है। बीटा केरोटीन एंटीऑक्सीडेंट होता है जो शरीर में फ्री रैडिकल से निपटने में मदद करता है।

2. ठंडक पहुंचाए- कद्दू ठंडक पहुंचाने वाला होता है। इसे डंठल की ओर से काटकर तलवों पर रगड़ने से शरीर की गर्मी खत्म होती है। कद्दू लंबे समय के बुखार में भी असरकारी होता है। इससे बदन की हरारत या उसका आभास दूर होता है।

3. मन को शांति पहुंचाए- कद्दू में कुछ ऐसे मिनरल्‍स होते हैं जो दिमाग की नसों को आराम पहुंचाते हैं। अगर आपको रिलैक्‍स होना है तो आप कद्दू खा सकते हैं।

4. हृदयरोगियों के लिये- आहार विशेषज्ञों का कहना है कि कद्दू हृदयरोगियों के लिए अत्यंत लाभदायक है। यह कोलेस्ट्राल कम करता है, ठंडक पहुंचाने वाला और मूत्रवर्धक होता है।

5. मधुमेह रोगियों के लिये- कद्दू रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करता है और अग्न्याशय को सक्रिय करता है। इसी कारण चिकित्सक मधुमेह रोगियों को कद्दू खाने की सलाह देते हैं। इसका रस भी स्वास्थ्यवर्धक माना गया है।

6. आयरन से भरपूर्ण- कई महिलाओं में आयरन की कमी हो जाती है जिससे उन्‍हें एनीमिया हो जाता है। तो ऐसे में कद्दू सस्‍ता भी पड़ता है और पौष्टिक भी होता है। कद्दू के बीज भी आयरन, जिंक, पोटेशियम और मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं।

7. फाइबर- इसमे खूब रेशा यानी की फाइबर होता है जिससे पेट हमेशा साफ रहता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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