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तेज दिमाग और मजबूत हड्डी के लिये खाएं झींगा मछली
झींगा मछलियाँ एक समुद्री भोजन के रूप में बहुत पसंद की जाती हैं। इसका नियमित सेवन करने से हड्डियां मजबूत बनती हैं, दिमाग तेज होता है, वजन नियंत्रित रहता है और दिल की बीमारी में रोक लग जाती है। झींगा मछलियाँ सभी महासागरों में पायी जाती हैं। ये चट्टानी, रेतीले, या दलदली सतहों पर, समुद्री तटरेखा से लेकर महाद्वीपीय पट्टी के किनारे दूर-दूर तक रहती हैं। झींगा मछली खाने से त्वचा पर जल्दी झुर्रियां नहीं पड़ती, कैंसन विरोधी होती है और कई रोगो से लड़ती है।
वे लोग जो अपनी डाइट से कैलोरी को बिल्कुल खत्म करने की सोंच रहे हैं, उनके लिये झींगा मछली अच्छा ऑपशन है। इसमें शून्य कार्ब हेाता है और बिल्कुल भी कैलोरी नहीं होती। अगर पोषक तत्वों की बात की जाए तो इसमें आपको प्रोटीन, विटामिन, न्यूट्रियंट्स और खूब सारा पानी मिलेगा पर हां इसमें हल्का सा वसा भी होता है। तो अगर आपको हेल्दी बॉडी चाहिये तो झींगा मछली को अपने आहार में शामिल कर लीजिये।

वजन कम करे
दैनिक आहार में कार्बोहाइड्रेट जोड़े बिना, झींगा प्रोटीन और विटामिन डी का एक बड़ा स्रोत है। इसलिए, वज़न कम करने का निश्चय करने वाले लोगों के लिए यह साधारण सीफूड एक लोकप्रिय विकल्प है।

झुर्रिया भगाए
त्वचा की उम्र बढ़ाने करे के लिए धूप मुख्य कारकों में से एक है। बिना सुरक्षा के धूप और यूवीए में केवल कुछ मिनटों का एक्सपोज़र ही झुर्रियाँ और धब्बें पैदा कर सकता है। दैनिक अथवा साप्ताहिक आहार में झींगा शामिल करने से लोग अपनी त्वचा को सुंदर बना सकते हैं और समय के साथ थकने वाले चेहरे से साल कम कर सकते हैं। दाग-धब्बों और झुर्रीदार त्वचा से परेशान लोगों को इन अपरिहार्य प्रभावों को कम करने के लिए सप्ताह में एक बार झींगा कॉकटेल का सेवन करना चाहिए।

आयु से संबंधित मस्कुलर डीजनरेशन दूर करे
अध्ययनों से यह पता चला है कि झींगे में हेपरिन जैसा यौगिक होता है जो नियोवैस्क्यूलर के इलाज में मदद करता है। झींगे में पाया जाने वाला एस्टेक्सेंथिन आँखों की थकान से राहत दिलाता है विशेष रूप से उन्हें जो अधिक समय तक कंप्यूटर का उपयोग करते हैं।

बलों का झड़ना रोके
झींगे में पाए जाने वाले खनिज हमारे बालों के स्वास्थ्य में भी योगदान करते हैं! जिंक की कमी होने से बाल झड़ सकते हैं। बाल और त्वचा कोशिकाओं सहित नइ कोशिकाओं के निर्माण में जिंक प्रमुख भूमिका निभाता है। इसलिए, जिनके बाल झड़ने शुरु हो रहे हैं या फिर जिनके बाल कम बढ़ रहे हैं, झींगा उन लोगों को उस शर्मनाक वास्तविकता से बचा सकता है।

हृदय रोग
एक लोकप्रिय भोजन, फरमेंटेड झींगा पेस्ट में फाइब्रिनोलिटिक एंज़ाइम उपस्थित होता है जो थ्रोंबोलिटिक थेरेपी में इस्तेमाल हो सकता है। थ्रोंबोलिटिक थेरेपी किसी व्यक्ति की रक्त वाहिकाओं में खतरनाक खून के थक्कों को तोड़ने का एक तरीका है। झींगा पेस्ट में पाया जाने वाला एंज़ाइम हृदय रोग के खतरों से लड़ने के लिए एक प्रभावशाली उपकरण हो सकता है जिससे दुनियाभर में अनेक लोग पीडि़त हैं। इसके अलावा, झींगे में पाया जाने वाला उच्च स्तरीय ओमेगा 3 फैटी एसिड खून में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को समाप्त करता है जो आगे जाकर दिल के दौरे और स्ट्रोक की संभावना को भी कम करता है।

हड्डियों को मजबूत करे
झींगे में उपस्थित प्रोटीन और कैल्शियम फोसफोरस जैसे विभिन्न विटामिन तथा मैग्नीशियम बोन डिजेनरेशन के खिलाफ लड़ने में प्रभावशाली रूप से सहायक हो सकते हैं। आहार में प्रोटीन और विटामिन की कमी बोन क्वालिटी, हड्डियों, हड्डियों की ताकत और सम्पूर्ण हड्डियों में कमी पैदा कर सकती है जो आॅस्टियोपोरोसिस के मुख्य लक्षण हैं। अपने दैनिक या साप्ताहिक आहार में झींगा शामिल करने से आप हड्डियों के कमज़ोर होने के प्रभाव को कम कर सकते हैं जिससे कि आप लंबे समय तक ताकतवर बने रहें।

दिमाग बढाए
झींगे में उच्च स्तरीय लौह खनिज होता है जो हीमोग्लोबिन में ऑक्सीजन के साथ संबंध प्रक्रिया बनाने के लिए प्रमुख घटक है। इस प्रणाली में अतिरिक्त लोहे के साथ मांसपेशियों में अधिक ऑक्सीजन प्रवाह हो सकता है जिससे शक्ति और सहनशीलता मिलती है जबकि मस्तिष्क में अतिरिक्त आक्सीजन प्रवाह से समझ, स्मृति और एकाग्रता की वृद्धि देखी जा सकती है। अध्ययनों से यह पता चला है कि झींगे में पाया जाने वाला एस्टेक्सेंथिन स्मृति प्रदर्शन के सुधार, मस्तिष्क कोशिकाओं के अस्तित्व और ब्रेन इनफ्लेमेटरी रोगों के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है।

थायराइड हार्मोन बढाए
इसके अलावा, झींगा आयोडीन का एक अच्छा स्रोत है जो मानव शरीर को थायराइड हार्मोन बनाने में सहायता करता है। बदले में थायराइड हार्मोन शैशव और गर्भावस्था के दौरान मस्तिष्क के विकास के लिए आवश्यक होते हैं।

कैंसर से बचाए
झींगे में एस्टेक्सेंथिन नामक कैरोटीनॉयड होता है जो कई प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक होता है। इसमें सेलेनियम भी होता है जो एक ट्रेस मिनरल है और निम्न स्तर के कैंसर जैसे प्रोस्टेट तथा फेफड़ों के कैंसर से जोड़ा गया है।

मसिकधर्म के दर्द को कम करे
सभी कालेस्ट्राल समान रूप से नहीं बने होते हैं और झींगा, ओमेगा 3 फैटी एसिड नामक कालेस्ट्राल के एक लाभकारी प्रकार का स्रोत है। यह ओमेगा 6 फैटी एसिड के अच्छी तरह से अध्ययन किए गए नकारात्मक प्रभावों को संतुलित करता है और महिलाओं में मासिक धर्म ऐंठन के उन्मूलन में सहायता करता है तथा रकत धाराओं में कालेस्ट्राल के अन्य हानिकारक प्रकारों को कम करके प्रजनन के लिए स्वस्थ रक्त प्रवाह को बढ़ावा देता है।

फूड एलर्जी:
विभिन्न प्रकार के सीफूड जैसे झींगा से एलर्जी हो सकती है। ध्यान रखें, जब भी आप मछली के नए प्रकार का इस्तेमाल करें या फिर अपने आहार मे तेज़ी से वृद्धि करें, तो अप्रत्याशित प्रकार की एलर्जी हो सकती है।



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