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शाकाहारी बनने के साइड इफेक्ट्स
ऐसे कई लोग हैं जो किसी ना किसी कारण से शाकाहारी बन चुके हैं। यह कारण स्वास्थ्य, धार्मिक प्रतिबद्धता और पशु कल्याण के लिए चिंता दिखाने के लिये भी हो सकते हैं। केवल शाकाहारी आहार खाना और मांसाहार को कड़ी तरह से बंद कर देने से आपके शरीर को कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी झेलनी पड़ सकती हैं।
भले ही सोंचने में बहुत अच्छा लगता हो, कि अब तो मैं वेजिटेरियन बन चुका हूं और अब मेरा मांसाहारी खाने से कोई लेना देना नहीं है, तो आपको एक बार और दिमाग लगा कर सोंच लेना चाहिये कि क्या शाकाहारी भोजन आपके शरीर के लिये आवश्यक सभी पोषणों को पूरा कर रहा है।
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रिसर्च के मुताबिक यह बात सामने आइ है कि आपके शरीर में कुछ ऐसी बड़ी बीमारियां होने के चांस बढ जाते हैं, अगर आप पूरी तरह से शाकाहारी हैं तो। यह बात हमेशा से लोग बोलते आ रहे हैं कि वेजिटेरियन्स मीट खाने वाले लोगों के मुताबिक ज्यादा दिनों तक जिंदा रहते हैं। पर बोल्डस्काई की इस इंफार्मेशन को बढने के बाद आप इन बातों को भूल जाएंगे। तो चलिये देखते हैं कि शाकाहारी बनने के क्या-क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।

कोलेस्ट्रॉल
मेडिकल रिसर्च के मुताबिक कहा गया है कि जो लोग वेजिटेरियन होते हैं उनका कोलेस्ट्रॉल लेवल बहुत कम होता है, जो कि मनुष्य के शरीर के लिये अच्छा नहीं होता। लो कोलेस्ट्रॉल की वजह से आपकी मृत्यु जल्द हो सकती है।

विटामिन B12
विटामिन B12 हरी साग-सब्जियों में बहुत कम पाया जाता है इसलिये अगर इसकी पूर्ती शरीर में नहीं होगी तो, आप हमेशा थके थके से रहेगें क्योंकि यह एनर्जी पैदा करती है।

हड्डियों का कमजोर होना
हड्डी मजबूत बनाने के लिये कई तरह के विटामिनों की आवश्यकता पड़ती है जो वेजिटेरियन आकार में कम पाया जाता है।

ओमेगा फैट का लेवल
ओमेगा 3 फैटी एसिड दिल की मजबूती में योगदान देता है और यह तत्व आसानी से वेजिटेरियन खाने में नहीं मिलता।

खून की कमी
अगर भरपूर्ण आइरन चाहिये तो रेड मीट और मछली का सेवन करना शुरु कर दीजिये। खून की कमी से एनीमिया हो जाता है।

कैल्शियम की कमी
जो लोग ज्यादा दूध या दही नहीं खाते उन्हें ठीक तरह से कैल्शियम नहीं मिल सकता। कैल्शियम केवल डेयरी प्रोडक्ट में पाया जता है इसलिये अगर आप उसे नहीं खाएंगे तो आपकी हड्डियों में मजबूती नहीं आएगी।

जिंक की कमी
रोग प्रतिरोधक क्षमता को जिंक बढाता है। जो लोग वेजिटेरियन होते हैं उन्हें जिंक की कमी हो सकती है क्योंकि जिंक केवल रेड मीट से ही प्राप्त किया जा सकता है।

दिल का रोग
वेजिटेरियन बनने से दिल को बड़ा नुकसान होता है। आलू और चावल में पाया जाने वाला स्टार्च खून में ग्लूकोज को तुरंत बढा देता है जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ जाता है।

मधुमेह
वेजिटेरियन खाना जो बहुत सारे तेल, मसाले, सॉस, बटर और चीज के साथ मिक्स कर के बनाया गया हो, उसे खाने से मधुमेह की समस्या पैदा हो जाती है।



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