Latest Updates
-
Putrada Ekadashi Vrat Katha: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, पूरी होगी संतान से जुड़ी हर कामना -
Putrada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को दें पुत्रदा एकादशी की शुभकामनाएं -
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी
शाकाहारी बनने के साइड इफेक्ट्स
ऐसे कई लोग हैं जो किसी ना किसी कारण से शाकाहारी बन चुके हैं। यह कारण स्वास्थ्य, धार्मिक प्रतिबद्धता और पशु कल्याण के लिए चिंता दिखाने के लिये भी हो सकते हैं। केवल शाकाहारी आहार खाना और मांसाहार को कड़ी तरह से बंद कर देने से आपके शरीर को कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी झेलनी पड़ सकती हैं।
भले ही सोंचने में बहुत अच्छा लगता हो, कि अब तो मैं वेजिटेरियन बन चुका हूं और अब मेरा मांसाहारी खाने से कोई लेना देना नहीं है, तो आपको एक बार और दिमाग लगा कर सोंच लेना चाहिये कि क्या शाकाहारी भोजन आपके शरीर के लिये आवश्यक सभी पोषणों को पूरा कर रहा है।
क्या हेल्दी है : फल या फलों का जूस?
रिसर्च के मुताबिक यह बात सामने आइ है कि आपके शरीर में कुछ ऐसी बड़ी बीमारियां होने के चांस बढ जाते हैं, अगर आप पूरी तरह से शाकाहारी हैं तो। यह बात हमेशा से लोग बोलते आ रहे हैं कि वेजिटेरियन्स मीट खाने वाले लोगों के मुताबिक ज्यादा दिनों तक जिंदा रहते हैं। पर बोल्डस्काई की इस इंफार्मेशन को बढने के बाद आप इन बातों को भूल जाएंगे। तो चलिये देखते हैं कि शाकाहारी बनने के क्या-क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।

कोलेस्ट्रॉल
मेडिकल रिसर्च के मुताबिक कहा गया है कि जो लोग वेजिटेरियन होते हैं उनका कोलेस्ट्रॉल लेवल बहुत कम होता है, जो कि मनुष्य के शरीर के लिये अच्छा नहीं होता। लो कोलेस्ट्रॉल की वजह से आपकी मृत्यु जल्द हो सकती है।

विटामिन B12
विटामिन B12 हरी साग-सब्जियों में बहुत कम पाया जाता है इसलिये अगर इसकी पूर्ती शरीर में नहीं होगी तो, आप हमेशा थके थके से रहेगें क्योंकि यह एनर्जी पैदा करती है।

हड्डियों का कमजोर होना
हड्डी मजबूत बनाने के लिये कई तरह के विटामिनों की आवश्यकता पड़ती है जो वेजिटेरियन आकार में कम पाया जाता है।

ओमेगा फैट का लेवल
ओमेगा 3 फैटी एसिड दिल की मजबूती में योगदान देता है और यह तत्व आसानी से वेजिटेरियन खाने में नहीं मिलता।

खून की कमी
अगर भरपूर्ण आइरन चाहिये तो रेड मीट और मछली का सेवन करना शुरु कर दीजिये। खून की कमी से एनीमिया हो जाता है।

कैल्शियम की कमी
जो लोग ज्यादा दूध या दही नहीं खाते उन्हें ठीक तरह से कैल्शियम नहीं मिल सकता। कैल्शियम केवल डेयरी प्रोडक्ट में पाया जता है इसलिये अगर आप उसे नहीं खाएंगे तो आपकी हड्डियों में मजबूती नहीं आएगी।

जिंक की कमी
रोग प्रतिरोधक क्षमता को जिंक बढाता है। जो लोग वेजिटेरियन होते हैं उन्हें जिंक की कमी हो सकती है क्योंकि जिंक केवल रेड मीट से ही प्राप्त किया जा सकता है।

दिल का रोग
वेजिटेरियन बनने से दिल को बड़ा नुकसान होता है। आलू और चावल में पाया जाने वाला स्टार्च खून में ग्लूकोज को तुरंत बढा देता है जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ जाता है।

मधुमेह
वेजिटेरियन खाना जो बहुत सारे तेल, मसाले, सॉस, बटर और चीज के साथ मिक्स कर के बनाया गया हो, उसे खाने से मधुमेह की समस्या पैदा हो जाती है।



Click it and Unblock the Notifications